अफरोज आलम ‘साहिल’

सोशल एक्टिविस्ट व खोज़ी पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम। आर टी आई आन्दोलन से जुड़े हैं।

बिहार में लोकसभा चुनाव में विकास रहा मुख्य मुद्दा

पहली बार बिहार में विकास का मुद्दा लोकसभा चुनाव में हावी है। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद को राज्य के विकास का पहरुआ बताया है और साथ ही केंद्र को…

पर्यावरण के प्रश्‍न पर सभी दल खामोश

मौसम में बढ़ती गर्मी, सूखते बादल और हवाओं का बदलता रूख….हर तरफ धूल-धक्कड़ और चलती लू के थपेड़े…और फिर प्रतिद्वंद्वियों की चुनौतियों के बीच चुनाव की बढ़ती सरगर्मी और चिलचिलाती धूप….

वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना – अफरोज आलम ‘साहिल’

खबर है कि केन्द्र सरकार के ढाई करोड़ की राशि से वंचित होने के बाद भी वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना कार्यालय (वाल्मीकीनगर, बिहार) की ओर से वर्ष 2009-10 के लिए नया वार्षिक योजना…

राजनीतिक पार्टियां के चंदे का फंडा – अफरोज आलम ‘साहिल’

हमारे देश में जितनी भी राजनीतिक पार्टियां हैं, उन्हें अपना जनसेवा और राजनीति का कारोबार चलाने के लिए पैसा चाहिए। और पैसा भी खूब चाहिए। जलसा, सम्मेलन, चुनाव और प्रचार में उड़ते…

जारी है चुनावी आचार संहिता उल्लंघन का दौर…

पिछले दस वर्षों में भारत में चुनाव लड़ने के तौर-तरीक़ों में काफ़ी अंतर नज़र आ रहा है, चुनाव आयोग उम्मीदवारों और पार्टियों के ख़र्च पर कड़ी नज़र रख रहा है। चुनाव आचार संहिता को भी…