विविधा बिना हिंदी के हिन्दुस्तान की कल्पना नहीं की जा सकती September 13, 2017 | Leave a Comment 14 सितंबर 2017 हिंदी दिवस पर विशेष हिंदी शब्द है हमारी आवाज का हमारे बोलने का जो कि हिन्दुस्तान में बोली जाती है। आज देश में जितनी भी क्षेत्रीय भाषाएँ हैं उन सबकी जननी हिंदी है। और हिंदी को जन्म देने वाली भाषा का नाम संस्कृत है। जो कि आज देश में सिर्फ प्रतीकात्मक रूप […] Read more » Featured Hindi Diwas हिंदी
समाज समाज और देश के निर्माण में शिक्षकों का अहम योगदान September 3, 2017 / September 3, 2017 | Leave a Comment 05 सितंबर 2017 शिक्षक दिवस पर विशेष शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता है। किसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है, कहा जाए तो शिक्षक समाज का आइना होता है। हिन्दू धर्म में शिक्षक के लिए कहा गया है कि आचार्य देवो भवः यानी […] Read more » 5th September Teachers day Teacher Teachers Day शिक्षक
खेल जगत मनोरंजन विविधा खेलों में देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन कर रही बेटियां August 28, 2017 | Leave a Comment (29 अगस्त 2017, खेल दिवस पर विशेष ) खेल कई नियम, कायदों द्वारा संचालित ऐसी गतिविधि है जो हमारे शरीर को फिट रखने में मदद करती है। आज इस भागदौड भरी जिन्दगी में अक्सर हम खेल के महत्व को दरकिनार कर देते हैं। आज के समय में जितना पढना-लिखना जरूरी है, उतना ही खेल-कूद भी […] Read more » 2016 के रियो ओलंपिक 29 अगस्त 2017 Featured खेल खेल दिवस पीटी उषा भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम भारतीय महिला क्रिकेट टीम महिला जिमनास्ट दीपा कर्माकर ललिता बाबर साक्षी मलिक
लेख साहित्य देशभक्ति और कृष्णभक्ति के पर्व हैं स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी August 14, 2017 / August 18, 2017 | Leave a Comment (71वें स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष आलेख) इस साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दोनों साथ-साथ पडे हैं, दोनों पर्वों का अपना-अपना महत्व है। एक पर्व स्वतंत्रता दिवस है जो कि हमारा राष्ट्रीय पर्व है, इसी दिन हमारा हिन्दुस्तान आज से 70 साल पहले 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से […] Read more » कृष्णभक्ति जन्माष्टमी देशभक्ति स्वतंत्रता दिवस
शख्सियत समाज देश के करोडों युवाओं के रोल मॉडल हैं मिसाइल मैन डॉ. कलाम July 25, 2017 / July 25, 2017 | Leave a Comment (भारत रत्न डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम जी की द्वितीय पुण्यतिथि 27 जुलाई 2017 पर विशेष आलेख) भारत माँ के सपूत, मिसाइल मैन, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, महान वैज्ञानिक, महान दार्शनिक, सच्चे देशभक्त ना जाने कितनी उपाधियों से पुकार जाता था भारत रत्न डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम जी को वो सही मायने में […] Read more » Featured पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल मैन डॉ. कलाम
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म भगवान शिव की आराधना के लिये प्रसिध्द है आगरा का कैलाश मेला July 24, 2017 / July 24, 2017 | Leave a Comment (24 जुलाई 2017 कैलाश मेले पर विशेष आलेख) हमारे भारत देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्यौहार आगरा का सुप्रसिध्द कैलाश मेला है। आगरा का यह सुप्रसिध्द कैलाश मेला हर […] Read more » आगरा आगरा का कैलाश मेला कैलाश मेला
समाज योग से आती है मनुष्य में सकारात्मकता June 19, 2017 | Leave a Comment 27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने पहले संबोधन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की जोरदार पैरवी की थी। इस प्रस्ताव में उन्होंने 21 जून को ‘‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’’ के रूप में मान्यता दिए जाने की बात कही थी। मोदी की इस पहल का 177 देशों ने समर्थन किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में इस आशय के प्रस्ताव को लगभग सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। और 11 दिसम्बर 2014 को को संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को ‘‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’’ को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। Read more » Featured अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ योग दिवस
समाज बाल श्रम रोकने के लिये सरकार और समाज को करना होगा सामूहिक प्रयास June 11, 2017 | 1 Comment on बाल श्रम रोकने के लिये सरकार और समाज को करना होगा सामूहिक प्रयास बाल-श्रम की समस्या भारत में ही नहीं दुनिया कई देशों में एक विकट समस्या के रूप में विराजमान है। जिसका समाधान खोजना जरूरी है। भारत में 1986 में बालश्रम निषेध और नियमन अधिनियम पारित हुआ। इस अधिनियम के अनुसार बालश्रम तकनीकी सलाहकार समिति नियुक्त की गई। इस समिति की सिफारिश के अनुसार, खतरनाक उद्योगों में बच्चों की नियुक्ति निषिद्ध है। Read more » Featured बाल श्रम विश्व बालश्रम निषेध दिवस
पर्यावरण विविधा विश्व में विकास की अंधी दौड़ से प्रकृति बढ रही विनाश की ओर June 5, 2017 | Leave a Comment आज विवाह, जन्मदिन, पार्टी और अन्य ऐसे समारोहों पर उपहार स्वरूप पौधों को देने की परंपरा शुरू की जाए। फिर चाहे वो पौधा, तुलसी का हो या गुलाब का, नीम का हो या गेंदे का। इससे कम से कम लोगों में पेड पौधों के प्रति एक लगाव की शुरूआत तो होगी। और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता आएगी और ईको फ्रेंडली फैशन की भी शुरुआत होगी। Read more » Featured world environment day विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून
विविधा मोदी सरकार के तीन साल में बही विकास की गंगा May 27, 2017 | Leave a Comment प्रधानमंत्री मोदी ने इन तीन सालों में 1 करोड़ से ज्यादा अमीर लोगों को गैस सब्सिडी छोड़ने की लिए प्रेरित किया, इससे मोदी सरकार पर काफी भार कम हुआ है। इसके साथ ही मोदी सरकार ने पूरे देश में वीआईपी कल्चर को पूर्ण रूप से खत्म कर दिया। अब सिर्फ एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी इमरजेंसी सेवाओं में लगी गाडियां ही नीली बत्ती का इस्तेमाल कर सकेंगी। इसके साथ ही कैशलेश लेन-देन के लिए मोदी सरकार भीम एप्प लेकर आयी है, अब तक देश में 2 करोड़ से ज्यादा लोग भीम एप्प डाउनलोड कर चुके हैं। Read more » ‘वन बेल्ट वन रोड Featured उज्जवला योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बेनामी लेनदेन बेनामी संपत्ति मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन वन रैंक वन पेंशन विमुद्रीकरण सर्जिकल स्ट्राइक स्वच्छ भारत अभियान
शख्सियत समाज सिनेमा हमेशा अपने दमदार अभिनय से मां के किरदार को जीवंत किया रीमा लागू ने (स्मृति-शेष) May 25, 2017 | Leave a Comment रीमा लागू का जन्म 1958 में हुआ था। रीमा के बचपन का नाम गुरिंदर भादभाड़े था। रीमा लागू जानीमानी मराठी एक्ट्रेस मंदाकनी भादभाड़े की बेटी हैं। रीमा लागू की अभिनय क्षमता का पता जब चला जब वह पुणे में हुजुरपागा एचएचसीपी हाई स्कूल में छात्रा थीं। हाई स्कूल पूरा करने के तुरंत बाद उनके अभिनय […] Read more » Featured रीमा लागू
समाज बिना माँ के संसार की कल्पना करना निरर्थक May 12, 2017 | Leave a Comment दुनिया की हर नारी में मातृत्व वास करता है। बेशक उसने संतान को जन्म दिया हो या न दिया हो। नारी इस संसार और प्रकृति की ‘जननी’ है। नारी के बिना तो संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस सृष्टि के हर जीव और जन्तु की मूल पहचान माँ होती है। अगर माँ न हो तो संतान भी नहीं होगी और न ही सृष्टि आगे बढ पाएगी। इस संसार में जितने भी पुत्रों की मां हैं, वह अत्यंत सरल रूप में हैं। कहने का मतलब कि मां एकदम से सहज रूप में होती हैं। वे अपनी संतानों पर शीघ्रता से प्रसन्न हो जाती हैं। वह अपनी समस्त खुशियां अपनी संतान के लिए त्याग देती हैं, क्योंकि पुत्र कुपुत्र हो सकता है, पुत्री कुपुत्री हो सकती है, लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती। एक संतान माँ को घर से निकाल सकती है लेकिन माँ हमेशा अपनी संतान को आश्रय देती है। एक माँ ही है जो अपनी संतान का पेट भरने के लिए खुद भूखी सो जाती है और उसका हर दुख दर्द खुद सहन करती है। Read more » 14 मई Featured मातृ दिवस मातृ दिवस 14 मई