विद्रूपित जेएनयू के बरक्स

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अमित राजपूत दशकों से अनेकों प्रतिभाओं को निखार कर उनको भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में भेजकर उनकी सेवावृत्ति से गौरव का अनुभव करने वाला नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय पिछले दिनों अपने कैम्पस में हुई देश विरोधी नारेबाजी के चलते विद्रूपित हो गया। हालांकि यह सही है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)… Read more »

डॉक्टरी के धंधे में क्रांति की जरुरत

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने डाॅक्टरी के धंधे पर जबर्दस्त प्रहार किया है। उसने अपने फैसले में कहा है कि यह पवित्र कार्य अब ‘धंधा’ बन गया है, जिसका लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना रह गया है। सारे देश में डाॅक्टरी का यह धंधा भारतीय मेडिकल कौंसिल की देख-रेख में चलता है। यह… Read more »

विश्व रेडक्रॉस दिवस

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डा. राधेश्याम द्विवेदी रेड क्रॉस क्या है:- रेड क्रॉस के किसी भी देश में एक आपातकालीन प्रतिक्रिया संगठन है। यह युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के शिकार के लिए मानवीय सहायता प्रदान करता है। यह रक्त – जीवन का उपहार एकत्र करता है और यह जरूरतमंदों के लिए देता है। रेडक्रॉस एक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेन्सी… Read more »

जनसूचना कानून में और सुधार की जरूरत

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डॉ. राधेश्याम द्विवेदी प्रक्रियागत खामियाँ:- भारत के अनेक प्रान्तों के जन सूचना आयुक्त बहुत ही अच्छी तरह से समाज एवं सरकार मे व्याप्त अनियमितताएं उजागर करवा रहे हैं तथा स्वच्छ व पारदर्शी शासन के तरफ अग्रसर हैं. समाज मे आम नागरिक एवं प्रबुद्ध मध्यम वर्ग इस कानून का प्रयोगकर अल्प समय में लम्बे समय से… Read more »

विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस

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डा- राधेश्याम द्विवेदी विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस पूरी दुनिया भर में 23 अप्रैल 2016 शनिवार को मनाया जायेगा। इस दिन को पूरे विश्व साहित्य के प्रतीक दिवस के रूप में मनाया जाता है । विश्व के लोगों के द्वारा हर वर्ष मनाया जाने वाला विश्व पुस्तक दिवस एक वार्षिक कार्यक्रम है। इसी दिन वर्ष… Read more »

नीतीश का शराबबंदी संकल्प

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अभी तीन-चार दिन पहले मैं बिहार में था, हिंदी साहित्य सम्मेलन के सिलसिले में। तब मुख्यमंत्री नीतीशकुमार के साथ मुलाकात भी हुई। सबसे ज्यादा नशाबंदी के बारे में बात हुई।  शराबबंदी पर मैं उस दिन लिख चुका था। फिर अब दुबारा क्यों लिख रहा हूं? इसलिए कि आज खबर पढ़ी कि नीतीश ने पूर्ण शराबबंदी… Read more »

मध्यप्रदेश में सफेद बाघ उद्यान का होना

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी लम्बे समय के इंतजार और प्रत्याशाओं के बाद मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी पार्क अपने जीवंत रूप को प्राप्त कर गया है। जनता के लिए इसके खुल जाने के बाद यह बात साफ हो गई है कि मध्यप्रदेश की सरकार सिर्फ विकास की बात नहीं करती, उसका ध्यान जैव विविधता और वन्य प्राणी… Read more »

पहाड़ी कोरवा की जिंदगी में नई सुबह

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मनोज कुमार यह शायद पहला मौका होगा जब पहाड़ी कोरवा आदिवासियों के जीवन में इतनी सारी खुशी उनके हिस्से में आयी है. अब से पहले तक उपेक्षा और तकलीफ के सहारे उनकी जिंदगी बसर हो रही थी. जंगलों पर निर्भर रहने वाले ये पहाड़ी कोरवा की चिंता करती तो हर सरकार दिखती लेकिन कागज पर… Read more »

तकनीकी युग की ओर बढ़ती संस्कृत !

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कीर्ति दीक्षित संस्कृत विद्वानों की भाषा, पंडितों की भाषा, ऐसे ही कुछ नामों से संस्कृत को अलंकृत किया जाता है, और वर्तमान में तो इसे साम्प्रदायिकों की भाषा भी कहा जाने लगा है। धर्म विशेष से जोड़कर प्रस्तुत किया जाता है। पिछले दिनों  विदेश दौरों पर जब प्रधानमंत्री का स्वागत संस्कृत के श्लोकों के साथ… Read more »

पहले मंदिर, अब दरगाह भी

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डा. वेद प्रताप वैदिक अभी केरल के सबरीमाला और महाराष्ट्र के शनि मंदिर पर देश में बहस चल ही रही है, अब एक मुस्लिम दरगाह भी उसी कतार में आ खड़ी हुई है। मुंबई की प्रसिद्ध हाजी अली की दरगाह में कब्र के आस-पास औरतों को जाने नहीं दिया जाता है। यह नियम उन औरतों… Read more »