लेखक परिचय

पंडित दयानंद शास्त्री

पंडित दयानंद शास्त्री

ज्योतिष-वास्तु सलाहकार, राष्ट्रीय महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्, मोब. 09669290067 मध्य प्रदेश

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 लाफिंग बुद्धा के बारे में बहुत सारी बातें प्रचलित हैं। आप उदास रहते हैं, आर्थिक बोझ तले दबे हुए हैं, घर में उदासी जैसी स्थिति बनी रहती है, तो लाफिंग बुद्धा को अपने घर लाकर इन समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। फेंगशुई में अनेक प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध है, जिसका हम प्रयोग करके अपने घर,किसी भी भवन या व्यवसायिक स्थल में उत्पन्न हो रहे वास्तु दोष से छुटकारा पा सकने में सक्षम हो जाते है.आज हम लाफिंग बुद्धा के विषय में जानेंगे कि किस प्रकार से उसका उपयोग हमारें लिए उपयोगी सिद्ध होगा.लाफिंग बुद्धा की मूर्ति सुख, संपदा एवं प्रगति का प्रतीक माना जाता है. घर में इसके होने से संपन्नता, सफलता आती है. लाफिंग बुद्धा की मूर्ति मकान, व्यापार स्थल, लॉबी या फिर बैठक कक्ष में होनी चाहिए. लेकिन ध्यान रहे, यह जमीन से ढाई फीट ऊपर एवं मुख्य दरवाजे के सामने होनी चाहिए. मूर्ति का मुख हमेशा प्रवेश द्वार की ओर होनी चाहिए. इससे मूर्ति अधिक क्रियाशील रहती है. लोगों के मन में यह भ्रांति होती है कि यह गिफ्ट के प में दिये जाने पर ही कारगर होता है, सर्वथा गलत है.

यह मर्ति स्वयं भी खरीद कर रखी जा सकती है. लाफिंग बुद्धा के लिये एक बात जो ध्यान रखने योग्य है, वह यह कि इसे कभी भी धातु, चीनी मिट्टी अथवा प्लास्टर ऑफ पेरिस का बना नहीं होना चाहिए. जब भी इसे खरीदे तो वह सिरामिक का बना होना चाहिए.

संपन्नता, सफलता और आर्थिक समृद्धि के प्रतीक लाफिंग बुद्धा हमें अक्सर दिख जाते हैं। कभी किसी के घर में, तो कभी गिफ्ट की दुकान पर। बुद्धा के हंसते हुए चेहरे को खुशहाली और संपन्नता का द्वार समझा जाता है। चीन में संपत्ति के देवता माने जाने वाले लाफिंग बुद्धा की पूजा-आराधना की जाती है। घर में इनकी स्थापना से धन-दौलत का आगमन निश्चित मान लिया जाता है। इनका मोटा पेट संपन्नता का प्रतीक है। इनके पेट को छूने की परंपरा है। चीन में लाफिंग बुद्धा को धन-वैभव-संपन्नता, सफलता और सुख-शांति का देवता मानते हैं।

घर में इसे मुख्य द्वार के सामने स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आगंतुकों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। इसकी अलग-अलग मुद्राएं होती हैं, जिनका फल भी अलग-अलग बताया गया है। चीनी मान्यतानुसार इसे बैडरू म में नहीं रखें। इसकी पूजा करना भी वर्जित है। इसे सजाकर रखें।

हमारे यहां भगवान के कई अवतार हैं। हम भगवान को कई रूपों में मानते हैं। इसी तरह लाफिंग बुद्धा के भी कई रूप हैं। इनमें खासकर धन की पोटली लिए हुए, दोनों हाथों में कमंडल लिए हुए, वु लु (एक प्रकार का फल) लिए हुए, ड्रैगन के साथ बैठे हुए, कमंडल में बैठे हुए और कई बच्चों के साथ बैठे हुए बुद्धा प्रमुख हैं।

लाफिंग बुद्धा भी कई प्रकार की आकृतियों में प्राप्त होते है, जैसे..हंसता हुआ लाफिंग बुद्धा, थैला लिए हुआ लाफिंग बुद्धा, धातु का बना हुआ लाफिंग बुद्धा और फुक-लुक-साउ आदि बहुत से लाफिंग बुद्धा हमारे सामने आते है. इन सबका फल अलग-अलग हमें मिलता है. इनके फल की जानकारी न होने की वजह से व्यक्ति इसका उचित लाभ लेने से वंचित हो जाते है.

हंसता हुआ लाफिंग बुद्धा :-लाफिंग बुद्धा को भवन में मुख्य द्वार के अंदर इस प्रकार रखा जाता है.कि मुख्य द्वार से प्रवेश करने वाले व्यक्ति को प्रवेश करते ही यह दिखाई पड़े तथा ऐसा प्रतीत हो मानो कि बुद्धा हंस कर स्वागत कर रहा हो. लाफिंग बुद्धा को ढाई से तीन फुट की ऊंचाई पर किसी मेज या स्टूल पर रखना चाहिए. यदि मुख्य द्वार से प्रवेश करने पर सामने ही कोई कोना हो, तो लाफिंग बुद्धा को रखना अधिक अनुकूल होगा. लाफिंग बुद्धा को इस प्रकार नहीं रखे, कि द्वार से प्रवेश करने वाला व्यक्ति उससे टकरा सके.घर में प्रसन्नता और समृद्धि की वृद्धि के लिए हंसती हुई बुद्ध प्रतिमा को घर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति कि ओर रखें. शयनकक्ष में, भोजन कक्ष में(रसोईघर), या अन्य कमरों में हंसता हुआ बुद्धा नहीं रखना चाहिए.यह प्रतिमा मुख्य द्वार से प्रवेश करने वाले व्यक्ति की ऊर्जा में अभी वृद्धि करती है. और यह ऊर्जा क्रियाशील हो कर घर में प्रसन्नता और उत्साह का वातावरण उत्पन्न करती है. जिसके फलस्वरूप समृद्धि बडती है.

लाफिंग बुद्धा में कुछ मूर्तियां इस प्रकार से बनती है जिनमे दोनों हाथ ऊपर की और उठे होते है. इस प्रकार की मूर्ती रखने के लिए लकड़ी या धातु की बनी तीन फुट ऊंची मेज का प्रयोग करे तो लाभ होगा.जिन व्यक्तियों के घर, ऑफिस या भवन में झगड़ा ज्यादा होता है या घर में हमेशा क्लेश की स्थिति रहती है, वह इस ऊँचे हाथ किये हुए बुद्धा की मूर्ति कभी ना रखे. इनके लिए और सभी के लिए केवल बैठी हुई लाफिंग बुद्धा की मूर्ति ही लाभदायक सिद्ध होती है.यदि किसी घर या भवन में ऐसी हाथ ऊँची मूर्ति हो तो उसे तत्काल ही निकाल देनी चाहिए क्योंकि इससे परिवार में क्लेश और बटवारा होने की स्थिति बन जाती है. और घर की महिलाओं में असंतोष फेलने लगता है.यह हमेशा ध्यान रखे कि किसी के कहने पर या दुकानदार के कहने पर कभी भी ऐसी चीजे लाकर घर में स्थापित ना करे. जिससे घर की शान्ति भंग हो या वास्तु दोष और अधिक खराब हो जाए. किसी विशेषज्ञ में मार्गदर्शन में ही इन वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए.लाफिंग बुद्धा भी कई प्रकार की आकृतियों में प्राप्त होते है, जैसे..हंसता हुआ लाफिंग बुद्धा, थैला लिए हुआ लाफिंग बुद्धा, धातु का बना हुआ लाफिंग बुद्धा और फुक-लुक-साउ आदि बहुत से लाफिंग बुद्धा हमारे सामने आते है. इन सबका फल अलग-अलग हमें मिलता है. इनके फल की जानकारी न होने की वजह से व्यक्ति इसका उचित लाभ लेने से वंचित हो जाते है.

फेंगशुई में अनेक प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध है, जिसका हम प्रयोग करके अपने घर,किसी भी भवन या व्यवसायिक स्थल में उत्पन्न हो रहे वास्तु दोष से छुटकारा पा सकने में सक्षम हो जाते है.आज हम लाफिंग बुद्धा के विषय में जानेंगे कि किस प्रकार से उसका उपयोग हमारें लिए उपयोगी सिद्ध होगा.

लाफिंग बुद्धा (थैला लिए):-

 

लाफिंग बुद्धा जिसकी पीठ पर थैला हो और हंसता हुआ ऐसा बुद्धा भी आपको मिलता है. जैसा कि मेने पिछले भाग में वर्णन किया था कि लाफिंग बुद्धा अनेक प्रकार से मिलते है उनमे से यह एक है. तो इस थैले वाले लाफिंग बुद्धा को ध्यान से देखें कि थैला खाली तो नहीं ? अर्थात उसमे जो सामान भरा है वह थैले के ऊपर तक दिखना चाहिए. पीठ पर थैला रखे हुए बुद्धा की ऐसी प्रतिमा को मुख्य द्वार की ओर मुंह किये हुए इस प्रकार रखा जाए तो वहां अर्थ चक्र सुचारू रूप से चलता है. अर्थात आमदनी का मार्ग खुलता है. इस लिए इसे दूकान अथवा शोरूमो में रखा जाए तो बिक्री बड़ने लगती है और धन की वृद्धि होती है.

धातु का बना लाफिंग बुद्धा:-

 

सामान्यतः बुद्धा की प्रतिमा विशेष प्रकार की मिट्टी से बनी होती है. इसके साथ साथ धातु की बनी हुई बुद्धा की प्रतिमाएं भी प्रयोग में आती है.जिन व्यक्तिओं में निर्णय शक्ति की कमी हो, जिनकी उदारता एवं भावुकता का लाभ अन्य व्यक्ति उठाते हो, उन्हें धातु की बनी हँसती हुई बुद्धा की प्रतिमा का प्रयोग करना चाहिए. इस बुद्धा की प्रतिमा को हमेशा ऊंचाई पर रखना चाहिए, और इसके साथ किसी भी वास्तु या अन्य मूर्ति को नहीं रखना चाहिए. खंडित, गन्दी, धुल-मिट्टी से युक्त प्रतिमा को नहीं रखना चाहिए हमेशा इसकी सफाई पर ध्यान दें. किसी भी प्रकार की बुद्धा प्रतिमा की पूजा नहीं होती है. इसका प्रयोग केवल मंगल प्रतीक के रूप में किया जाता है. धातु की प्रतिमा को घर या ऑफिस में रखने से निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है. तथा इससे आत्म विशवास भी बडता है.

 

फुक-लुक-साउ:-

फेंगशुई में तीन चीनी देवताओं को घर में रखने का विशेष प्रयोग बताया गया है.इन तीन चीनी देवताओं के नाम फुक, लुक तथा साउ है. लेकिन इन तीन चीनी देवताओं की पूजा नहीं की जाती है बल्कि उनकी मूर्तियों के द्वारा उनकी प्रतीकात्मक उपस्थिति ही अपना शुभ प्रभाव घर के निवासियों को देती है. फुक, लुक और साउ को एक साथ ड्राइंगरूम में सजाना चाहिए. इनकी मूर्तियों को कभी भी अलग अलग नहीं रखना चाहिए. जिस घर में मान प्रतिष्ठा, समृद्धि एवं स्वास्थ संबंधी समस्याए हो, वहां पर इन तीनो चीनी देवताओं की उपस्थिति को भाग्यवर्धक माना गया है. फुक, लुक और साउ की मूर्तियां यदि खंडित हो तो उन्हें कभी अपने ड्राइंगरूम में नहीं सजाना चाहिए अन्यथा नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते है.

इस प्रकार से लाफिंग बुद्धा तथा तीन चीनी देवता फुक, लुक और साउ की प्रतिमा से हम बहुत कुछ लाभ उठाने में सक्षम हो जाते है. जितनी भी इन प्रतिमाओं की सफाई का ध्यान रखा जाए उतना ही अधिक प्रभाव हमे लाभ के रूप में प्राप्त होता है.

  •  धन की गठरी लिए हुए बैठी मुद्रा वाले लाफिंग बुद्धा शुभ माने गए हैं।
  •  बच्चों के साथ खेलते हुए बुद्धा संतान के इच्छुक दंपती के लिए उपयोगी हैं।
  •  एक हाथ में सोने की गिन्नी तथा दूसरे हाथ में पंखा लिए हुए बुद्धा खुशहाली का प्रतीक हैं।
  •  जवुड में क्रिस्टल के लाफिंग बुद्धा धन एवं रोजगार के नए स्त्रोत बनाते हैं।
  •  बुद्धा विद् सेलिंग बोट अपने ऑफिस में टेबल पर रखें।
  •  नाव ऑफिस में अंदर की तरफ आती हुई दिखाई दे।
  •  धन की टोकरी वाले बुद्धा उपहार स्वरू प अपने रिश्तेदारों, मित्रों को भेंट करें।
  •  घ्यान मुद्रा में बैठे बुद्धा घर में शांति लाते हैं।
  •  बिना मांगे गिफ्ट में मिले लाफिंग बुद्धा अमूल्य और शुभ फलदायी है। इसे ड्रॉइंग रू म, पढ़ने के कमरे या ऑफिस में रखें।
  •  हाथ में वु लु लिए हुए: वु लु चीन का एक प्रकार का फल है, जो पीले रंग का होता है। जिस घर में कोई लगातार बीमार रह रहा हो और बीमारी का पता नहीं चल पा रहा हो तो इस बुद्धा को उस व्यक्ति के तकिए के पास रखना चाहिए। जल्द ही जांच में उसकी बीमारी का पता लग जाएगा और इलाज भी हो जाएगा।
  •  ड्रैगन के साथ बैठे हुए बुद्धा: ये बुद्धा दिव्य शक्ति के स्वामी माने जाते हैं। अगर इन्हें घर लाएंगे तो जादू-टोने का असर आपके ऊपर नहीं होगा।
  •  कई बच्चों के साथ बैठे हुए बुद्धा: ये बुद्धा उनके लिए वरदान साबित होते हैं, जिन्हें संतान नहीं हो रही है। इससे उनकी इच्छा की पूर्ति होती है।
  •  धन की पोटली लिए हुए: आपकी आमदनी तो ठीक है, लेकिन घर में बरकत नहीं है तो इस बुद्धा को अपने घर लाएं, बरकत मिलेगी।
  •  कमंडल में बैठे हुए बुद्धा: लॉटरी, जुआ, शेयर आदि में लाभ चाहते हैं, नौकरी में तरक्की चाहते हैं तो इस बुद्धा को घर लाएं।
  •  दोनों हाथों में कमंडल ऊपर उठाए हुए: जब भाग्य साथ नहीं दे रहा हो, आप बेहद आर्थिक तंगी से गुजर रहे हों, कोई भी काम नहीं बन पा रहा हो, यहां तक कि कर्ज भी नहीं मिल रहा हो तो इस बुद्धा को घर लाएं।

 

कीमत:—- अगर आप अच्छा लाफिंग बुद्धा खरीदना चाहते हैं तो 550 से 2500 रुपए में और इंपोर्टेड 2500 से 8500 रुपए तक में मिलते हैं, जो चीन, मलेशिया, सिंगापुर आदि से आते हैं।

 

कहां से प्राप्त करें:—- किसी भी अच्छी गिफ्ट शॉप में मिल जाते हैं लाफिंग बुद्धा। आमतौर पर धारणा है कि कोई आपको लाफिंग बुद्धा गिफ्ट करे तो उसका लाभ ज्यादा होता है।

 

कहां रखें:—– लाफिंग बुद्धा को घर या ऑफिस में कहीं भी रख सकते हैं, लेकिन इन्हें जमीन पर नहीं रखना चाहिए। इन्हें प्लेटफॉर्म, स्टूल या टेबल पर इस तरह रखें, जैसे हम अपने भगवान को रखते हैं। इन्हें ड्रॉइंग रूम के किसी भी हिस्से में रख सकते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ये आगंतुकों को दिखाई पड़ें। इसका तात्कालिक लाभ यह होता है कि आपके आगंतुक आपके घर में प्रवेश करते ही खुश हो जाएंगे। इन्हें बाथरूम में, डायनिंग टेबल, टॉयलेट आदि में नहीं रखना चाहिए। ड्रॉइंग रूम, लिविंग रूम या पूजा घर जैसे शुभ स्थान पर रखना चाहिए।

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3 Comments on "लाफिंग बुद्धा एवं उसके कमाल के प्रभाव( वास्तु अनुसार) effect of laughing buddha—-"

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Abhishek
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good lines. thus is the best..

kishan lal
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जानकारी पसंद है.कृपया नव(बोर्ड ) के वास्तु के बारे में जानकारी के धन्यवाद

omprakash khetrapal
Guest

aap ki jankari swagat yogya hai

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