मोहम्मद इज़हारूल हक़ : शिक्षा की रौशनी फैलाता एक नेत्रहीन

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-ए एन शिबली यदि किसी व्यक्ति में शारीरिक कमी होती है तो वह इसे बहाना बना कर काम करना छोड़ देता है और दूसरों पर निर्भर हो जाता है। विश्व में ऐसे बहुत से लोग हैं जिनकी ऑंखें नहीं हैं, कई ऐसे हैं जिन के पांव नहीं हैं और कई ऐसे हैं जो किसी न… Read more »

मिसाल : किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं कुशलपाल सिरोही

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फ़िरदौस ख़ान कुछ लोग जिस क्षेत्र में काम करते हैं, उसमें नित-नए प्रयोग कर इतनी कामयाबी हासिल कर लेते हैं कि दूसरों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन जाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं, हरियाणा के कैथल ज़िले के चंदाना गांव के निवासी व कैथल के प्रगतिशील किसान क्लब के प्रधान कुशलपाल सिरोही, जिन्होंने… Read more »

लगन से ठान लो, तो कुछ भी मुश्किल नहीं

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॰ स्वाभिमान टाइम्स की सफल शुरुआत के मौके पर कार्यक्रम आयोजित ॰ बिग ब्रॉडकास्टिंग एंड मल्टीमीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन ने की अन्य राज्यों में संस्करण शुरू करने की घोषणा ॰ जल्द ही शुरू होगा राष्ट्रीय स्तर का टेलिविजन चैनल और प्रकाशित की जाएगी मासिक अंग्रेजी समाचार पत्रिका पावर प्लस नई दिल्ली : कौन कहता… Read more »

हमारे छात्रावास : भारत-विकास की सशक्त कड़ी

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-डॉ0 प्रवीण तोगड़िया भारत की जनसंख्या में युवा कितने, बच्चे कितने, महिलाएँ कितनी, वृद्ध कितने, हिन्दू, कितने, अहिन्दू कितने, जाति कितनी और कौन सी आदि चर्चाएँ और गणनाएँ चलती रही हैं और चलती रहेंगी। इनमें से किसी भी विषय की ‘टीवी डिबेट’ में न जाकर सत्यार्थ में वनवासी तथा अन्य गरीब छात्र-छात्राओं के लिए निवासी… Read more »

किसानों के लिए प्रेरणा बने हरियाणा के कुशलपाल सिरोही

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-फ़िरदौस ख़ान योगाचार्य स्वामी रामदेव का कहना है कि जड़ी-बूटी आधारित कृषि व्यवस्था से देश का गरीब किसान समृद्ध और स्वस्थ होगा। जड़ी-बूटी की खेती करके कृषि क्षेत्र में एक बहुत बड़ी क्रांति पैदा की जा सकती है। व्यक्ति और राष्ट्रहित में इस पहल को शीघ्रातिशीघ्र अमली जामा पहनाकर देश के नीति-निर्माता और कर्णधार देश… Read more »

जल सेवा : पानी ही अमृत है

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-फ़िरदौस ख़ान भारत में हमेशा से ही सेवा की परंपरा रही है। जल सेवा भी इसी संस्कृति से प्रेरित है। उपनिषद में कहा गया है कि ‘अमृत वै आप:’ यानि पानी ही अमृत है। इसके अलावा पानी को ‘शिवतम: रस:’ यानि पेय पदार्थों में सबसे ज्यादा कल्याणकारी बताया गया है। गरमी के मौसम में प्यासे… Read more »

सांप्रदायिक सदभाव की मिसाल गुलशन बानो

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हिंसा किसी भी सभ्य समाज के लिए सबसे बड़ा कलंक हैं, और जब यह दंगों के रूप में सामने आती है तो इसका रूप और भी भयंकर हो जाता है। दंगे सिर्फ जान और माल का ही नुक़सान नहीं करते, बल्कि इससे लोगों की भावनाएं भी आहत होती हैं और उनके सपने बिखर जाते हैं।… Read more »

क्या इन ८ सवालों के जवाब हैं ……….. आज के आर्थिक विशेषज्ञों के पास : कनिष्क कश्यप

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क्या इन ८ सवालों के जवाब हैं, अगर हाँ ? तो हमें बताएं ! क्यों की पश्चिम के पिचासी संस्कृति का दिन-ब-दिन हावी होते जाना, हमारी अपनी कमजोरी और मानसिक दिवालियापन का सूचक तो नहीं ? बाज़ार शब्द अपनी शाब्दिक परिधि तक तो बड़ा हीं मोहक और प्रभावी लगता है, इससे बहार निकलते हीं यह मर्यादायों को… Read more »

युवा सांसदों ने एसोचेम द्वारा आयोजित परिचर्चा में समग्र विकास को प्राथमिकता बताया

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सरकार और जनता के बीच अविश्वास की खाई का बड़ा कारण देश का विकास धीमी गति से होना है । यह विश्वास देश के विकास की गति को बढ़ा कर ही वापस लाया जा सकता है और विकास के लिए जरुरी है

जहां बसता है गांधी का भारत- संजीव कुमार

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हिवरे बाजार, न केवल गांधी के सपने को साकार करता है बल्कि घने अंधेरे में रोशनी की किरण भी दिखाता है। क्या वह दिन आएगा जब देश के सात लाख गांवों में हिवरे बाजार की तरह अपना ग्राम स्वराज होगा? एक ऐसा गांव जिसपर व्यापक मंदी के इस दौर में का कोई असर नहीं है।… Read more »