मेरा ये सवाल है

मन में विचारों के द्वन्द्व से, प्रतिशोध या प्रतिद्वन्द्व से
क्यों हृदय में उछाल है, मेरा ये सवाल है- मेरा ये सवाल है।
कोई नहीं मिलता किसी से, हर वक़्त लड़तें हैं सभी से
जाती और धर्म के नाम पर, क्यों हो रहा बवाल है
मेरा ये सवाल है- मेरा ये सवाल है।
नेताओं को है हो रहा, शासन व सत्ता का नशा
इन दो नशों के बीच मे, मजदूर बेचारा पिसा
नेता क्यों मालामाल है, मेरा ये सवाल है- मेरा ये सवाल है।
समृद्ध थे, सम्पत्ति थी, कोई नहीं विपत्ति थी
हर तरफ खुशहाली यहाँ , थी और हरियाली यहाँ
पर आज क्यों कंगाल हैं, मेरा ये सवाल है- मेरा ये सवाल है।
कोई खीर पूरी खा रहा, बिरयानी कोई चबा रहा
रही खाने की तो दूर बात, कोई देख भी न पा रहा
क्यों आज ऐसा हाल है, मेरा ये सवाल है- मेरा ये सवाल है।
चार सौ में लोग पहले, बहुत करते काम थे
नाम और इज्जत की खातिर , काम करते तमाम थे
पर आज चालीस हजार में, क्यों हो रहा हड़ताल है
मेरा ये सवाल है- मेरा ये सवाल है।
उस लक्ष्मण की सोच लो, अपने दिलों में खोज लो
राजमहलों का सुकून , था जिन्होंने तज दिया
और भाई के लिए , था प्राण न्योछावर किया
पर आज भाई- भाई में फिर, क्यों न बोलचाल है
मेरा ये सवाल है- मेरा ये सवाल है।
– अजय एहसास
सुलेमपुर परसावां
अम्बेडकर नगर (उ०प्र०)
मो०- 9889828588

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