सत्‍य की जन्‍मतिथि नहीं होती

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हृदयनारायण दीक्षित सत्य सदा से है, सनातन है, चिरंतन है। गीता भारतीय अनुभूति का सत्यदर्शन है। पिछले सप्ताह (17 दिसम्बर) गीता जयंती के उल्लास थे। जयन्ती का मतलब जन्मतिथि नहीं होता। जयन्ती का जय सत्य की विजय है। तत्वबोध ही आनंदमगन विश्व की गारंटी है लेकिन विश्व तनावग्रस्त है। मनुष्य का वर्तमान ‘भविष्य तनाव’ में… Read more »