तलघर, कोषागार तथा मकान में लिफ्ट के लिए वास्तु सिद्धांत एवं वास्तुदोष निवारण

तलघर (बेसमेंट)- मकान में बेसमेंट कभी सम्पूर्ण भूखण्ड में नहीं करवाना चाहिए। वास्तुशास्त्र में मकान का उत्तरी एवं पूर्वी स्थान दक्षिणी एवं पश्चिमी स्थान की अपेक्षा नीचा होना चाहिए अतः बेसमेंट मकान के उत्तर एवं पूर्व में बनाना चाहिए। दक्षिण एवं पश्चिम दिशा मं बनाए गए बेसमेंट अत्यंत कष्टदायक होते हैं। यदि किसी निर्मित मकान में दक्षिण या पश्चिम दिशा में बेसमेंट पहले से ही बना हुआ हो तो उसका उपयोग भारी सामान रखने या गैराज के लिए करना चाहिए। बेसमेंट का प्रवेश द्वार पूर्व दिशा में ईशान कोण की ओर या दक्षिण दिशा में आग्नेय कोण की ओर या पश्चिम दिशा के वायव्य कोण की ओर या उत्तरी दिशा में ईशान कोण की ओर होना चाहिए। बेसमेंट कभी भी चूल्हे के आकार का नहीं बनवाना चाहिए क्योंकि यह अशुभ फलदायक होता है। इससे मकान का नाश होता है तथा मकान में रहने वालों का जीवन कष्टमय हो जाता है।


कोषागार का स्थान-

1. धार्मिक ग्रंथ एवं वास्तुशास्त्र में उत्तर दिशा का स्वामी कुबेर को माना गया है। इसलिए धन संपत्ति एवं महत्वपूर्ण कागजात आदि रखने के लिए कोषागार बनाने के लिए सबसे उत्तम दिशा उत्तर माना गया है।

2. तिजोरी को कभी भी ईशान कोण वाले कमरे में नहीं रखना चाहिए। ईशान कोण में तिजोरी होने से धन की हानि होती है।

3. वास्तु सिद्धांत के अनुसार आग्नेय कोण में तिजोरी रखने से अनावश्यक धन खर्च होता है।

4. तिजोरी को नैऋत्य कोण में रखने से कुछ समय के लिए धन की वृद्धि होती है परंतु कुछ समय बाद ही यह धन किसी कुकर्म या चोरी आदि के कारण नष्ट हो जाता है।

5. यदि कोषागार का अलग कमरा बनाना संभव नहीं हो तो इस कार्य में प्रयोग की जाने वाली अलमारी, सेफ या तिजोरी आदि को मकान के उत्तर दिशा में बने कमरे में रखना चाहिए।

6. कोषागार या उत्तर दिशा के कमरे में रखी तिजोरी कमरे के दक्षिण या पूर्व एवं दक्षिण या पश्चिम कोणों के अतिरिक्त दक्षिण दिशा में इस प्रकार रखना चाहिए कि तिजोरी का द्वार उत्तर की ओर खुले साथ ही यह दीवार से दो या तीन इंच दूर हो।


मकान में लिफ्ट के लिए आवश्यक वास्तुशास्त्र-

1. लिफ्ट मकान में उत्तर ईशान या पूर्व दिशा में लगवानी चाहिए।

2. लिफ्ट के लिए दक्षिण दिशा या नैऋत्य कोण अधिक उपयोगी मानी गई है।

3. मकान के बीच भाग में कभी भी लिफ्ट नहीं लगवानी चाहिए।

Leave a Reply

%d bloggers like this: