वर्ग-दंभियों के दायरे

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-हरिकृष्ण निगम हाल में एक अमेरिकी लेखक ने आज की सभ्यता के संकटों से उपजे स्वरों में एक नितांत वैयक्तिक तत्व को अत्यंत महत्वपूर्ण माना है और कहा है कि आज के युग में प्रतिष्ठित, समृध्द और बड़े कहे जाने वाले लोगों में संवेदनशीलता, निर्बोधता और निश्छल आचरण का युग जैसे समाप्त होता जा रहा… Read more »