लेखक परिचय

प्रवक्‍ता ब्यूरो

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गृहमंत्री

चिदंबरम नहीं जानते अन्ना का स्थान ,

ऐसे गृहमंत्री मिले , भारत देश महान .

भारत देश महान ,निकम्मे नेता पाए,

शांति का सच्चा दूत,देश में गुम हो जाए.

कहे चिदंबरम पुलस नहीं है बस में मेरे,

बढ़ता भ्रष्टाचार ,देश में सांझ – सबेरे. १ .

अन्ना की हुंकार

भ्रष्टाचार की प्रेरणा, यह मनमोहन सरकार,

राष्ट्र जागृत हो गया सुन अन्ना की हुंकार.

सुन अन्ना की हुंकार,मंत्रीजी डर-डर जाएं ,

जेल में कर दो बंद, धड़कन कहीं रुक न जाए .

जेल में बैठा चुप , न जाने क्या है ठानी ,

आएगा भूचाल, करोगे यदि मनमानी . २ .

सत्याग्रह

अन्ना आप महान हैं,धन्य आपका त्याग ,

आपकी इक ललकार से ,भ्रष्ट रहे हैं भाग.

भ्रष्ट रहे हैं भाग, जेल में बंद कराया,

सत्याग्रह की शक्ति,सैलाब उमड़ कर आया

तानाशाहों की नींद उड़ी,अब थर-थर कांपें ,

नहीं मिल रहा मार्ग, अब किसकी माला जापें .३.

वन्दे-मातरम्

कहते वन्दे मातरम,भारत माता की जय ,

बाल,युवा और वृद्धों के,एक हुए सुर लय .

एक हुए सुर लय , है भ्रष्टाचार मिटाना,

चाहे कुछ भी हो , अन्ना के साथ है रहना .

मची है अंधी लूट, देश के प्यारों जागो,

अन्ना का दो साथ, अब पीछे मत भागो.४.

राह

मत बन रावण बावरे,समय को तू पहचान,

अहम् का चोला छोड़ दे,बन जा तू इंसान.

बन जा तू इंसान,ह्रदय में प्रीति जगा ले ,

छोड़ दे भ्रष्टा चार,अन्ना को शीघ्र मना ले.

अहिंसा का यह दूत,तुम्हे है राह दिखाता ,

देश को कर ले प्यार,जोड़ अन्ना से नाता.५.

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