अशोक “प्रवृद्ध”

बाल्यकाल से ही अवकाश के समय अपने पितामह और उनके विद्वान मित्रों को वाल्मीकिय रामायण , महाभारत, पुराण, इतिहासादि ग्रन्थों को पढ़ कर सुनाने के क्रम में पुरातन धार्मिक-आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, राजनीतिक विषयों के अध्ययन- मनन के प्रति मन में लगी लगन वैदिक ग्रन्थों के अध्ययन-मनन-चिन्तन तक ले गई और इस लगन और ईच्छा की पूर्ति हेतु आज भी पुरातन ग्रन्थों, पुरातात्विक स्थलों का अध्ययन , अनुसन्धान व लेखन शौक और कार्य दोनों । शाश्वत्त सत्य अर्थात चिरन्तन सनातन सत्य के अध्ययन व अनुसंधान हेतु निरन्तर रत्त रहकर कई पत्र-पत्रिकाओं , इलेक्ट्रोनिक व अन्तर्जाल संचार माध्यमों के लिए संस्कृत, हिन्दी, नागपुरी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओँ में स्वतंत्र लेखन ।

घनघोर गरीबी व अति दयनीय हालत में जीने को मजबूर है ग्रामीण भारत

अशोक “प्रवृद्ध”   भारत विभाजन के पश्चात् बारह पंचवर्षीय योजनाओं में लाखों करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी ग्रामीण...

मुंबई बम हमले में पहली बलि चढ़ेगी याकूब मेमन की

अशोक “प्रवृद्ध”   बात आज से कोई नौ वर्ष पुरानी है, जब अदालत में पेशी के दौरान याकूब अब्दुल रज्जाक...

डिजिटल इण्डिया अभियान से होगी नई सूचना क्रान्ति का आगाज

अशोक “प्रवृद्ध”   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा एक जुलाई को अपनी चिर-परिचित शैली के अनुरूप पूर्ण भव्यता के साथ...

दालों की बढती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए आयात करने का निर्णय

अशोक “प्रवृद्ध”   देश में दालों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार 5,000 टन...

श्रीकृष्ण परमात्मा के अवतार नहीं वरन महान योगी थे

 अशोक “प्रवृद्ध” यह सर्वमान्य तथ्य है कि श्रीमद्भगवद्गीता का पूर्ण कथन उपनिषदादि ग्रंथों पर आधारित है। स्वयं श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता...

झारखण्ड में देश का पहला खेल विश्वविद्यालय का मार्ग प्रशस्त

अशोक “प्रवृद्ध”   देश में पहली बार झारखण्ड में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग साफ और प्रशस्त हो गया...

आवास मुहैय्या कराकर गरीबों के सपनों को नई उड़ान देने की कोशिश

अशोक “प्रवृद्ध”   शहरी भारत का कायाकल्प करने तथा हर परिवार को अपना घर और बेहतर जीवनशैली मुहैय्या कराने के...

मानसून की अस्थिरता के कारण सूखे की आशंका

अशोक “प्रवृद्ध”   प्राकृतिक अर्थात मौसमीय मार सिर्फ किसानों को नहीं वरन समस्त देश अथवा संसार को रूलाने की क्षमता...

म्यांमार में सैनिक अभियान से पाक में भय और बेचैनी का आलम

-अशोक “प्रवृद्ध”-   चोरी-छुपे छद्म रूप से घात लगाकर मणिपुर के चंदेल जिले में भारतीय सेना के अठारह जवानों की...

राष्ट्र के कामकाज और व्यवहार की भाषा ही देश की भाषा हो

अशोक “प्रवृद्ध” जातीय अर्थात राष्ट्रीय उत्थान और सुरक्षा के लिये किसी भी देश की भाषा वही होना श्रेयस्कर होता है,जो...

हास्यास्पद है वैश्विक स्वीकृति प्राप्त योग का विरोध

-अशोक “प्रवृद्ध”   एक ओर जहाँ केन्द्र सरकार ने इक्कीस जून को आहूत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित...

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