लेखक परिचय

श्‍यामल सुमन

श्‍यामल सुमन

१० जनवरी १९६० को सहरसा बिहार में जन्‍म। विद्युत अभियंत्रण मे डिप्लोमा। गीत ग़ज़ल, समसामयिक लेख व हास्य व्यंग्य लेखन। संप्रति : टाटा स्टील में प्रशासनिक अधिकारी।

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मुस्कुरा के हाल कहता पर कहानी और है

जिन्दगी के फलसफे की तर्जुमानी और है

 

जिन्दगी कहते हैं बचपन से बुढ़ापे का सफर

लुत्फ तो हर दौर का है पर जवानी और है

 

हौसला टूटे कभी न स्वप्न भी देखो नया

जिन्दगी है इक हकीकत जिन्दगानी और है

 

ख्वाब से हटकर हकीकत की जमीं पर आओ भी

दर्द से जज्बात बनते फिर रवानी और है

 

जब सुमन को है जरूरत बागबां के प्यार की

मिल गया तो सच में उसकी मेहरबानी और है

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2 Comments on "गजल:पहलू-श्यामल सुमन"

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श्‍यामल सुमन
Guest

विनम्र आभार – यूँ ही सम्पर्कित रहने की कामना के साथ धन्यवाद
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
http://www.manoramsuman.blogspot.com
http://meraayeena.blogspot.com/
http://maithilbhooshan.blogspot.com/

sachin
Guest

वो कहते हैं इश्क नहीं नादानी है ये मेरी,
नादानी तो बहुत देखीं पर ये नादानी और है

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