दादाजी का डंडा

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दादाजी से झगड़ रहा था, उस दिन टंटू पंडा| मुरगी पहले आई दादा, या फिर पहले अंडा| दादा बोले व्यर्थ बात पर, क्यों बकबक का फंडा| काम धाम कुछ ना करता तू, आवारा मुस्तंडा| इतना कहकर दादा दौड़े, लेकर मोटा डंडा| इससे पूछो मुरगी आया, या फिर‌ पहले अंडा|

सच्चा मित्रः कविता

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सच्चा मित्र‌      झगड़ू बंदर ने रगड़ू,     भालू से हाथ मिलाया|     बोला तुमसे मिलकर तो,     प्रिय बहुत मज़ा है आया|                                    रगड़ू बोला हाथ मिले,      तो मन भी तो मिल जाते|      अच्छे मित्र वही होते,       जो काम समय पर आते|       कठिन समय पर काम नहीं,       जो कभी… Read more »

बदहाली का जीवन जीने को मजबूर है करोड़ों बच्चे

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बाल दिवस पर विशेष – प्रो. ब्रह्मदीप अलुने भारत की कुल आबादी में 18 वर्ष से कम आयु की संख्या लगभग 42करोड़ है। यहां प्रतिवर्ष जन्म लेने वाले कुल 2.6करोड़ बच्चों में से लगभग 20लाख से अधिक बच्चों की मृत्यु हो जाती है, जिनमें से 40प्रतिशत बच्चो की मृत्यु कुपोषण के कारण होती है ।… Read more »

हाथी बड़ा भुखेला

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हाथी बड़ा भुखेला अम्मा, हाथी बड़ा भुखेला| खड़ा रहा मैं ठगा ठगा सा, खाये अस्सी केला अम्मा, खाये अस्सी केला| सूंड़ बढ़ाकर रोटी छीनी, दाल‌ फुरककर खाई| चाची ने जब पुड़ी परोसी, लपकी और उठाई| कितना खाता पता नहीं है, पेट बड़ा सा थैला अम्मा, पेट बड़ा सा थैला| चाल निराली थल्लर थल्लर, चलता है… Read more »

खूबसूरत बच्चा

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बाल कहानीः-शादाब जफर‘‘शादाब‘‘ एक बार अकबर बादशाह ने बीरबल से कहा की बीरबल आज हम दुनिया का सब से खूबसूरत बच्चा देखना चाहते है अतः दरबार में हमारे सामने शाम होने से पहले पहले तुम दुनिया का सब से खूबसूरत बच्चा पेश करो। अगर तुम ऐसा नही कर पाये तो तुम्हे जान से हाथ धोना… Read more »

चुना जायेगा नेता मच्छर‌

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मच्छरजी ने जन्म दिवस पर,किया खूब हो हल्ला| बोला मित्रों के कानों में हँसकर चिल्ला चिल्ला| आज हमारा जन्म दिवस है,तोहफा लेकर आना| बदले में मैं खिलवाऊंगा,अच्छा मँहगा खाना| कई दिनों तक नेताओं का, खून पिया है मैंनें| जमा किया स्विस बैंकों में, जाकर पिछले महीने| अगर गिफ्ट अच्छा लाये, तो वही खून पिलवाऊँ| काले… Read more »

नाना आये

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नाना आये, नाना आये, आज हमारे नाना आये| बोला तो था पिज्जा बर्गर, नाना चना चबेना लाये| ये मनमानी थी नानाकी, नाना की थी ये मनमानी| बात हमारी क्यों ना मानी, करना अपने मन की ठानी| हमने मांगे थे रसगुल्ले, नाना भुना चिखोना लाये| नाना को मैंनेँ बोला था, बोला था मैंनें नाना को आज… Read more »

अनुशासन हीन को सजा

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खड़ी परीक्षा सिर पर थी, दिन शेष बचे थे चार| भालू को पढ़ने न देता, रूम पार्टनर सियार| नोट्स किया करता था भालू, जैसे ही तैयार| फाड़ फूड़ कर सियार भाई, कर देते बेकार| कड़क जेब थी भालूभाई, लाये पेन उधार| जैसे मौका मिला सियार को, पेन कर दिया पार| कष्ट‌ देखकर भालूजी का, सबने… Read more »

हाथी भैया का ब्याह‌

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चूहे के छोटे से बिल में, चार चार हाथी घुस आये| डर के मारे बिल के सारे, चूहे बहुत बहुत घबराये|   तब चूहों के ‘मुखिया दादा’, सभी हाथियों पर चिल्लाये| बहू बेटियों वाले घर में, बिना इजाजत क्यों घुस आये|   हाथी बोले बहू बेटियों , को हम ढेरों तोहफे लाये | बचा एक… Read more »

कौवा और कोयल‌

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रखे टोकरी सिर पर कोयल, इठलाते इठलाते आई| कौवे के घर की चौखट पर, “सब्जी ले ले”  टेर लगाई |   कौवा बोला नहीं पता क्या? कितनी ज्यादा है मँहगाई| सब्जी लेने के लायक अब , नहीं रहा है तेरा भाई|   ऐसा कहकर कौवेजी ने, आसमान में दौड़ लगाई| फिर नीचे आकर मुन्ना की,… Read more »