लेखक परिचय

चंडीदत्त शुक्‍ल

चंडीदत्त शुक्‍ल

यूपी के गोंडा ज़िले में जन्म। दिल्ली में निवास। लखनऊ और जालंधर में पंच परमेश्वर और अमर उजाला जैसे अखबारों व मैगजीन में नौकरी-चाकरी, दूरदर्शन-रेडियो और मंच पर तरह-तरह का काम करने के बाद दैनिक जागरण, नोएडा में चीफ सब एडिटर रहे। फोकस टीवी के हिंदी आउटपुट पर प्रोड्यूसर / एडिटर स्क्रिप्ट की ज़िम्मेदारी संभाली। दूरदर्शन-नेशनल के साप्ताहिक कार्यक्रम कला परिक्रमा के लिए लंबे अरसे तक लिखा। संप्रति : वरिष्ठ समाचार संपादक, स्वाभिमान टाइम्स, नई दिल्ली।

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चार बार यूपी के सीएम रहे, पांच साल तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री। गवर्नर, सेंट्रल मिनिस्टर और भी पता नहीं क्या-क्या…पचास साल से सियासत कर रहे हैं, लेकिन एक क्लिप में वो तीन महिलाओं के साथ कथित तौर पर दिखाए गए और एक युवक ने दावा किया—वही हैं मेरे असली पिता!

चण्डीदत्त शुक्ल

ये भारतीय राजनीति के मसीहा हैं। यूपी के चार बार मुख्यमंत्री रहने के साथ उत्तराखंड में पांच साल तक सीएम बनने-बने रहने का गौरव इन्हें हासिल हैं। राज्यपाल रह चुके। केंद्र की कुर्सियों पर भी काबिज़ रहे हैं। पचास साल से अच्छे सियासतदां हैं, विद्वान हैं। साफगोई और नम्रता का बैलेंस उनके व्यक्तित्व की खासियत है। ये हैं नारायण दत्त तिवारी यानी एनडी। बुजुर्ग राजनेता। उम्र के आखिरी पड़ाव में बदनामी के दाग झेल रहे हैं। वो कहते हैं—किसी स्त्री से मेरे अवैध रिश्ते नहीं रहे पर एक शख्स है, जो उन्हें अपना पिता बताता है, वहीं ब्लू सीडी में भी वो नज़र आ चुके हैं।

नारायण दत्त तिवारी ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उम्र के ऐसे दौर में इस कदर रुसवा होना पड़ेगा पर ऐसा हुआ और इस कदर हुआ कि लोग हैरत में पड़ गए। नैनीताल के एक गांव में साधारण किसान परिवार में जन्मे एनडी तिवारी ने होटल में जूठे बर्तन तक धोए हैं। आज़ादी की लड़ाई के दौरान जेल में इस तरह पिटाई हुई कि श्रवण शक्ति तक कमज़ोर हो गई। गुरबत से शोहरत और दौलत का कामयाब सफ़र तिवारी ने तय किया है। वर्षों पहले पत्नी की मृत्यु हो गई और उनके कोई बच्चा नहीं है। एकाकी जीवन गुजार रहे एनडी तिवारी पर आरोपों की बौछार हो रही है। किसी बेइमानी, घपले-घोटाले को लेकर नहीं, अवैध संबंधों को लेकर।

तिवारी को बदनामी से बचाने के लिए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की डिविजन बेंच को तो बाकायदा एक टीवी चैनल को आदेश देना पड़ा कि वो राज्य के गवर्नर नारायण दत्त तिवारी से ताल्लुक रखती एक ब्ल्यू क्लिप टेलिकास्ट ना करे। कथित तौर पर तब, 85 साल के तिवारी के साथ तीन नग्न महिलाएं इस क्लिप में नज़र आ रही थीं। उत्तराखंड की एक महिला ने तो यहां तक आरोप लगाया था कि तिवारी के कहने पर राजभवन के एक अफ़सर की मदद से तीन महिलाएं वहां भेजी गई थीं और ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। आरोप यह भी है कि महिलाओं से नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन उनका उपयोग यौन संबंध बनाने के लिए किया गया।

ज्यादा पुरानी बात नहीं, जब एक नौजवान रोहित शेखर ने तिवारी को अपना पिता बताया था। उसने दिल्ली हाईकोर्ट में बाकायदा याचिका दायर कर इस बारे में सुनवाई की मांग की थी। रोहित का दावा था कि उनकी मां से तिवारी की क्लोज़ रिलेशनशिप की वज़ह से वह जन्मे हैं। यह मामला अब भी अदालत में है। नतीज़ा क्या आएगा, वक्त बताएगा, लेकिन यह एक और किस्सा है, जो बताता है—सियासत और सेक्स का गंठजोड़ कुछ ज्यादा ही गहरा और मज़बूत है।

क्रमश:

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