यह भारत उदय का संकेत है

यह उस मानसिकता के समर्थक हैं जो नारे लगाते हैं भारत तेरे टुकड़े होंगे, याकूब और अफजल जैसे आतंकवादियों को बचाने यह रात के 2 बजे सर्वोच्च न्यायालय की ओऱ दौड़ लगाते हैं , वन्देमातरम और भारतमाता की जय बोलने का यह विरोध करते हैं।बावरी विद्यन्स पर यह विधवा विलाप करते हैं और गोधरा पर जशन मनाते हैं।

योगी संत महात्मा यह तो भारत की पहचान हैं,इनके बिना भारत की हिन्दुस्थान की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। इस दृष्टि से किसी योगी का भारत के एक सूबे का मुख्यमंत्री बनाया जाना हर्ष का विषय होना चाहिए।लेकिन अफसोश की बात है देश के कुछ तथाकथित बुद्धजीवी छदम धर्मनिर्पेछता वादी लोगों के पेट में इससे मरोड़ उठ रही है।एक बार फिर इस देश के शांतिपूर्ण माहौल मैं जहर घोला जा रहा है। यह वही लोग हैं जिन्हें भगवा से परहेज है , भगवाधारी को यह आतंकवादी कहते हैं। यह उस मानसिकता के समर्थक हैं जो नारे लगाते हैं भारत तेरे टुकड़े होंगे, याकूब और अफजल जैसे आतंकवादियों को बचाने यह रात के 2 बजे सर्वोच्च न्यायालय की ओऱ दौड़ लगाते हैं , वन्देमातरम और भारतमाता की जय बोलने का यह विरोध करते हैं।बावरी विद्यन्स पर यह विधवा विलाप करते हैं और गोधरा पर जशन मनाते हैं। इन्हे भारत का नवजागरण कतई पसन्द नहीं आ रहा, यह इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि कैसे भारत के एक मुस्लिम बहुल्य सूबे के मुसलमानों ने राष्ट्र वादी दल के प्रति अपनी आस्था यक्त कर दी । ऐसे कथित बुद्धजीवियों को नहीं भूलना चाहिए क़ि भगवा भारत की आत्मा हैं। इसी भगवाचोले को पहन वीर शिवाजी गुरु गोविंद सिंह जैसे महानायकों ने भारत की आन बान और शान की रक्छा की थी यह भगवा परम्परा भारत की महान संत परम्परा ,पराक्रम और शौर्य का प्रतीक रही है।याद किजिए स्वामी विवेकानंद को यही भगवा चोला पहन कर स्वामी ने शिकागो की विश्व धर्म संसद में पूरी दुनिया को भारत के ज्ञान स्वाभिमान के सामने नतमस्तक होने को मजबूर कर दिया था। इस परंपरा को अंगीकार करने वाला कोई योगी भारत के किसी प्रान्त का मुख्यमंत्री बना है तो यह भारत उदय का संकेत है,यह प्रवल राष्ट्रवाद की विजय है,यह समय है उत्सव मनाने का । इससे तनिक भी विचलित होने की जरुरत नहीं की कौन क्या कह रहा है,जब लम्बे सूखे के बाद बरसात होती है तो मेढक टर्राते ही है लेकिन उनकी यह टर्राहट कुछ देर की होती है।हाँ इतना जरूर है इन भारत विरोधियों से सावधान रहने की जरूरत अवश्य है। यह माहौल गन्दा करें उससे पहले इन्हे इन्ही की भाषा में जवाब देना जरूरी है।

Leave a Reply

%d bloggers like this: