गुरू ज्ञान पर भारी है गूगल ज्ञान

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सच कहें तो इस कठिन समय का सबसे संकट है एकाग्रता। आधुनिक संचार साधनों ने सुविधाओं के साथ-साथ जो संकट खड़ा किया है वह है एकाग्रता और एकांत का संकट। आप अकेले कहां हो पाते हैं? यह मोबाइल आपको अकेला कहां छोड़ता है? यहां संवाद निरंतर है और कुछ न कुछ स्क्रीन पर चमक जाता है कि फिर आप वहीं चले जाते हैं, जिससे बचने के उपाय आप करना चाहते हैं।

महासंयोग शारदीय नवरात्र 2016 पर

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हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में शारदीय नवरात्र विशेष महत्व रखती है।जिसके कई पौराणीक प्रमाण हमारे धर्म ग्रंथों में बताए गये हैं।नौ दिनो तक चलने वाले नवरात्र के महोत्सव में मां भगवती के नौ रुपों की पूजा-आराधना बड़े ही विधि विधान से की जाती है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रे 2016 में अक्टूबर (शनिवार ) से 10… Read more »

जानिए वर्ष 2016 में दीवाली पूजन का मुहूर्त—

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श्री महालक्ष्मी पूजन व दीपावली का महापर्व कार्तिक कृ्ष्ण पक्ष की अमावस्या में प्रदोष काल, स्थिर लग्न समय में मनाया जाता है. धन की देवी श्री महा लक्ष्मी जी का आशिर्वाद पाने के लिये इस दिन लक्ष्मी पूजन करना विशेष रुप से शुभ रहता है || दीवाली या कहें दीपावली भारतवर्ष में मनाया जाने वाला… Read more »

आगरा में नया सिविल एन्कलेव

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डा. राधेश्याम द्विवेदी आगरा।राज्य सरकार ने आगरा में वायुसेना के एयरपोर्ट पर सिविल एन्क्लेव बनाए जाने को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए जरूरी भूमि को खरीदे जाने के लिए एक अरब 53 करोड़ 67 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। 30… Read more »

यूपी में मस्तिष्क ज्वर का कहर

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डा. राधेश्याम द्विवेदी अच्छा स्वास्थ्य सबसे अधिक मूल्यवान माना जाता है। कई बीमारियां स्वास्थ्य के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं। विभिन्न प्रकार के संक्रमण मानव जाति के लिए कभी-कभार महामारी बन स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। मस्तिष्क ज्वर यानी इन्सेफेलाइटिस ऐसा ही एक दुलर्भ संक्रमण है जो करीबन दो लाख लोगों में से एक आदमी… Read more »

‘पशुधन’ नहीं, ‘धनपशु’ हैं आवारा

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अर्पण जैन ‘अविचल’ शहर में ट्राफ़िक सिग्नल के सामने, अस्पताल में लगे नीम के पेड़ के नीचे, रास्ते के किनारे, कचहरी के खुले बरामदे में, चौराहों के बीचों-बीच, हाँफती रेलवे लाइन पर नेरोगेज रेल के सहारे खड़ा, कभी पोलिथीन तो कभी कूड़ा करकट ख़ाता, कभी शहरी सभ्यता के बीच आ जाता,कभी कुछ ज़हरीला खा लेने… Read more »

सफल जीवन के लिये विश्वास से भरा मन जरूरी

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ललित गर्ग- हम जीवन खुशनुमा तभी बना सकते हैं जब हमारा जिन्दगी के प्रति सकारात्मक नजरिया होता है। हर व्यक्ति की यह स्वाभाविक प्रवृत्ति है कि वह अपने जीवन में सफलता की उच्चतम ऊंचाइयों को छूना चाहता है। उसकी यह नैसर्गिक आकांक्षा होती है कि उसे मनचाही वस्तु मिले, मनचाहा पद मिले, मनचाहा जीवन साथी… Read more »

रियो ओलंपिक से मिलते सबक

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी दुनिया का सबसे बड़ा खेल मेला समाप्‍त हो गया और इसी के साथ हमारी वह सभी उम्‍मीदें भी कि एक कास्‍य, एक सिल्‍वर पदक के बाद कोई और अब गोल्‍ड भी दिला सकता है समाप्‍त हो गईं। यदि इस खेल मेले की पूरी सूची देखें तो भारत बहुत नीचे कहीं नजर आता… Read more »

मनुष्य शरीर ईश्वर व मोक्ष प्राप्ति का साधन भी

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मनुष्य शरीर मल-मूत्र बनाने की मशीन सहित  ईश्वर व मोक्ष प्राप्ति का साधन भी -मनमोहन कुमार आर्य वास्तविक दृष्टि से देखा जाय तो शरीर मल-मूत्र बनाने की एक मशीन ही है। इसको उत्तम-से-उत्तम भोजन या भगवान् का प्रसाद खिला दो तो वह मल बनकर निकल जायगा तथा उत्तम-से-उत्तम पेय या गंगाजल पिला दो तो वह… Read more »

सावधान ! शायद आप सेल्फीटिस की चपेट में हैं ?

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स्व-जागृति : बीती सदियों में जब इंसान सार्थक ज्ञान के सन्निकट पहुँच जाता था तो वह संसारिक झंझावातों से दूर हटकर स्वयं में लीन हो जाता था । जिसे सनातन धर्म में समाधि, जैन धर्म में कैवल्य और बौद्ध धर्म में निर्वाण कहा जाता है । मुख्यतः यह योग का अन्तिम पड़ाव होता है जिसमें… Read more »