डेंगू से हो रहीं मौतों का आतंक! क्या करें?

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इन दिनों देशभर में हर ओर डेंगू का आतंक। डेंगू से हो रही अकाल मौतों के कारण हर कोई भयभीत है। यहां हमें इस बात को भी समझना होगा कि हमारी लापरवाही के कारण बढते जा रहे गन्दगी के साम्राज्य और गंदे पानी के कारण ही डेंगू फैलाने वाले मच्छर बढ़ रहे है।

डेंगू एक महामारी : हजारों मौत का कारण

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संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश मे डंेगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और वायरल फीवर ने महामारी का रूप ले लिया है। इस महामारी को रोकने के लिये यूपी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जो प्रयास किये जा रहे हैं, वह नाकाफी नजर आ रहे हैं। न कहीं साफ-सफाई नजर आ रही है, न ही डाक्टरों की… Read more »

वायरल फीवर बचाव ही उपचार

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डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ इन दिनों देशभर में वायरल फीवर/बुखार का प्रकोप व्याप्त है। जिसके लक्षण सामान्यत: निम्न हैं :— रोग के सम्भावित लक्षण : थकान, मांसपेशियों या बदन में दर्द, गले में दर्द, सर दर्द, जोड़ो में दर्द, ग्रस्नी/गलकोष (pharynx) में सूजन, आँखो में लाली और जलन का अनुभव, तेज बुखार, सर्दी, खाँसी, दस्त… Read more »

यूपी में मस्तिष्क ज्वर का कहर

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डा. राधेश्याम द्विवेदी अच्छा स्वास्थ्य सबसे अधिक मूल्यवान माना जाता है। कई बीमारियां स्वास्थ्य के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं। विभिन्न प्रकार के संक्रमण मानव जाति के लिए कभी-कभार महामारी बन स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। मस्तिष्क ज्वर यानी इन्सेफेलाइटिस ऐसा ही एक दुलर्भ संक्रमण है जो करीबन दो लाख लोगों में से एक आदमी… Read more »

केंसर एक जानलेवा बीमारी कारण और निदान

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डॉ सौरभ मालवीय आधुनिक जीवन शैली और दोषपूर्ण खान-पान के चलते विश्वभर में हर साल लाखों लोग केंसर जैसे बीमारी की चपेट में आ रहे है और असमय ही काल कवलित हो जाते है, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के बाकी देशों के मुक़ाबले भारत में केंसर रोग से प्रभावितों की… Read more »

एमआरआई जैसी पहल के लिए सरकार का धन्यवाद

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी स्वास्थ्य किसी भी देश के लिए उसकी रीढ़ की हड्डी से कम नहीं। स्वस्थ शरीर देश के विकास में हर संभव योगदान देने का आधार है, यदि यह भी कहा जाए तो कुछ गलत न होगा। दुनिया के तमाम देशों ने अपने यहां की आवाम के लिए जिन बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान… Read more »

मौजूदा चिकित्सा परिदृश्य और आम आदमी का स्वास्थ्य

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मिलन सिन्हा आम आदमी का स्वास्थ्य दिन –पर –दिन गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है. पीने योग्य पानी का अभाव, प्रदूषित हवा और मिलावटी खाद्य पदार्थ ने आम आदमी के जीवन को छोटे- बड़े रोगों से भर दिया है. बच्चे, महिलायें तथा बुजुर्ग इनसे अपेक्षाकृत ज्यादा प्रभावित हैं. आधुनिक चिकित्सा पद्धति को आधार… Read more »

डॉक्टरों की योग्यता पर उठते सवाल?

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एलोपैथिक डॉक्टरों की योग्यता पर अब सवालिया निशान उठने शुरू गय हैं और क्यों न हो जो एलोपैथिक आंकड़े उनकी योग्यता पर सामने आये हैं वो रोमटे खड़े करने वाले हैं। भारत में डॉक्टरों के मामले अकसर सामने आते रहते हैं लकिन जो आंकड़ों से अब हम रूबरू होने जा रहे हैं वो एक दम… Read more »

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा

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डा. राधेश्याम द्विवेदी स्वास्थ्य का तात्पर्य रोगों से मुक्ति मात्र नहीं, निरोगी काया की रचना करना है। ऐलोपैथी हालांकि तुरंत परिणाम का दावा करती है, पर वह रोगों की जड़ समाप्ति की बात नहीं करती। भारत जैसे विशाल देश में, जहां लगभग सत्तर प्रतिशत जनसंख्या आज भी गांवों में रहती है, वैकल्पिक चिकित्सा का ज्ञान,… Read more »

जीवन को बदलो-यही है योग दिवस का उद्घोष

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ललित गर्ग – आज की तेज रफ्तार जिंदगी मनुष्य को अशांति, असंतुलन, तनाव, थकान तथा चिड़चिड़ाहट की ओर धकेल रही हैं, जिससे अस्त-व्यस्तता बढ़ रही है। ऐसी विषमता एवं विसंगतिपूर्ण जिंदगी को स्वस्थ तथा ऊर्जावान बनाये रखने के लिये योग एक ऐसी रामबाण दवा है जो, माइंड को कूल तथा बॉडी को फिट रखता है।… Read more »