लेखक परिचय

नीरज कुमार दुबे

नीरज कुमार दुबे

नीरज जी लोकप्रिय हिन्दी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी डॉट कॉम में बतौर सहयोगी संपादक कार्यरत हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा हासिल करने के बाद आपने एक निजी संस्थान से टीवी जर्नलिज्म में डिप्लोमा हासिल कीं और उसके बाद मुंबई चले गए। वहां कम्प्यूटर जगत की मशहूर पत्रिका 'चिप' के अलावा मुंबई स्थित टीवी चैनल ईटीसी में कार्य किया। आप नवभारत टाइम्स मुंबई के लिए भी पूर्व में लिखता रहे हैं। वर्तमान में सन 2000 से प्रभासाक्षी डॉट कॉम में कार्यरत हैं।

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नीरज कुमार दुबे

मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के प्रमुख आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी सैयद जबीउद्दीन उर्फ रियासत अली उर्फ अबू हमजा का सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ना एक बड़ी कामयाबी है। उम्मीद है कि एक बार फिर दुनिया जानेगी कि किस प्रकार पाकिस्तान की धरती से भारत के खिलाफ आतंकवाद की साजिशें बनाई जाती हैं और उन्हें अंजाम देने के लिए क्या क्या यत्न किये जाते हैं। भारत पाकिस्तान से 26/11 के दोषियों को सजा देने की समय समय पर मांग करता रहा है लेकिन पाकिस्तान की इसमें कभी रूचि रही ही नहीं। मुंबई आए दस हमलावरों में से 9 को तो भारतीय सुरक्षा बलों ने सजा दे दी और एक अभी सजा पर अमल होने के इंतजार में है लेकिन हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल रहे लोगों में से कोई पहली बार भारतीय कानून के शिकंजे में आया है। वैसे तो इस हमले के अन्य साजिशकर्ता डेविड हेडली और तहाव्वुर हुसैन राणा भी इस समय गिरफ्त में हैं लेकिन अमेरिका की।

यह बात जांच एजेंसियों ने भी साबित की और बाद में आतंकवादी अजमल कसाब ने भी अदालत में स्वीकार की कि 26 नवंबर 2008 को जो 10 फिदायीन आतंकवादी मुम्बई आए थे, उन्हें पाकिस्तान में जिन लोगों ने प्रशिक्षण दिया था उनमें से एक नाम अबू हमजा भी था जिसने दसों आतंकवादियों को अन्य चीजों के अलावा हिन्दी बोलना भी सिखाया था। डेविड हेडली से पूछताछ के दौरान भी हमजा का नाम सामने आया था।

लश्कर में अबू का मतलब होता है सेनापति और यहां सारे अबू का जो सरदार होता है, उसे अबू हमजा कहा जाता है। मूलत: अबू हमजा फिदायीन दस्ते का लीडर होता है। इस लिहाज से देखें तो अबू हमजा का काबू में आना यकीनन बहुत बड़ी बात है। रिपोर्टों की मानें तो लश्कर में आतंकवादियों को अबू उर्फ नाम बड़ी मुश्किल से मिलता है। इस लिहाज से देखें तो मुंबई पर हमला करने आए दस आतंकवादी लश्कर के लिए बहुत महत्व रखते थे क्योंकि जो 10 आतंकवादी मुम्बई आए थे, उनमें से ज्यादातर के उर्फ नाम का पहला शब्द अबू ही था। मसलन अजमल कसाब का उर्फ नाम अबू मजाहिद है, जबकि उसके साथ सीएसटी में गोलीबारी करने वाले इस्माइल खान का उर्फ नाम था अबू इस्माइल। ताज होटल में जो 4 आतंकवादी घुसे थे, उनमें से भी 2 के उर्फ नाम के पहले अबू ही जुड़ा था। ये दो आतंकवादी थे अबू अली और अबू उमेर। अबू अली का मूल नाम जावेद था, जबकि अबू उमेर का नजीर।

26/11 के दोषी इस आतंकवादी के 26 नाम बताये जाते हैं। महाराष्ट्र के रहने वाले अबू राज्य के सभी इलाकों के बारे में अच्छी जानकारी रखता है तभी तो वह पाकिस्तान में अपने आकाओं के साथ टीवी पर पूरे ऑपरेशन को देखकर बीच-बीच में कसाब और उसके साथियों को हिंदी में निर्देश दे रहा था। 26/11 हमले के अलावा अबू हमजा की कई और आतंकवादी वारदातों में तलाश थी। फरवरी 2010 में पुणे की जर्मन बेकरी में हुए ब्लास्ट में भी वो आरोपी है। इस धमाके में 11 लोग मारे गए थे और 59 लोग घायल हुए थे। सितंबर 2010 में दिल्ली की जामा मस्जिद के पास बम प्लांट करने के मामले में भी उसका नाम आया था। मई 2006 में महाराष्ट्र के औरंगाबाद में 10 एके 47 राइफलें बरामद हुईं थी, हमजा का नाम इस मामले में भी आया था।

अबू हमजा नाम से केवल एक ही आतंकी हो ऐसा भी नहीं है। पिछली कुछ खबरों पर गौर करें तो देखने को मिलता है कि लश्कर ने यह नाम कइयों को दिया हुआ है। जब संसद पर हमला हुआ था, तो उस वक्त भी एक अबू हमजा का नाम सामने आया था। वह अबू हमजा संसद के बाहर खड़े सुरक्षाकर्मियों के हाथों एनकाउंटर में मारा गया था। कुछ साल पहले एक अबू हमजा ठाणे पुलिस द्वारा भी पकड़ा गया था। यह अबू हमजा जम्मू-कश्मीर में हुई कई वारदातों में शामिल था, इसलिए ठाणे पुलिस ने उसे जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया था जिसकी हिरासत से वह भाग गया।

जय हिंद, जय हिंदी

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1 Comment on "अबू हमजा की गिरफ्तारी भारत की बड़ी कामयाबी"

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Jeet Bhargava
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चलो खान्ग्रेस को मुस्लिम वोट बटोरने के लिए एक और ‘दामाद’ मिल गया!

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