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    Homeसाहित्‍यलेखघर बैठ कर आनलाईन कर सकते है माता रानी के दर्शन

    घर बैठ कर आनलाईन कर सकते है माता रानी के दर्शन

    दुल्हन की तरह सजा शक्ति का अवतार मां वैष्णवों देवी का धाम
    भगवत कौशिक –

    हजारों सालों से अनेक धर्म और जातियों को समेटकर भारत आस्था और संस्कृति की खूबसूरत इबारत लिखता रहा है। पूरे विश्व में भारत की संस्कृति और धर्म की अपनी अलग ही पहचान है। भारत में ऐतिहासिक स्थलों और मंदिरों की भरमार है। बहुत से ऐसे ऐतिहासिक धार्मिक स्थल हैं, जहां हमेशा सैंकड़ों मील दूरी का सफर तय करके हजारों-लाखों की तादात में श्रद्धालु अपनी मुराद लेकर पहुंचते हैं। हर स्थल का अपना अपना इतिहास और धार्मिक महत्त्व है।आज हम आपको माता वैष्णो देवी धाम के बारे मे विस्तार से बता रहे है –
    माता वैष्णो देवी, कटरा – जम्मू
    हिन्दुओं के पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक वैष्णो देवी मंदिर जम्मू-कश्मीर में कटरा की पहाड़ियों में स्थित है।पहाड़ी से कटरा का दृश्य भी अत्यंत सुंदर नजर आता है, माँ की पवित्र गुफा जम्मू के उत्तर में 61 km की दुरी पर समुद्र तट से 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार वैष्णो देवी, शक्ति के अवतार वैष्णवी को समर्पित है। यह मंदिर मां दुर्गा पर आस्था और श्रद्धा की एक बहुत बड़ी मिसाल है। मान्यता है कि देवी वैष्‍णो यहां पर बनी एक गुफा में आकर छिपी थीं और उन्होंने एक राक्षस का वध किया था। वैष्णो देवी मंदिर का मुख्‍य आकर्षण गुफा में रखे तीन पिंड है।कहते हैं माँ वैष्णो देवी के इस सच्चे दरबार में जो भक्त सच्चे दिल से आता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है। माँ वैष्णो धाम में सभी भक्त अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। इस पवित्र स्थल पर बहुत दूर-दूर से लाखों-करोड़ो श्रद्धालु माँ के दर्शन करने आते हैं।
    स्वर्ग जैसा दिखाई देता है माँ वैष्णो देवी धाम
    कटरा की पहाड़ियों में बसी मां वैष्णो देवी के दरबार का नजारा बिल्कु‍ल स्वर्ग जैसा नजारा है। इस स्थान पर दाएँ तरफ मां काली जी, बाएँ ओर मां सरस्वती जी और मध्य में मां लक्ष्मी जी एक पिंडी के रूप में गुफा में विराजित है। इन तीनों के सम्मि‍लित रूप को ही मां वैष्णो देवी का रूप कहा जाता है।
    दुल्हन की तरह सजा कटरा व मां का दरबार
     नौ दिवसीय त्यौहार के लिए इस बार माता के दरबार को बेहद सुंदर साज सजावट की गई है। मंदिर के रास्ते में किए जाने वाले हर रास्ते पर सुंदर सजावट की गई है। कटरा रोशनी से जगमगा रहा है, फूलों की सजावट है और हर तरफ फैली रंग-बिरंगी रोशनी मन मोह रही है। कटड़ा से भवन तक विदेशी फूलों और रंगबिरंगी लाइटे लगाई गई हैं। मां वैष्णो की प्राकृतिक और कृत्रिम गुफाओं को विशेष फल और फूलों से सजाया गया है।
    अपनी मर्जी से भक्तों को दर्शन करने बुलाती है वैष्णो माता
    ऐसी मान्यता है कि, माँ वैष्णो देवी अपने भक्तों को अपनी मर्जी पर दर्शन कराने बुलाती है, इसे माँ का बुलावा कह कर पुकारा जाता है और यह यात्रा अति सुखदायी होती हैं। माता रानी का बुलावा आने पर भक्त किसी न किसी बहाने उनके दरबार में दर्शन के लिए पहुँच ही जाते हैं। एक खास बात ओर, मां वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए उनके दरबार में हर समय हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, लेकिन नवरात्र के पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्‍या में काफी उछाल देखने को मिलता है यानी नवरात्री के दिनों में काफी श्रद्धालु वैष्णो देवी धाम पहुंचते हैं।
    कैसे करें वैष्णो देवी यात्रा की शुरुआत 
    वैष्णो देवी यात्रा की शुरुआत कटरा से होती है, जम्मू पहुंचने के बाद आप जम्मू रेलवे स्टेशन से बस टैक्सी या ट्रैन द्वारा कटरा पहुँच सकते हैं। जम्मू से करीब 2 घंटे में आप आसानी से कटरा पहुँच जाएंगे। कटरा जम्मू जिले का एक गाँव है और जम्मू से कटरा तक की दूरी लगभग 50 कि.मी. है। कटरा पहुंचने के बाद आप थोड़ी देर आराम करके या फिर पूरे दिन में कभी भी वैष्णो देवी की चढ़ाई शुरू कर सकते हैं।
    निशुल्क यात्रा पर्ची से होते है माता रानी के दर्शन
    चढ़ाई करने से पहले आपकों कटरा से ही माता के दर्शन के लिए नि:शुल्क “ यात्रा पर्ची “ मिलती है, यह पर्ची लेना सुविधाजनक एवं अनिवार्य होता है। इसके बाद आपको इस पर्ची की, ‘बाण गंगा’ चैक पॉइंट पर इंट्री करानी होगी, वहाँ आपके सभी सामानों की चैकिंग होने के बाद ही आप माँ वैष्णो के दरबार तक की चढ़ाई प्रारंभ कर सकते हैं। यात्रा प्रारंभ करते समय यात्रियों के लिए जगह-जगह पर खाने-पीने का सामान, चाय-पानी-काफी वगैरह की सुविधा उपलब्ध हैं।
    भैरोबाबा के दर्शन के बिना वैष्णो देवी की यात्रा अधूरी
    माता वैष्णो देवी के भवन से कुछ ऊपर भैरोघाटी स्थित है भैरवनाथ का वध करने पर उसका शीश भवन से 8 किमी दूर जिस स्थान पर गिरा, आज उस स्थान को ‘ भैरोनाथ के मंदिर ‘ के नाम से जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि, भैरवनाथ ने मां से युद्द किया था, लेकिन बाद में क्षमा मांगी थी तो मां वैष्णो ने भैरव को माफ करते हुये यह आशीष दिया था कि मेरे किसी भी भक्त की पूजा जब तक पूरी नहीं होगी जब तक वह मेरे दर्शन के बाद तेरे दर्शन न कर लें। इसलिये ये कहा जाता है कि, भैरोबाबा के दर्शन के बिना वैष्णो देवी की यात्रा अधूरी होती है। माता की पवित्र गुफा के दर्शन करने के बाद भक्त भैरोबाबा जी के दर्शन करने को जरूर जाते हैं।

    बाक्सअब घर बैठे कर सकते है माता वैष्णो देवी के दर्शन
    शारदीय नवरात्रि 2021 शुरू हो चुकी है। हालाँकि, इस वर्ष ये उत्सव वैसा नहीं हो रहा है जैसा कि महामारी के पहले हुआ करता था। उससे पहले हर वर्ष वैष्णो देवी के मंदिर में माता के भक्तों की भीड़ लगी रहती थी। लेकिन महामारी के कहर के कारण अभी ज्यादा भक्त माँ वैष्णो देवी के दर्शन को पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी माँ वैष्णो देवी के भक्त हैं और उनके लाइव दर्शन करना चाहते हैं तो अब आप घर बैठे अपने स्मार्टफ़ोन के जरिए ये काम कर सकते हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भक्तों के लिए देवी के लाइव दर्शन के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया हुआ है।
    कैसे करे ऐप डाऊनलोड
    इस ऐप को माता वैष्णो देवी ऐप कहा जाता है और यह Google के Play Store और Apple के ऐप स्टोर दोनों पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। इस ऐप पर आपको माता वैष्णो देवी की फोटो वाला लोगो दिखेगा। इसके साथ ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट भी है जिस पर आप माँ के दर्शन कर सकते हैं।
    माता वैष्णो देवी ऐप की खासियतें 
    जहां तक ​​माता वैष्णो देवी ऐप की विशेषताओं संबंध है, यह न केवल तीर्थयात्रियों को लाइव दर्शन, आरती और ऑनलाइन यात्रा पंजीकरण प्रदान करेगा बल्कि यह श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य सुविधाएं भी प्रदान करेगा। इसके अलावा, माता वैष्णो देवी ऐप तीर्थयात्रियों को उनकी यात्रा के दिन के लिए यात्रा परची टिकट बुक करने में सक्षम बनाएगा, तीर्थयात्रियों के लिए बैटरी कार जो पैदल यात्रा पूरी नहीं कर सकते हैं। इस ऐप के जरिए आप माता वैष्णो देवी  श्राइन बोर्ड को दान भी दे सकते हैं। भक्त अपने पते पर पूजा प्रसाद भी पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, भक्त अपनी पिछली या आगे की बुकिंग डिटेल्स कभी भी देख सकते हैं।

    भगवत कौशिक
    भगवत कौशिक
    मोटिवेशनल स्पीकर व राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिल भारतीय साक्षरता संघ

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