लेखक परिचय

केशव आचार्य

केशव आचार्य

मंडला(म.प्र.) में जन्‍म। माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से प्रसारण पत्रकारिता में एमए तथा मीडिया बिजनेस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल कीं। वर्तमान में भोपाल से एयर हो रहे म.प्र.-छ.ग. के प्रादेशिक चैनल में कार्यरत।

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-केशव आचार्य

क्या जिंदगी है और भूख है सहारा

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा

सौ करोड़ बुलबुले जाने शाने गुलिस्तां थी

उन बुलबुलों के कारण उजडा चमन हमारा

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा

पर्वत ऊंचा ही सही, लेकिन पराया हो चुका है

न संतरी ही रहा वह,ना पासवां हमारा

गोदी पे खेलती हैं हजार नदियां, पर खेलती नहीं हैं

जो तड़फती ही रहती हैं, कुछ बोलती नहीं हैं,

बेरश्क हुआ गुलशन, दम तोड के हमारा

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा

अब याद के आलावा गंगा में रहा क्या है

कितनों ने किया पानी पी पी के गुज़ारा

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा

मज़हब की फ्रिक किसको और बैर कब करें हम

है भूखी नंगी जनता गर्दिश में है सितारा

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा

यूनानो, मिश्र, रोमां जो कब के मिट चुके

उस क्यू मे हम खड़े हैं नंबर लगा हमारा

जिंदगी की गाड़ी रेंगती है धीरे धीरे

घर का चिराग अपना, दुश्मन हुआ हमारा

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा

(बरबस ही याद हो आया फिर भी मेरा देश महान)

4 Responses to “क्या जिंदगी है और भूख है सहारा…..सारे जहां से अच्छा”

  1. firoz

    wo bhookh se maraa tha fut pe pada tha chaadar utha ke dekha to pet pe likh tha …sare janhaa se achcha ….sare janhaa se achcha ……sare janhaa se achcha ……sare janhaa se achcha hindustaan hamara.

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  2. nandkishor kushwah

    acchi rachna hai acharya ji………suchmuch hindustan ke asli marm ko chune wali rachna hai…..itne dard hone ke baad bhi hum kehte hain….SARE JAHAN SE ACCHA HINDOSTAN HAMARA…

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  3. श्रीराम तिवारी

    shriram tiwari

    केशव नेतन अस करी ;जस ओरु न कराय .
    रहे पराये खेत में ‘अपनी भेंस चराय

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  4. shriram tiwari

    सिर्फ हंगामा ही खड़ा करना ;{तेरा} मकसद नहीं .
    तेरी फितरत हो की ये सूरत बदलनी चाहिए .
    =***=
    हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए .
    इस हिमालय से कोई गंगानिकलनी चाहिए .
    =***=
    मेरे सीने में न सही ;तेरे सीने में सही .
    हो आग कहीं भी लेकिन जलनी चाहिए .

    Reply

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