मानव शरीर से खिलवाड़ कब तक

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प्रवीण दुबे दुनिया का सबसे बड़ा बाजार और उसका लाभ उठाने की आड़ में तमाम देशी-विदेशी खाद्य सामग्री उत्पादक कम्पनियां और विविध क्षेत्रों में कारोबार करने वाले उद्योगपति आम देशवासियों के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। आखिर सरकार इसको लेकर कड़े नियम क्यों लागू नहीं करती? जो नियम हैं वो केवल कागजों तक… Read more »

भारत में बढ़ता कैंसर !

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मोहम्मद आसिफ इकबाल इंडियन कांउसिल फार मेडिकल रिसर्च के मुताबिक भारत में तंबाकू सेवन से होन वाला कैंसर और सवाईकल कैंसर महामारी की तरह फैल रहा है। हर साल तंबाकू से जुड़े कैंसर के लगभग 3 लाख नए मामले सामने आते हैं। देश में रोज दो हजार लोग इससे मौत के मुंह में समा जाते… Read more »

विश्व हेपेटाइटिस दिवस

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डा- राधेश्याम द्विवेदी हेपेटाइटिस क्या है :- हेपेटाइटिस में लिवर में सूजन आ जाती है। यह परिस्थिति लिवर तक ही सीमित रहती है। कई बार यह गंभीर रूप धारण कर फिब्रोसिस अथवा लिवर कैंसर भी बन सकती है। हेपेटाइटिस वायरस, हेपेटाइटिस होने का सबसे बड़ा कारण होता है। हेपेटाइटिस के पांच मुख्य वायरस होते हैं।… Read more »

विश्व थैलेसिमिया दिवस

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डा. राधेश्याम द्विवेदी हँसने-खेलने और मस्ती करने की उम्र में बच्चों को लगातार अस्पतालों के, ब्लड बैंक के चक्कर काटने पड़ें तो सोचिए उनका और उनके परिजनों का क्या हाल होगा! सूखता चेहरा, लगातार बीमार रहना, वजन ना ब़ढ़ना और इसी तरह के कई लक्षण बच्चों में थेलेसीमिया रोग होने पर दिखाई देते हैं। माता-पिता… Read more »

स्वस्थता के लिये जरूरी है हंसना

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ललित गर्ग आज का जीवन मशीन की तरह हो गया है। अधिक से अधिक पाने की होड़ में मनुष्य न तो स्वास्थ्य पर ध्यान दे पाता और न ही फुर्सत के क्षणों में कुछ आमोद-प्रमोद के पल निकाल पाता। तनाव भरी इस जिंदगी में मानो खुशियों के दिन दुर्लभ हो गये हैं! कई चेहरों को… Read more »

स्वास्थ्य सेवाएं, गरीबों की पहुँच से दूर

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शैलेन्द्र चौहान हमारे यहां स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक महंगी हैं जो गरीबों की पहुँच से काफी दूर हो गयी हैं।  स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, आवास जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं हैं। हमारे देश में गरीबों और अमीरों के बीच खाई बेहद चौड़ी हो चुकी है। इसे पाटने का किसी का अभिप्रेत  नहीं है। दरअसल आर्थिक व सामाजिक विषमताएं, स्वास्थ्य की… Read more »

सर्वभय व सर्वरोग नाशक देवचिकित्सक आरोग्यदेव धन्वंतरि

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अशोक “प्रवृद्ध” आयुर्वेद जगत के प्रणेता तथा वैद्यक शास्त्र के देवता भगवान धन्वंतरि आरोग्य, सेहत, आयु और तेज के आराध्य देव हैं। सर्वभय व सर्वरोग नाशक देवचिकित्सक आरोग्यदेव धन्वंतरि प्राचीन भारत के एक महान चिकित्सक थे जिन्हें देव पद प्राप्त हुआ था । पौराणिक व धार्मिक मान्यतानुसार भगवान विष्णु के अवतार समझे जाने वाले धन्वन्तरी… Read more »

लम्बा जीना है तो पैदल चलो

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डॉ. दीपक आचार्य जो लोग शरीर के कहे अनुसार चलते हैं वे जल्दी ही थक जाया करते हैं। इसके विपरीत जो लोग शरीर को अपने अनुसार चलाते हैं उनका शरीर लम्बे समय तक चलता है और स्वस्थ भी रहता है। अपना शरीर घोड़े की तरह है जिसे मन के संकल्पों की सुदृढ़ लगाम से संचालित… Read more »

अथर्ववेद के आलोक में आयुर्वेद विमर्श

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कृष्ण कान्त वैदिक शास्त्री शतपथ ब्राह्ममण ने यजुर्वेद के एक मंत्र की व्याख्या में प्राण को अथर्वा बताया है। इस प्रकार प्राण विद्या या जीवन-विद्या आथर्वण विद्या है।1 हमें गोपथ ब्राह्ममण से यह पता चलता है कि ब्रह्म शब्द भेषज और भिषग्वेद का बोधक है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि जो अथर्वा है,… Read more »

वैदिक ग्रन्थों में चिकित्सा शास्त्र

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अशोक “प्रवृद्ध”   वैदिक मान्यतानुसार सृष्टि का उषाकाल वेद का आविर्भाव काल माना जाता है। भारतीय परम्परा के अनुसार वेदों को सम्पूर्ण ज्ञान-विज्ञान का मूल स्रोत माना जाता है। मनुस्मृति में मनु महाराज ने घोषणा की है- यद्भूतं भव्यं भविष्यच्च सर्वं वेदात् प्रसिध्यति। – मनुस्मृति 12.97 अर्थात- जो कुछ ज्ञान-विज्ञान इस धरा पर अभिव्यक्त हो… Read more »