श्रीराम भक्त हनुमान के जन्म स्थान पर विवाद चरम पर
-अशोक “प्रवृद्ध” शक्ति, भक्ति, आस्था, बल, बुद्धि, ज्ञान, दैवीय शक्ति, बहादुरी, बुद्धिमत्ता, निःस्वार्थ सेवा-भावना आदि गुणों और अपना सम्पूर्ण जीवन...
-अशोक “प्रवृद्ध” शक्ति, भक्ति, आस्था, बल, बुद्धि, ज्ञान, दैवीय शक्ति, बहादुरी, बुद्धिमत्ता, निःस्वार्थ सेवा-भावना आदि गुणों और अपना सम्पूर्ण जीवन...
-अशोक “प्रवृद्ध” अयोध्या में श्रीराम लला को न्याय मिलने और मथुरा में श्री कृष्ण को न्याय दिलाने की लड़ाई न्यायालय...
-अशोक “प्रवृद्ध” झारखण्ड सहित देश के अधिकांश राज्यों में ग्रामीण व लघु उद्योगों के माध्यम से आजीविका संवर्द्धन के अनेकानेक...
-अशोक “प्रवृद्ध” वर्तमान में मांसाहारी होना, राम, कृष्ण, साईं जैसे मनुष्यों को भगवान मानकर पूजन करना, जाति, घूंघट व पर्दा...
-अशोक “प्रवृद्ध” आसान व सुलभ ढंग से जीवन -यापन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को धन-सम्पदा से सम्पन्न और धन- संपदा...
-अशोक “प्रवृद्ध” अतिप्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में तप व साधना के माध्यम से प्राप्त होने वाली परलौकिक व...
-अशोक “प्रवृद्ध” संसार के किसी भी देश में पन्थ, मजहब के आधार पर पृथक- पृथक कानून नहीं होते, बल्कि सभी...
-अशोक “प्रवृद्ध” इस पृथ्वी पर विकसित विविध जीवन मानव की अनेक आवश्यकताओं को आदिकाल से ही पूर्ण करता रहा है,...
-अशोक “प्रवृद्ध” सदियों से ही भारत के बहुसंख्यकों का पवित्र धर्मस्थल व आस्था-विश्वास का केंद्र भारतवर्ष के उत्तरप्रदेश का मथुरा...
-अशोक “प्रवृद्ध” भारत विभाजन के पश्चात भारतीय राजनीतिक इतिहास में सादा जीवन उच्च विचार के परिचायक देश के द्वितीय प्रधानमन्त्री...
-अशोक “प्रवृद्ध” राम लला को सर्वोच्च न्यायालय से न्याय मिलने और अयोध्या में श्रीराम मन्दिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने...
-अशोक “प्रवृद्ध” एक प्रखर विचारक, उत्कृष्ट संगठनकर्ता तथा जीवनपर्यंन्त अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी व सत्यनिष्ठा को अत्यधिक महत्त्व देते हुए उस...