चारो तरफ मी टू का शोर मचा है

1
176

चारो तरफ मी टू का शोर मचा है
कोई एक्टर न डायरेक्टर बचा है
चारो तरफ इसकी बाढ़ सी आई
जैसे समुंदर में सुनामी सी आई

अभी तक दस बारह की पोल खुली है
कैसी ये फिल्म इंडस्ट्री में हवा चली है
अभी बीस साल पुराने केस खुल पाये है
हो सकता पूर्व जन्म के केस खुल जाये

एक दूजे पर आरोप लगाये जा रहे है
साथ में अपनी सफाई दिये जा रहे है
कुछ के तो केस रजिस्टर्ड हो चुके है
अदालतों में साक्षय जमा हो चुके है

आलोक ने कोई लोक लाज न रक्खी
उसने तो  सब कुछ ताक पर रक्खी
करता था सीरयल में लोक दिखावा
देखो वह कैसे अब पकड़ में है आया

जब से आया मी टू का बबाल
लोगो ने छोड़ा है जग जंजाल
अब तो सब मी टू से डरने लगे है
अपनी पत्नि से अलग रहने लगे है

घर घर में इसकी हल चल मची है
पत्नि पति पर निगाह रखने लगी है
कही ये किसी से मी टू न कर आये
उस पर पत्नि पति कड़ा पहरा लगाये

कही मुझ पर पत्नि आरोप न लगा दे
मी टू के चक्कर मुझे जेल न भिजवा दे
इसलिए पति पत्नि से मी टू न कर पाते
इस प्रकार से वे अब अपनी जान छुडाते

आर के रस्तोगी    

Previous articleमी टू की आवाज को सुनें
Next articleकेवल पुरुषों को दोष देने से काम नहीं चलेगा।
आर के रस्तोगी
जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

1 COMMENT

  1. सच है :— कहीं मुझ पर पत्नी आरोप न लगा दे
    मी टू के चक्कर में मुझे जेल न भिजवा दे
    इसलिए पति पत्नी से मी टू न कर पाते
    इस प्रकार से वे अब अपनी जान छुड़ाते ——( एक गीत याद आ रहा है – “ हसीनों से अहले वफा मांगते हो, बड़े नासमझ हो ये क्या मांगते हो !” और सबको अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने की आजादी होनी चाहिए पर — उनका अंतिम लक्ष्य ” सर्वे भवन्तु सुखिन: ” भी होना चाहिए — जिस तरह पुरुष अपनी क्षमता-शक्ति का सदुपयोग पूरे परिवार-समाज की भलाई के लिए करता है ( कुछ अपवादों को छोड़कर ) उसी तरह महिलाओं को भी समाज-परिवार का ध्यान रखना चाहिए जैसे कि बहुत हद तक मुस्लिम महिलाएं करती हैं ( तराइन के युद्ध में गोरी की पत्नी अपने पिता से कहकर पूरी ईरानी फौज गोरी की मदद में ले आई थी पर संयोगिता ने ऐसा नहीं किया जबकि सामूहिक बलात्कार उन्हें ही झेलना पड़ा —- )— बाबा लोगों को छोड़ भी दिया जाए ( जबकि बाबाओं के यहां सबसे पहले महिलाओं की ही भीड़ बढ़ती है )आज भी अभिनेत्रियां सीमा पर जूझ रहे सैनिकों पर इल्ज़ाम लगा रही हैं , एक मेजर की पत्नी की शिकायतों पर १९ जेसीओ रैंक के अधिकारी बर्खास्त कर दिये गये हैं, आईएएस मुकेश कुमार व कानपुर के आईपीएस मिस्टर दास को आत्महत्या करनी पड़ी है, एक डीआईजी की बेटी के कारण क्वांटम थ्योरी पर रिसर्च करने वाले भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह एम्स अस्पताल दिल्ली में पड़े हुए हैं — उनकी पत्नी न मदद में आ रही हैं- न तलाक दे रही हैं ( जो महिलाएं और समितियां सोशल मीडिया पर बड़ी- बड़ी बातें करती हैं ये उनकी नैतिक-सामाजिक जिम्मेदारी बनती है कि भारत के महान वैज्ञानिक को बचा लें ) अन्य तात्कालिक उदाहरण गोंडा उत्तर प्रदेश से है , 82 साल के एक बुजुर्ग शिक्षक का रास्ता उनके बगल में रहने वाली पुलिस की एक विधवा ने बंद कर रखा है ( ये रास्ता चकबंदी अधिकारी द्वारा प्रदत्त है – जब तक उस महिला के पति थे सब ठीक ठाक था ) आसपास के सभी दबंग और अविवाहित उस विधवा के साथ हैं क्यों मत पूछिएगा , दूसरी पुलिस की विधवा ने बाहर से आए हुए जमाल नामक व्यक्ति की सहायता से एसडीएम के स्टेऑर्डर के बावजूद उस बुजुर्ग दंपति के खेत में मकान बनवा लिया है और सभी अधिकारियों को मिलाकर ( कैसे नहीं कह सकता क्योंकि कुछ तथाकथित एडवांस जन को अभद्रता की बू आने लगेगी ) CM portal से आई इंक्वायरी जो स्थानीय लेखपाल के खिलाफ थी- डीएम साहब ने उस विधवा सुंदरता में पड़कर उसी लेखपाल को बर्खास्त करने के बजाय इंक्वायरी अफसर बना दिया- निश्चित ही है रिपोर्ट गलत आनी थी – गलत रिपोर्टिंग की चिंता के कारण कचहरी में ही बुजुर्ग शिक्षक को ब्रेन हैमरेज हो गया है पर अभी तक उस पुलिस की विधवा का दिल नहीं पसीजा है– अस्पताल ले जाने के लिए भी उसने रास्ता नहीं खोला है – गड्ढे से होकर जाते समय ऑटो पलटने से बुजुर्ग को भी चोट लगी – उनकी 80 साल की वृद्ध पत्नी का पैर कट गया है – बहू के हाथ में चोट आई है पर उस पुलिस की विधवा ने निर्दयता की हदें पार कर दी हैं और अभी भी रास्ता नहीं खोला है गांव में तनाव है — द्रौपदी की तरह ये दोनों खूबसूरत विधवाएं कभी भी आज का महाभारत करवा सकती हैं , जिन्हें इस समाचार पर संदेह लगे वो बुजुर्ग की पत्नी से ( 9451838619, 6388221888) पर खुद बात कर सकते हैं — ये खूबसूरत विधवाओं के वर्तमान के कारनामे हैं —–

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

* Copy This Password *

* Type Or Paste Password Here *

17,183 Spam Comments Blocked so far by Spam Free Wordpress