यमुना शुद्धीकरण तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल

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डा. राधेश्याम द्विवेदी यमुना निधि के संयोजक तथा श्री गुरु वशिष्ठ मानव सर्वांगीण विकास सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष पण्डित अश्विनी कुमार मिश्र जी ने एक अनूठी पहल शुरु किया है। आगरा में विगत पचीसों साल से यह भागीरथ प्रयास को पंडित श्री मिश्रजी द्वारा किया जा रहा है। इनकी संस्था व इनका जीवन स्वच्छ… Read more »

शहरी कांक्रीट में भटकते जंगली जानवर

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जावेद अनीस ऐसा लगता है कि अपनी रिहाईश को लेकर  इंसान और जंगली जानवरों के बीच जंग सी छिड़ी हुई है. जंगल नष्ट हो रहे हैं और वहां रहने वाले शेर चीते और तेंदुए जैसे शानदार जानवर कंक्रीट के आधुनिक जंगलों में बौखलाए हुए भटक रहे हैं. उनके लिए जंगल और शहर के बीच का… Read more »

स्टीफन हाॅकिंग की चेतावनी को समझने की जरूरत

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प्रमोद भार्गव ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी स्टीफन हाॅकिंग ने मानव अस्त्वि के खतरे से जुड़े व्यापक पर्यावरणीय परिप्रेक्ष्य में जो चेतावनी दी है, उसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। हाॅकिंग ने कहा है कि मानव समुदाय इतिहास के सबसे खतरनाक समय का सामना कर रहा है। यदि जल्दी ही पर्यावरण और तकनीकी चुनौतियों से निपटने… Read more »

विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस पर जोर

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डा. राधेश्याम द्विवेदी पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने एवं लोगो को जागरूक करने के सन्दर्भ में सकारात्मक कदम उठाने के लिए प्रति वर्ष 26 नवम्बर को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम(UNEP) के द्वारा विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस आयोजित किया जाता है. पिछले करीब तीन दशकों से ऐसा महसूस किया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर… Read more »

वायु प्रदूषण से निपटने के लिये  बने सख्त कानून

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जब प्रदूषण स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो स्वास्थ्य के लिए घा तक हो जाता है, और तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याएं जैसे कि फेफड़ों में संक्रमण व आंख, नाक व गले में कई तरह की बीमारियों और ब्लड कैंसर जैसी तमाम घातक बीमारियों को जन्म देता है। अगर क् षेत्र में वायु प्रदूषण मानकों से ज्यादा है तो लोगों को मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए।

हवा की शुद्वता के लिए प्रदूषण के खिलाफ जनान्दोलन छेड़ने की जरूरत

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खेती और किसानों के लिए अहम पराली को संरक्षित करने के बाबत बनाई गई राष्ट्रीय पराली नीति भी राज्य सरकारों के ठेंगा पर दिख रही है। गेहूं, धान और गन्ने की पत्तियां सबसे ज्यादा जलाई जाती है। अधिकृत रिपोर्ट के अनुसार देश के सभी राज्यों को मिलाकर सालाना 50 करोड़ टन से अधिक पराली निकलती है उम्मीदों से भरे प्रदेश उत्तर प्रदेश मे छह करोड़ टन पराली में से 2.2 करोड़ टन पराली जलाई जाती है।

विश्व पशु कल्याण दिवस

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18 राज्यों में गो-हत्या पर पूरी या आंशिक रोक है| ये रोक 11 राज्यों – भारत प्रशासित कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महराष्ट्र, छत्तीसगढ़, और दो केन्द्र प्रशासित राज्यों – दिल्ली, चंडीगढ़ में लागू है| गो-हत्या क़ानून के उल्लंघन पर सबसे कड़ी सज़ा भी इन्हीं राज्यों में तय की गई है| हरियाणा में सबसे ज़्यादा एक लाख रुपए का जुर्माना और 10 साल की जेल की सज़ा का प्रावधान है | वहीं महाराष्ट्र में गो-हत्या पर 10,000 रुपए का जुर्माना और पांच साल की जेल की सज़ा है|

विश्व प्रकृति दिवस 3 अक्तूबर

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वर्तमान परिपेक्ष्य में कई प्रजाति के जीव जंतु एवं वनस्पति विलुप्त हो रहे हैं. विलुप्त होते जीव जंतु और वनस्पति की रक्षा का विश्व प्रकृति दिवस पर संकल्प लेना ही इसका उद्देश्य है. जल, जंगल और जमीन, इन तीन तत्वों के बिना प्रकृति अधूरी है. विश्व में सबसे समृद्ध देश वही हुए हैं, जहाँ यह तीनों तत्व प्रचुर मात्रा में हों. भारत देश जंगल, वन्य जीवों के लिए प्रसिद्ध है.

भारत में वन्य जीवन

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वन्य जीवन प्रकृति की अमूल्य देन है। भविष्य में वन्य प्राणियों की समाप्ति की आशंका के कारण भारत में सर्वप्रथम 7 जुलाई, 1955 को वन्य प्राणी दिवस मनाया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष दो अक्तूबर से पूरे सप्ताह तक वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जाएगा। वर्ष 1956 से वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। भारत के संरक्षण कार्यक्रम की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक

संस्कृति मंत्रालय का स्वच्छ भारत अभियान: 16-30 सितंबर 2016

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डा. राधेश्याम द्विवेदी महात्मा गांधी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था। उन्होंने “स्वच्छ भारत” का सपना देखा था जिसके लिए वह चाहते थे कि भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें। महात्मा गांधी… Read more »