‘ देवपुत्र ‘ पढ़ पाऊँ हर दिन

मुझको चंदा पर जाना है

मुझको यान दिला दो न माँ|

एक अटेची नई दिला दो

ट्रेक सूट सिलवा दो न माँ|

 

टिफिन बाक्स में ताजा पोषित

लंच पेक करवा दो न माँ|

हो सकता है वहां ठंड‌ हो

कंबल एक रखा दो न मां|

 

रोज़ नहाऊंगा मल मल के

लाइफ बाँय रखवा दो न माँ|

ब्रेक फास्ट में न हो अड़चन

ब्रेड बटर सिकवा दो न माँ|

 

‘ देव पुत्र’ पढ़ पाऊँ हर दिन

पांच अंक रखवा दो न माँ|

संपादक को पाँच साल का

अग्रिम भी भिजवा दो न माँ|

 

ठंडा पानी ले जाना है

कूलर भी भरवा दो न माँ|

गरम चाय भी कहाँ मिलेगी

थर्मस फुल करवा दो न माँ|

 

मंदिर में जल्दी से चलकर

पूजा पाठ करा दो न माँ|

पापाजी से ढेर दुआयें

जल्दी से दिलवा दो न माँ|

Leave a Reply

%d bloggers like this: