इस कोरोना ने सड़कों को सुनसान कर दिया।

चार मुक्तक आज के संदर्भ में।

इस कोरोना ने सड़कों को सुनसान कर दिया।
हर इंसान को घर में अब बन्द कर दिया।।
अब इंसान आराम नहीं,रोजी रोटी चाहता।
इस आराम ने भी इंसान को परेशान कर दिया।।

कुछ सिखाकर यह दौर भी गुजर जाएगा।
उम्मीद रकखो अच्छा वक़्त भी आएगा।।
रहता नहीं वक़्त एक सा किसी इंसान का।
कल आज में और आज कल में बदल जाएगा।।

उम्मीद पर दूनिया कायम इसे मत छोड़ो।
बुरा वक़्त आया है,अखरोट की तरह फोडो।।
बुरा या अच्छा वक़्त टिका नहीं जिंदगी मै।
अच्छा वक़्त जरूरआएगा,उम्मीद मतछोड़ो ।।

इसने मजदूरों को बेरोजगार कर दिया।
शहरों को खाली कर,गावों की ओर कर दिया।।
उद्योग धंधे भी मजदूर बिन न चल पायेगे।
अब इस कोरोना ने यह सिद्ध कर दिया।।

आर के रस्तोगी

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