लेखक परिचय

मिलन सिन्हा

मिलन सिन्हा

स्वतंत्र लेखन अब तक धर्मयुग, दिनमान, कादम्बिनी, नवनीत, कहानीकार, समग्रता, जीवन साहित्य, अवकाश, हिंदी एक्सप्रेस, राष्ट्रधर्म, सरिता, मुक्त, स्वतंत्र भारत सुमन, अक्षर पर्व, योजना, नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, प्रभात खबर, जागरण, आज, प्रदीप, राष्ट्रदूत, नंदन सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक रचनाएँ प्रकाशित ।

Posted On by &filed under कविता, साहित्‍य.


garibजिसके सहारे था, उसी ने मुझे बेसहारा किया

साहिल ने भी  अब  मुझसे  किनारा किया ।

 

दिन गुजर गया, पर किसी ने खबर न ली

शाम को उसने मुझे दूर से  इशारा किया ।

 

खट्टी-मीठी यादों का नाम है मेरी जिंदगी

यादों के सहारे ही हमने अबतक गुजरा किया ।

 

जो  कुछ  झूठ  है, वही  सब  सच  है  यहाँ

देश के कर्णधारों (?) ने तैयार यह नारा किया ।

 

जो गन्दा है, भूखा है, नंगा है, उसे मत देखो

उन्होंने  हिदायत दी, पर मैंने वही दुबारा किया ।

 

कौन  थे  वे  लोग, कहाँ  गए  वे  लोग

जिन्होंने हमें आज चौराहे पर खड़ा किया ।

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz