लेखक परिचय

रवि कुमार छवि

रवि कुमार छवि

(भारतीय जनसंचार संस्थान)

Posted On by &filed under कविता.


-रवि कुमार छवि-
poem

तू मोहब्बत है मेरी,
तू मेरी संगिनी है।
तू इमारत का वो हिस्सा है,
जिस पर मेरे ख्वाब टिकते हैं।
तू वो आशियाना है,
जहां मेरी उम्मीदें रहती है।
तेरी मुस्कराहटें,
मेरी आवारगी है।
तेरी खामोशी,
मेरी बैचेनी है।
तेरी खुशी,
मेरी जिंदगी है।
तेरी इबादत,
मेरी आस्था है।
तेरे लफ्ज़,
मानो शायरी की किताब।
तेरी आंखें जैसे,
संमदर की लहरें।
तू बारिश की बूंद,
मैं, बादल।
तू किताब,
मैं, क़लम।
तू नहीं तो,
मैं, नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *