डॉ नीलम महेन्द्रा

डॉ नीलम महेन्द्रा

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समाज में घटित होने वाली घटनाएँ मुझे लिखने के लिए प्रेरित करती हैं।भारतीय समाज में उसकी संस्कृति के प्रति खोते आकर्षण को पुनः स्थापित करने में अपना योगदान देना चाहती हूँ।

लेखक - डॉ नीलम महेन्द्रा - के पोस्ट :

विविधा

 विरोध का गिरता स्तर गोवध

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क्यों अन्य पशुओं जैसे भैंस बकरी ऊँटनी के दूध में मातृत्व के पूरक अंश नहीं पाए जाते? क्या गाय के अलावा किसी अन्य जीव के मल मूत्र में औषधीय गुण पाए जाते हैं? जब ईश्वर ने स्वयं गाय का सृजन मनुष्य का पालन करने योग्य गुणों के साथ किया है और आधुनिक विज्ञान भी इन तथ्यों को स्वीकार कर चुका है तो फिर वह गाय जो जीते जी उसे पोषित करती है तो क्यों हम उसे माँ का दर्जा नहीं दे पा रहे ? राजिस्थान हाई कोर्ट की सलाहानुसार अपने पड़ोसी देश नेपाल की तरह क्यों नहीं हम भी गाय को अपना राष्ट्रीय पशु घोषित कर देते उसे मारकर उसके ही माँस से पोषण प्राप्त करने की मांग कहाँ तक उचित है?

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विविधा

टूरिज्म पर टैरेरिज्म हावी क्यों

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अगर पत्थर बाज अपने देश के लिए पत्थर फेंक रहे हैं तो हमारे जवान किसके लिए पत्थर और गोलियाँ खा रहे हैं? अगर देश को पत्थर बाजों को समझने की जरूरत है तो क्या आपको देश और जवानों के सब्र को समझने की जरूरत नहीं है? अबदुल्ला साहब का कहना है कि आप लोगों को देश की परवाह है लेकिन पत्थर बाजों की नहीं तो क्या आप पत्थर बाजों को इस देश का हिस्सा नहीं मानते? हाल के चुनावों में वो कौन लोग थे जिन्होंने बन्दूक की नोंक पर कश्मीरी आवाम को वोट डालने से रोका? कश्मीर का युवा हाथ में बन्दूकें या पत्थर लेकर इस मुद्दे का हल चाह रहे हैं ?

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राजनीति

असाधारण चुनाव के असाधारण नतीजे

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जो लोग यह कह रहे हैं कि जिस व्यक्ति के पास कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं है उसे इतने बड़े प्रदेश की बागडोर सौंप देना कहाँ तक उचित है वे भूल रहे हैं कि उप्र के पिछले मुख्यमंत्री के पास किसी प्रकार के प्रशासनिक अनुभव तो क्या कोई राजनैतिक अनुभव भी नहीं था लेकिन योगी द्वारा किए गए संसदीय कार्यों की समीक्षा करने मात्र से ही उनको अपने प्रश्न का उत्तर मिल जाएगा। 1998 से लगातार गोरखपुर से सांसद रहे योगी आदित्यनाथ के व्यापक जनाधार और एक प्रखर वक्ता की छवि को भी शायद यह लोग अनदेखा करने की भूल कर रहे हैं। जब परिवादवाद की देन एक अनुभव हीन मुख्यमंत्री को प्रदेश की बागडोर संभाल सकता है तो योगी को तो 26 वर्ष की उम्र में सबसे कम उम्र के सांसद बनने का गौरव प्राप्त है।

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