लेखक परिचय

जावेद उस्मानी

जावेद उस्मानी

कवि, गज़लकार, स्वतंत्र लेखक, टिप्पणीकार संपर्क : 9406085959

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धुंधली आँखे
घायल पाँखे
अब और बसेरा कितनी दूर
बचकर
चुगती थी
दानो को संयम से
निर्दोष श्रम से
जाने कैसे हो गयी फिर भी
घायल पाँखे
और उस पर बसेरा कितनी दूर
बाट तकें नन्ही आँखे
कुछ आशा से
कुछ अभिलाषा से
और यहाँ हो गयी माँ की घायल पाँखे
अब और बसेरा कितनी दूर
सूरज ठहरे जो
कुछ पल और
अंको में छुपा लेती
भूखे तन को दुलारा लेती
घायल पाँखे
बस और बसेरा कितनी दूर
जावेद उस्मानी

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