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    Homeसाहित्‍यकविताशरीर का घाव

    शरीर का घाव

    कितना कष्टकारी होता है—
    शरीर के हिस्से का घाव
    जिसे होता है
    वह इसका दर्द जानता है।
    दर्द असह्य होता है
    तब चला- फिरा नहीं जाता ;
    तब मित्र बार-बार सलाह देंगे कि
    फलाँ दवा ले लीजिए।
    किसी ने कहा- साइलेसिया- 200 मिलीग्राम
    किसी ने फरमाया—
    सिफ्रान सीटी , पेरासिटामोल और
    विटामिन सी एंड मल्टीविटामिन कैप्सूल लेना शुरू कर दें।
    पत्नी ने कहा—
    गर्म पानी से सेंक देती हूँ ।
    एक अन्य ने कहा—
    हाथ- पैर में तेल लगा दूँ
    ताकि घाव का दर्द और
    जलन कम हो सके।
    लेकिन आराम तो नहीं है
    शायद धीरे-धीरे होगा।
    जीवन के आँगन में
    जब विपरीत परिस्थितियों के घाव
    आने लगते हैं
    तब इसी तरह
    मित्र, पत्नी एवं अन्य लोग
    काम आते हैं
    तब थोड़ा कष्ट जरूर
    कम हो जाता है।
    –पंडित विनय कुमार

    पंडित विनय कुमार
    पंडित विनय कुमार
    हिंदी शिक्षक शीतला नगर

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