manabआज

हरेक के जेब में मानव

हरेक के पेट में मानव

पेट से निकला है मानव

पेट से परेशान  है मानव

अन्तरिक्ष में क्रीड़ा कर रहा है मानव

सड़क पर लेटा है मानव

जोड़ – घटाव में व्यस्त है मानव

वैरागी बन रहा है मानव

मशीन बन रहा है मानव

समुद्र की लहरें गिन रहा है मानव

महामानव बनाने में जुटा है मानव

न्यूट्रान बम बना रहा है मानव

विश्व शांति की बात कर रहा है मानव

अपने ही घर में रोज  लड़ रहा है मानव

अच्छी-अच्छी बातें कर रहा है मानव

बुरे-बुरे काम कर रहा है मानव

सचमुच,

मानव के अस्तित्व के लिए आज

परेशानी का सबब बन रहा है मानव  !

1 thought on “आज का मानव

Leave a Reply

29 queries in 0.367
%d bloggers like this: