पंकज  व्‍यास

Author:   पंकज व्‍यास

12वीं के बाद से अखबार जगत में। लिखने-पढने का शुरू से शौक रहा, इसी से किसी वक्त नागदा जं. से प्रकाशित सांध्य दैनिक अग्रिदर्पण से इस क्षेत्र में प्रवेश हुआ। इस फिल्ड में कई जगह काम किया। रतलाम से लेकर इंदौर-भोपाल तक कई जगह खाक छानी, जीवन में कई खट्टे-मीठे अनुभव हुए। पहले केवल लिखता था, लेकिन वक्त के साथ कंप्यूटर सीखा और टाईपिंग से लेकर पेज बनाना, लेआउट देना, ग्राफिक्स बनाना, डिजाइन करना आदि सीख गया, जो मेरे काम आया और हमेशा आता रहेगा। सीखना बदस्तूर जारी है... संस्कृत में एम.एम. किया है। अंग्रेजी में करने की चाहत है। सामाजिक-राजनीतिक और आध्यात्मिक विषयों पर लिखना पसंद है। दिल का दर्द कविता में उड़ेलता हूं, अव्यवस्था पर व्यंग्य-बाण चलाता हूं। समाज के अनछुए पहलुओं पर लिखता हूं। सकारात्मकता व सृजनात्मकता मेरा शौक है, इसी को लेखन में आजमाता हूं। अच्छे लोगों को तलाशता हूं, एक अदद साथी की तलाश जारी है... जिंदगी के खेल में दूसरी पारी शुरू की है। फिलवक्त रतलाम, दाहोद और झाबुआ से प्रकाशित दैनिक प्रसारण रतलाम में कार्यरत।

पंकज व्‍यास has posted 7 articles for us.

ऊर्जावान, विवेकवान युवा भारत के लिए आओ करें सूर्य नमस्कार

ऊर्जावान, विवेकवान युवा भारत के लिए आओ करें सूर्य नमस्कार

12 जनवरी को विवेकानंद जयंती मनाई जाती है। स्वामी विवेकानंद को कौन नहीं जानता? उनके बारे में, उनके व्यक्ति के बारे में हर भारतीय भलीभांति परिचित होगा। सब जानते हैं कि किस तरह स्वामी विवेकानंद ने अपने विवेक से, अपनी मेधा से पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति का परचम फहराया। भारत से लेकर शिकांगो सम्मेलन [...]

उल्टा-पुल्टा व्यंग्य / नेताजी का जनम दिन

उल्टा-पुल्टा व्यंग्य / नेताजी का जनम दिन

छुट भैयेजी मनाए जनम दिन। बांटें कंबल, मिठाई, फल-फूल बिस्किट। जनता मारे ताने, सुन मेरे भैये, जनम दिन पर याद नहीं आया होगा सगा बाप। पर, नेताजी का जनम दिन मनाएं धूमधाम। भैये जी क्या समझाए मुई जनता को मेरे यार। खुद का जनम दिन मत मनाओ, पर बड़े नेताजी का जनम दिन तो मनाना [...]

केवल ‘एक लाईन’ लिखने से अखबार वाले जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते – पंकज व्यास

केवल ‘एक लाईन’ लिखने से अखबार वाले जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते - पंकज व्यास

अधिकांश अखबारों में वर्गीकृत, डिस्प्ले क्लासिफ़ाईड विज्ञापनों की भरमार होती है। इनमें आवश्यकता, टयूशन-शिक्षा, ज्योतिष, वास्तुकर, मशीन उपकरण, मोबाईल, खरीदना-बेचना, व्यापारी, ब्यूटी पार्लर-पिटनेस आदि के वर्गीकरण के साथ विज्ञापन प्रकशित किए होते हैं। इन विज्ञापनों में की विज्ञापन ऐसे होते हैं, जिन पर पृथम दृष्टा ही विश्वास नहीं किया जा सकता है और कहा जा [...]

एक पाती ऐसी हम लिखें

एक पाती ऐसी हम लिखें

एक पाती ऐसी हम लिखें, मां भारती के नाम हम लिखें, सो रहे हैं, लोग जो, उनकी चेतना के नाम, गान हम लिखें… एक पाती ऐसी हम लिखें… तिरंगे की आन के लिए, मां भारती की बान के लिए, देश की शान के लिए, जो मिट गए, उनको सलाम हम लिखें, एक पाती ऐसी हम [...]

मोबाइल में ईनाम का मैसेज, कहीं पछताना न पड़ जाए

मोबाइल में ईनाम का मैसेज, कहीं पछताना न पड़ जाए

आप उन खबरों को भूले तो नहीं होंगे, जिनमें ई-मेल के माध्यम से ठगने की घटनाएं प्रकाश में आई थीं। लेकिन, आने वाले दिनों में ठगी के ऐसे प्रकरण सामने आए, जिनका कारण मोबाइल का इन-बॉक्स रहा हो, जो कोई आश्चर्य नहीं। कारण, जिस तरह के मेल ई-मेल पर मिलते रहे हैं, उसी तरह के [...]

व्यंग्य: क्या करें, ये मास्टर मानते ही नहीं…

व्यंग्य: क्या करें, ये मास्टर मानते ही नहीं...

क्या करें साब! ये लोग तो ऐसे नाक-भौं सिंकोड़ रहे हैं, जैसे बहुत बड़ी बात हो गई हो। शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों पर लाठी चार्ज क्या कर दिया, मानो पहाड़ टूट गया, आसमान फट गया, जिसको देखो वो सरकार की आलोचना करने में लगा है। कोई ताने कस रहा है, तो कोई व्यंग्य कर [...]

अब नहीं सुनाई देते संझा के गीत

श्राद्ध पक्ष चल रहा है, साथ ही संझा पर्व का वक्त भी। सांझ के वक्त मदमस्त चलती बयारों के बीच अगर आपका मन मयुर हो उठे और मन करे चित्ताकर्षक हाथ से बनाई संझा के दर्शन की, इच्छा हो संझा गीतों को सुनने की, तो आपको मशक्कत करनी पड़ सकती है, क्योंकि आपकी ये चाहत [...]

36 queries in 0.345 seconds.