लेखक परिचय

एल. आर गान्धी

एल. आर गान्धी

अर्से से पत्रकारिता से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में जुड़ा रहा हूँ … हिंदी व् पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है । सरकारी सेवा से अवकाश के बाद अनेक वेबसाईट्स के लिए विभिन्न विषयों पर ब्लॉग लेखन … मुख्यत व्यंग ,राजनीतिक ,समाजिक , धार्मिक व् पौराणिक . बेबाक ! … जो है सो है … सत्य -तथ्य से इतर कुछ भी नहीं .... अंतर्मन की आवाज़ को निर्भीक अभिव्यक्ति सत्य पर निजी विचारों और पारम्परिक सामाजिक कुंठाओं के लिए कोई स्थान नहीं .... उस सुदूर आकाश में उड़ रहे … बाज़ … की मानिंद जो एक निश्चित ऊंचाई पर बिना पंख हिलाए … उस बुलंदी पर है …स्थितप्रज्ञ … उतिष्ठकौन्तेय

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एल. आर गाँधी

पाकिस्तान में बचे खुचे अल्पसंख्यकों को ‘नेस्तोनाबूद ‘ करने का खेल जारी है. सैंकड़ों हिन्दू परिवार इस्लामिक अत्याचार से दुखी हो कर पलायन कर रहे हैं ..और हमारे सेकुलर शैतान ‘ईद मुबारक ‘में मस्त हैं. पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को मुसलमान बनाने या फिर डराने धमकाने के लिए यू तो शरियत के बहुत से कानून हैं. मगर ईश निंदा का कानून ‘अल्पसंख्यकों’ के लिए एक मौत के फरमान से कम नहीं जिसके तहत किसी भी अल्पसंख्यक को बेवजह बेमौत मार दिया जाता है.

अभी ११ वर्षीया एक ईसाई लड़की को ईश निंदा के आरोप में बंदी बना लिया गया . शुक्रवार को एक मियां ने लड़की पर आरोप लगाया कि उसने कुरआन के १० पन्ने जला दिए …५००-६०० लोगों ने लड़की का घर घेर लिया …इससे पहले कि मज़हबी हुजूम उसे मौत के घाट उतार देता …पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. …३०० ईसाई परिवार अपनी जान बचा कर भागने को लाचार हैं और पुलिस उन्हें भगाने में मदद कर रही है. पिछले ६५ साल में पाक में अल्पसंख्यक २५% से घटते घटते महज़ १.६% रह गए हैं और इनमें अधिसंख्या हिन्दुओं की है.

लगभग यही हाल बंगलादेश का है. बंगलादेश के १९७१ में अस्तित्व में आने के वक्त हिन्दुओं कि आबादी ३६% थी जो अब महज़ ९ % रह गई है . अपनी ओर से तो इंदिरा जी ने बंगला देश बनाने में इस लिए मदद की थी कि पड़ोस में एक ‘सेकुलर मित्र- पडोसी’ होगा. मगर हुआ बिलकुल इसका उल्ट …बंगलादेश से करोड़ों बंगलादेशी मुसलमान आसाम , बंगाल और बिहार में आ घुसे और आज आसाम के मूल निवासिओं को ही उनकी जन्मभूमि से बेदखल करने की साज़िश चल रही है. हमारे सिंह साहेब २२ साल से आसाम के ‘घुसपैठिये’ हैं और अभी तक उन्हें असाम कि समस्या समझ में नहीं आ रही.

सिंह साहेब हम समझाते हैं आप को आसाम की मूल समस्या … यह है कश्मीर से आसाम तक ‘मुगलस्तान ‘बनाने की ‘जिन्ना’ की पुरानी योजना. . बंगलादेश में जहाँगीर नगर युनिवर्सटी में मुगलस्तान रिसर्च इंस्टीच्युट ने पाक से असाम तक मुग्लिस्तान बनाने कि योजना बनाई है. उस योजना के तहत ही देश का मुस्लिम समाज आज आसाम के घुसपैठिये मुसलमानों के साथ खड़ा नज़र आ रहा है. मुंबई, उत्तरप्रदेश ,आन्ध्र, दिल्ली और कर्णाटक की सेकुलर सरकारों को ‘लकवा’ मार गया है मुसलमानों का यह रूप देख कर …. लकवा से पीड़ित सेकुलर शैतान … अपने इन शैतानो को खुश करने के लिए टेढ़े मुंह से ही सही … ईद मुबारक का प्रलाप कर रहे हैं…… वतन के पटल पर एक और विभाजन की रेखाएं साफ़ नज़र आ रही हैं. … और हमारे ‘शिखंडी’ राज परिवार के काले कारनामों को छुपाने -बचाने को ही वतनपरस्ती मान बैठे हैं.

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8 Comments on "असाम बनाम मुग्लिस्तान"

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Mohammad Athar Khan, Faizabad Bharat
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Mohammad Athar Khan, Faizabad Bharat
श्री एल आर गाँधी जी, हमेशा की तरह इस बार भी आपने ज़हर ही उगला है. आप लोग किसी पीड़ित व्यक्ति को हिंदू – मुसलमान के चश्मे से क्यों देखते हैं. अन्याय का विरोध होना चाहिए भले वो किसी के साथ हो. आपको पाकिस्तान के हिंदुओं के साथ होने वाला कथित अत्याचार दिखाई दे रहा है लेकिन बर्मा में मुसलमानों के साथ होने वाले अत्यचार से आप बे खबर हैं. पाकिस्तान के हिंदू हों या बर्मा के मुसलमान भारत के लिए दोनों एक समान होने चाहिए. लेकिन आप लोगों की सोच हिंदुओं तक ही सीमित है. कभी हिंदुस्तान के मुसलमानों… Read more »
एल. आर गान्धी
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क्या पाक के हिन्दुओं की भांति कोई मुसलमान भारत छोड़ भागा है. पाक में हिन्दू २४% से घट कर मात्र १.६% रह गए ,बंगला देश में ३७% से घट कर ७% …लगभग ६-७ करोड़ हिन्दू इस्लामिक आतंक की बलि चढ़ गए…ईद मुबारक

Mohammad Athar Khan, Faizabad Bharat
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Mohammad Athar Khan, Faizabad Bharat
कोई मुसलमान भारत छोड कर नहीं भागा क्योंकि यहाँ मुसलमानों को मार ही दिया जाता है. दुसरे देशों का प्रतिशत आपको अच्छी तरह मालूम है अब ज़रा अपने देश के प्रतिशत पर गौर कीजये. भारत में मुसलामनो की आबादी लगभग १८ – २० % होगी लेकिन सरकारी नौकरियों हिस्सेदारी ३ % सेना में २.५ % और व्यापर में २ % से ज्यादा नहीं है. अपने ही देश में दुसरे दर्जे के नागरिक की तरह जी रहे हैं. कभी कोई सर्कार मुसलमानों की खबर लेती है तो आप जैसे संघी लोग, तुस्टीकरण तुस्टीकरण चिल्लाने लगते हो. आपकी भाजपा मंदिर बनाने का… Read more »
Anil dhakre Tundla
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“मुसलमान भारत छोड कर नहीं भागा क्योंकि यहाँ मुसलमानों को मार ही दिया जाता है” जनाव अगर ऐसा होता तो भारत में मुसलमान की जनसख्या इतनी नहीं होती। रही बात तुस्टिकरण की, तो तुस्टिकरण तो हिन्दुओ के साथ होता है

श्रीराम तिवारी
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में श्री वीरेन्द्र जैन से सहमत हूँ. किसी भी अमानवीय घटना के लिए इस या उस धर्म- मज़हब की निंदा करने के बजाय उस धर्म विशेष के धर्मांध लोगों को बेनकाब किया जाना चाहिए जिस धर्म मज़हब का झंडा खूंखार और दरिंदों के हाथों में है. राष्ट्र निष्ठा तब तक अमूर्त है जब तक उसका अस्तित्व भय-भूंख और असुरक्षा के घेरे में हो, जो दर-दर भटक रहे हों ,जिनके झोपड़े जला दिए गए हों,जिन्होंने अँधेरी डरावनी रातें नंगे आकाश तले गुजारी हों,जिन्हें स्वार्तंध उग्रवादियों ने बर्बाद कर दिया वे चाहे हिन्दू हों , मुसलमान हों, ईसाई हों,बौद्ध हों या किसी… Read more »
वीरेन्द्र जैन
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वीरेन्द्र जैन

किसी धर्म विशेष के अनुयायियों को दोषी मानने की जगह धार्मिक कट्टरतावादियों को दंडित करने के उपाय खोजे जाने चाहिए जो प्रत्येक धर्म की गलत व्याख्या कर में अपने स्वार्थ हल करने के लिए ऐसे खेल खेलते हैं

mahendra gupta
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कोई इलाज नहीं,अपना खून बेशक खौले ,उनका तो बिलकुल ठंडा हो चुका है,

मुकेश चन्‍द्र मिश्र
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बहुत सुंदर लेख पर इसे प्रवक्ता पर प्रकाशित कैसे कर दिया??? प्रवक्ता का संपादक भी एक सेकुलर कीड़ा ही है….

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