the truth behind ram janambhoomi

राम जन्मभूमि का सच

माननीय उच्चतम न्यायालय ने मन्दिर मस्जिद विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने का नवीनतम निर्देश जारी किया है। जहां हिन्दू संगठनों ने इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया है। कुछ मुस्लिम संगठन भी इसे आपसी रजा मन्दी से हल किये जाने के पक्ष में हैं, परन्तु कुछ कट्टर पंथी लोग इसका समाधान चाहते ही नहीं हैं और न्यायालय के निर्णय को ही प्रमुखता दे रहें हैं। इतना ही नहीं वामपंथी इतिहासकारों ने अयोध्या के मन्दिर मस्जिद मुद्दे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट को गुमराह करने की पहले भी कोशिश की थी। अदालत द्वारा निर्णय दिए जाने के बाद भी इरफान हबीब और उनकी टीम सच मानने को तैयार नहीं रहे। अयोध्या मुद्दे पर राजनेताओं से कृतकत्य होने के चक्कर में इतिहासकारों ने इस स्पष्ट विषय को और विवादित बना दिया है। 6 दिसंबर को ढांचा गिरने के उपरांत जब न्यायालय के संरक्षण में खुदाई हुई, उसमें मंदिरों का मलवा, खंडित मूर्तियां एवं फर्श के अवशेष निकले थे। लेकिन तथाकथित इतिहासकारों ने तब भी विवाद को सुलझने नहीं दिया था।