लेखक परिचय

आलोक कुमार

आलोक कुमार

बिहार की राजधानी पटना के मूल निवासी। पटना विश्वविद्यालय से स्नातक (राजनीति-शास्त्र), दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नाकोत्तर (लोक-प्रशासन)l लेखन व पत्रकारिता में बीस वर्षों से अधिक का अनुभव। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सायबर मीडिया का वृहत अनुभव। वर्तमान में विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के परामर्शदात्री व संपादकीय मंडल से संलग्नl

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nitish-kumar  नीतीश कुमार से २५ प्रश्न ?

चलते-फिरते , उठते-बैठते , खाते-पीते , सोते -जगाते केवल अल्पसंख्यकों के हिमायती और रहनुमा बनने का दिखावे करने वाले नीतीश कुमार जी से बिहार के अल्पसंख्यकों को ये सवाल जरूर पूछना चाहिए कि :-

१ . उनके मंत्रीमंडल में शाहिद अली खान के रूप में सिर्फ एक ही अल्पसंख्यक मंत्री क्यूं हैं ?

२. पहले जमशेद अशरफ और फिर परवीन अमानुल्लाह उनके मंत्रीमंडल और उनकी पार्टी से किन परिस्थितियों में रुखसत हुए ?

३. साबिर अली को किस साजिश के तहत राज्यसभा में जाने से रोका गया ?

४. पूर्वांचल के रसूखदार नेता तस्लीमुद्दीन ने उनकी पार्टी का दामन छोड़ फिर से राजद (लालू जी ) का दामन क्यूं थामा ?

५. आज नीतीश जी की पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में कितने और कौन-कौन से अल्पसंख्यक नेता महत्वपूर्ण ओहदों पर हैं ?

६. नीतीश जी ने सत्ता में आने के पहले और बाद अनेकों मौकों पर कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण और उत्थान के लिए ऋण, रोजगार की व्यवस्था दुरूस्त की जाएगी, तो क्या सत्यापित आकड़ों के साथ नीतीश जी ये बताने का कष्ट करेंगे कि उनके इन वादों के तहत कितने अल्पसंख्यकों को रोजगार और ऋण उनके पिछले आठ सालों के शासन में मिला ?

७. क्या बिहार के अल्पसंख्यकों को नीतीश जी ये बताने का कष्ट करेगें कि अल्पसंख्यक बहुल कस्बों/शहरों / क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की योजना ” Scheme for promotion of education in minority concentrate towns/cities और “Merit-cum-Means Scholarship for professional and technical courses of under graduate and post graduate” के तहत उनके शासन काल में कितनी राशि खर्च की गयी ?

८. केंद्र सरकार की योजना “Multi-Sectoral Development Program for Minorities in selected of Minority Concentrated Districts” का बिहार में क्या हाल है ?

९. राज्य वक्फ बोर्ड के अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण के लिए केंद्र सरकार से मिली राशि कैसे और कहां खर्च हुई ? राज्य के वक्फ़ बोर्ड को मज़बूत (Strengthening of the state Wakf Board) करने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा मिली राशि को नीतीश सरकार ने कैसे खर्च किया ?

१०. भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए प्रोमोशनल क्रियाओं (Promotional Activities for Linguistic Minorities) के नाम पर बिहार में क्या हुआ ?

११. अल्पसंख्यकों के लिए विदेशों में अध्ययन के लिए शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy on Educational Loans for Overseas Studies) के तहत नीतीश जी के आठ सालों के शासन काल में कितनी राशि का आवंटन हुआ ?

१२. बिहार में अल्पसंख्यकों के “कौशल विकास पहल (Skill Development Initiatives) ” के नाम पर नीतीश जी के शासन काल में कितनी राशि खर्च हुई ?

१३. अल्पसंख्यक महिलाओं में लीडरशीप डेवलपमेंट को लेकर केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई “अल्पसंख्यक महिला नेतृत्व विकास स्कीम (Scheme for Leadership Development of Minority Women) ” की बिहार में क्या स्थिति है ?

१४. इसी बिहार में करीब सवा लाख करघे चला करते थे, उसमें अब १७ ( सत्रह ) हजार ही क्यों चालू हालत में रह गए हैं ? इस पेशे से सबसे ज्यादा तो अल्पसंख्यक ही जुड़े हुए थे और हैं। करघों के लिए जो सस्ती बिजली दिये जाने का वादा नीतीश जी ने किया था वह क्यों पूरा नहीं हुआ ?

१५. पूरे सूबे में मकतब खोले जाने का प्रस्ताव था, वह क्यों गति नहीं पकड़ पा रहा है ?

१६ . नीतीश कुमार अल्पसंख्यक -प्रेम की दिखावे की राजनीति तो करते हैं लेकिन उनके राज में मुसलमानों की जान, जबान और नान, तीनों पर ही हमला बढ़ा है l क्या फारबिसगंज जैसी घटनाएं इसकी गवाही नहीं देती हैं ?

१७. क्या नीतीश सरकार की गलत नीतियों की वजह से सूबे में उर्दू- शिक्षकों के पद खाली नहीं रह गए ?

१८. बिहार में अल्पसंख्यकों को सामाजिक-आर्थिक विकास में हिस्सेदारी चाहिए, लेकिन नीतीश कुमार के राज में अल्पसंख्यकों के साथ लोकप्रिय राजनीति की कवायद के सिवा कुछ हुआ भी है क्या ?

१९. क्या नीतीश जी ने “पसमांदा मुसलामानों” को सियासी नुमाईंदगी देकर अल्पसंख्यकों को बांटने का काम नहीं किया ? क्या नीतीश जी ने अल्पसंख्यकों को बिरादरी के नाम पर बांट कर उनके आपसी भाईचारे को नहीं तोड़ डाला ?

२०. सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से पता चलता है कि पिछले पांच सालों में अल्पसंख्यक -कल्याण की भिन्न योजनाओं के मद में सिर्फ बिहार के लिए केंद्र सरकार ने कुल ३६७ .४६ करोड़ रुपये जारी किये थे लेकिन क्यूं बिहार सरकार का अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय विभाग मात्र १६७.५० करोड़ रुपये ही खर्च कर पाया ? यह कुल फंड का ४५.५८ प्रतिशत ही है , ज्ञात्वय है कि बिहार के लिए ११ वीं पंचवर्षीय योजना में कुल ५२३.२० करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे l

२१. बिहार में अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं के समुचित और सार्थक क्रियान्वयन के लिए हर जिले में एक समिति गठन करने की अल्पसंख्यकों की जायज और काफी पुरानी मांग पर वादा करने के बावजूद नीतीश जी ने कोई पहल क्यूं नहीं की ?

२२. बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण -विभाग में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा इसका उल्लेख सी.ए.जी. रिपोर्ट में होने के बावजूद और अनेकों अल्पसंख्यक सगठनों के द्वारा घोटालों की शिकायत के बावजूद नीतीश सरकार ने कभी भी किसी भी तरह की जांच का आदेश अब तक क्यूं नहीं दिया ?

२३. भागलपुर दंगा पीड़ितों में से अनेकों को अभी तक मुआवजा क्यूं नहीं दे पा रही है नीतीश सरकार ?

२४. नीतीश सरकार द्वारा बिहार में अल्पसंख्यकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए १० सूत्री कार्यक्रम का क्या हश्र हुआ ? इसकी झलक तो पूरे प्रदेश में कहीं दिखाई ही नहीं देती।

२५. क्या नीतीश जी के लिए अल्पसंख्यक कल्याण का मतलब सिर्फ पटना में हज -भवन का निर्माण और हज -यात्रियों के लिए अच्छी सुविधाओं का इंतजाम करना ही है ?

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2 Comments on "“नीतीश का सिर्फ अल्पसंख्यकों के रहनुमा बनने का दिखावा !”"

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DR.S.H.SHARMA
Guest

Nitish Kumar wish to be in power and he can go low and there is no limit to that.
He is now afraid of Loksabha election and there is clear wave against JDU . There is no hope that he will be able to come back after next state elections. People just do not trust him now.

mahendra gupta
Guest

अब उनको केवल इन्ही में वोट दिखाई दे रहे हैं,राजनीति में वादे होते हैं,पर उनके पालन की बाध्यता नहीं होती.सवालों के जवाब भी नहीं होते,जनता यदि पूछती है,या कोई उम्मीद रखती है तो भारत में तो ऐसा करना भूल ही होगी.

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