यह तूफानी कार्यवाही का समय है योगी जी

गौतम बुद्ध नगर, गाज़ियाबाद, बुलंदशहर, आगरा, मेरठ, बरेली, लखनऊ सहित दर्जनों अन्य जिलों में माया सिंडिकेट के पास लाखों करोड़ की संपत्ति है और यही हाल मुलायम सिंडिकेट का है। मोदी सरकार और योगी सरकार दोनों को मिलकर इन दोनों सिंडिकेट की लूट के खिलाफ गहन जांच और कार्यवाही करानी होगी अन्यथा इनकी विश्वसनीयता और नीयत खतरे में पड़ जाएगी। यह सुखद है योगी आदित्यनाथ ने चीनी मिल घोटाले की जांच के आदेश दे दिए हैं और एन आर एच एम एवं यादव सिंह के खिलाफ जांच तेज हुई है

आयकर विभाग भी जनता और सरकार की आँखों में धूल ही झोंकता रहता है। कल विभाग ने मायावती के भाई आनंद की कंपनियो का सर्वे किया। कारण विभाग को शक है कि आनंद ने बड़ी मात्रा में कालाधन बनाया है। कितना हास्यास्पद है कि जब हम काफी समय पूर्व ही मौलिक भारत के माध्यम से आनंद और यादव सिंह की जुगलबंदी और सैकड़ो फर्जी कंपनियो के सबूत काले घन पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी एस आई टी, सी बी आई, अन्य जांच एजेंसियो केंद्र और यू पी सरकार सहित मीडिया को भी दे चुके हैं उसके बाद भी उथली और दिखाबे की कार्यवाही करना जनता की आँखों में धूल झोंकने के समान है। सच तो सबको ही पता है कि मायावती ने अपने शासनकाल में बेतरह लूट मचाई और अपने भाई और यादव सिंह जैसी सेकड़ो कठपुतलियों के माध्यम से लाखों करोड़ का माल बनाया और सेकड़ो फर्जी कम्पनियों के माध्यम से सफ़ेद कर देश विदेश में निवेश किया। सन् 2009 में स्वयं भाजपा ने मायावती के 20 लाख करोड़ रुपयों के सेकड़ो घोटाले खोले थे और लोकायुक्त में अनेक शिकायतें भी दर्ज करायी थीं किंतू चुनाव बाद सब बिसरा दीं। सन् 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद मोदी सरकार भी मायावती के खिलाफ जांच में ढीली ही दिखी। यह जगजाहिर है कि जेपी समूह और बेब समूह के साथ मायावती की साझेदारी है और इसके अलावा भी दर्जनों बड़े बड़े बिल्डरों के साथ माया ने स्वयं या अपने प्यादों के माध्यम से अपना अवैध पैसा लगाया है।

गौतम बुद्ध नगर, गाज़ियाबाद, बुलंदशहर, आगरा, मेरठ, बरेली, लखनऊ सहित दर्जनों अन्य जिलों में माया सिंडिकेट के पास लाखों करोड़ की संपत्ति है और यही हाल मुलायम सिंडिकेट का है। मोदी सरकार और योगी सरकार दोनों को मिलकर इन दोनों सिंडिकेट की लूट के खिलाफ गहन जांच और कार्यवाही करानी होगी अन्यथा इनकी विश्वसनीयता और नीयत खतरे में पड़ जाएगी। यह सुखद है योगी आदित्यनाथ ने चीनी मिल घोटाले की जांच के आदेश दे दिए हैं और एन आर एच एम एवं यादव सिंह के खिलाफ जांच तेज हुई है किंतू सभी शहरों के प्राधिकरणों से जुड़े बिल्डरों की लूट बड़ी भयावह है जिसके खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही योगी सरकार ने नहीँ की है। नोयडा, ग्रेटर नोयडा, यमुना एक्सप्रेसवे, गाज़ियाबाद और लखनऊ प्राधिकरणों का तो पिछले पंद्रह बर्षों का हर आदेश अपने आप में एक घोटाला है, जिसमे पंचम तल की खुली भागीदारी रही है।अभी ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य,परिवहन, सार्वजनिक निर्माण, उद्योग, आबकारी, कर आदि आदि विभागों के बड़े बड़े घोटाले सामने आने वाले है। आवश्यक है कि योगी सरकार उन पर प्रभावी कार्यवाही बिना किसी दबाब के करे। उदाहरणतः नोयडा में सिटी सेंटर की दो तिहाई जमीन बेब ग्रुप ने भाजपा की सरकार बनते ही प्राधिकरण को वापस कर दी ऐसा जांच के डर से किया गया। इस समूह में यू पी के सभी बड़े अधिकारियों की पत्ती पड़ी हुई है। यू पी के स्वास्थ्य विभाग में सेकड़ो डॉक्टर फर्जी प्रोन्नति लेकर दुगनी तिगनी तनख्वाह ले रहे हैं। यू पी के विद्यालयों में दो तिहाई प्रवेश फर्जी हैं और उनके नाम पर मोटी लूट चल रही है, सभी भर्तियां और स्थानांतरण पैसों के लेनदेन से हुए हैं आदि आदि।
मौलिक भारत उत्तर प्रदेश सरकार की सभी मंत्रालयों और विभागों की नीतियों और कार्यवाही पर कड़ी नजर रखेगा और समय समय पर सरकार को चेताता रहेगा।
अनुज अग्रवाल

Leave a Reply

%d bloggers like this: