महिलाओं के लिए बकरियां एटीएम से कम नही

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मालुम हो कि बदायूं में बकरी चराने की कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि ज्यादातर परिवारों के पास अपनी कृषि भूमि हैं, वह अपनी बकरियों को गेहूं, मक्का और अन्य फसलों के अपशिष्ट खिलाकर उनका पालन पोषण करते हैं। बिस्मिल्लाह समूह की सभी दस महिला सदस्य इस समय बकरियां-पालन कर रही हैं, पुरुष भी महिलाओं के साथ इस काम को बढ़ावा देकर अच्छा मूल्य प्राप्त कर रहे हैं।

मप्र: शिक्षा में क्रांति

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मध्यप्रदेश की सरकार को मैं हृदय से बधाई देता हूं। हिंदी दिवस पर उसने अपने इंजीनियरी के छात्रों को अनुपम भेंट दी है। मप्र के लगभग 200 इंजीनियरी कालेजों के छात्र अब चाहें तो अपनी परीक्षा हिंदी माध्यम से दे सकेंगे। मप्र के ये सब काॅलेज राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। अब तक… Read more »

आईआईटी खड़गपुर में प्रसन्नताविज्ञान केंद्र की स्थापना से प्रसन्नता का होगा मानकीकरण

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डॉ. शुभ्रता मिश्रा देश में एक प्रसन्नता से भरा समाचार आया है कि आईआईटी खड़गपुर में इसी साल के शरद सत्र से प्रसन्नता विज्ञान नामक एक नए विषय की शुरुआत होने जा रही है, तो सभी का आश्चर्यमिश्रित प्रसन्न होना स्वाभाविक है। विश्व में विज्ञान के विकास ने विशुद्ध प्रसन्नता का प्रतिशत कम कर दिया… Read more »

ग्राहकों को लेकर आरबीआई का निर्णय

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा लिया गया यह निर्णय निश्चित ही स्वागत योग्य है, जिसमें उसने यह सुनिश्चित किया है कि बैंकों की लापरवाही या असावधानी की वजह से यदि किसी के साथ कोई फ्रॉड, फर्जी बैंकिंग लेनदेन हुआ है अथवा इस प्रकार की कोई घटना घटती है, तो इसके… Read more »

रीति रिवाजो को तोड़ बचाई हजारों जिंदगियां : सामुदायिक गतिशीलता परियोजना

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उषा राय हाल ही मे आई एक खबर के अनुसार देश के अस्पतालों और घरो में रोजाना मरने वाले नवजातों और गर्भवती महिलाओं की जानकारी केंद्र सरकार के पास नही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय स्वास्थ सचिव ने आरजीआई को जल्द से जल्द आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है… Read more »

हर रोज अपने जीवन को नया अर्थ दे

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मेरे घर मे शौचालय है।

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गांव की प्रतिष्ठा का प्रतीक-शौचालय ऊषा राय अपनी माँ और दादी के साथ उत्र प्रदेश मे अमेठी जिले के नोहरेपुर मे रहने वाली सत्रह साल कि कृष्णा अपने घर मे शौचलय बनवाना चहती थी। उसके भाई और उसके पिता जो मुम्बई मे काम करते हैँ, उनकी मंज़ूरी के बिना घर मेँ शौचलय नही बन सकता… Read more »

छत्तीसगढ़ में स्त्री सशक्तिकरण की नई इबारत

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अनामिका मनुष्य ने समय-समय पर अपने साहस का परिचय दिया है. आज हम जिस दुनिया में जी रहे हैं, वह हमारे साहस का ही परिणाम है. आदिमानव के रूप में हम कभी इस बात का यकिन ही नहीं कर सकते थे कि आसमान में हवाई जहाज उड़ा करेंगे लेकिन आज मनुष्य अपने सांसों से अधिक… Read more »

नमामि गंगे की रुकावटें, कुछ कम नहीं हैं

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी मोदी सरकार ने अपने बहुप्रतिक्षि‍त नमामि गंगे के पहले चरण का जयघोष कर दिया है। यह जिस अंदाज में देश के सात राज्यों में 104 स्थानों पर एक साथ 231 परियोजनाओं के शुभारंभ से जो शुरू हुआ है। जमीन पर उनका समय पर पूरा होना तथा इससे गंगा को उसके शुद्ध रूप… Read more »

टाइगर एक्सप्रेस

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शिकार खेलने और देखने का शौक की भारत में सदियो पुरानी परम्परा रही है।मोटे तौर पर आदमी के विकास के साथ साथ ये प्रक्रिया निरंतर विकसित हुई कभी सिर्फ पेट भरने का माध्यम बना तो कभी पेट भरने के साथ आदि मानव के खेल का अहम् हिस्सा बना और ये सिलसिला बदस्तूर लंबे मानव काल… Read more »