लेखक परिचय

हिमांशु शेखर

हिमांशु शेखर

हिमांशु शेखर आईआईएमसी से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन वे सिर्फ पढ़ाई ही नहीं कर रहे बल्कि एक सक्रिय पत्रकार की तरह कई अखबारों और पत्रिकाओं में लेखन भी कर रहे हैं. इतना ही नहीं पढ़ाई और लिखाई के साथ-साथ मीडिया में सार्थक हस्तक्षेप के लिए मीडिया स्कैन नामक मासिक का संपादन भी कर रहे हैं.

नेहरू व गांधी के ढोंगी उत्तराधिकारी

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हिमांशु शेखर महात्मा गांधी के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को जाना जाता है। गांधी पर यह आरोप भी लगता है कि उन्होंने राजनीति में नेहरू को आगे बढ़ाने का काम सरदार वल्लभभाई पटेल समेत कई सक्षम नेताओं की कीमत पर किया। जब आजादी के ठीक पहले कांग्रेस… Read more »

मेक इन इंडिया की चुनौतियां

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हिमांशु शेखर बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के तकरीबन सभी बड़े काॅरपोरेट घरानों के मालिकों की मौजूदगी में नई दिल्ली में ‘मेक इन इंडिया’ योजना की औपचारिक शुरुआत की। प्रधानमंत्री की इस महत्वकांक्षी योजना को कारोबारी घरानों समेत कई विशेषज्ञ क्रांतिकारी बता रहे हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसकी खामियों की… Read more »



एससीओ सदस्यता बेहद अहम

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हिमांशु शेखर नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के शुरुआती दिनों में ही विदेश नीति के मोर्चे पर इतनी हाई-प्रोफाइल घटनाएं हो रही हैं कि कई विदेशी मंचों पर होने वाली कुछ अहम घटनाओं की ओर लोगों का ध्यान काफी कम जा पा रहा है। जिन दिनों चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग भारत की यात्रा पर… Read more »

मोदी सरकार का मैंनेजमेंट तंत्र

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हिमांशु शेखर नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली नई सरकार कई तरह से अपने कामकाज को अलग दिखाने की कोशिश कर रही है। इन्हीं कोशिशों में एक कोशिश यह भी है कि सरकारी अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए वैसे लोगों को बुलाया जा रहा है जो अब तक निजी क्षेत्र की कंपनियों में मैनेजमेंट और… Read more »

खेल प्रशासन में गड़बड़ियों के निहितार्थ

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भारत में खेलों के प्रशासन में जो गड़बडि़यां हैं, वे गाहे-बगाहे सामने आती रहती हैं। कई मामले ऐसे भी आए हैं जिनमें खिलाडि़यों को अपने इशारे पर नचाने के लिए खेलों के प्रशासक कई तरह के तिकड़म करते हैं। ताजा मामला ज्वाला गट्टा का है। भारत में क्रिकेट जैसे खेलों में इतना पैसा है कि… Read more »

रेलवे में लालू की बाजीगरी

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हिमांशु शेखर लालू यादव चारा घोटाले की सजा जेल में काट रहे हैं। कई लोग बतौर रेल मंत्री उनके कामकाज की तारीफ कर रहे हैं। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। 2004 में जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री बने तो उन्होंने घाटे का पर्याय बन चुके भारतीय रेल को अचानक मुनाफे की मशीन… Read more »

राष्ट्रीय पार्टी, क्षेत्रीय राह

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हिमांशु शेखर दस साल बाद केंद्र की सत्ता के ख्वाब संजोने वाली भाजपा अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पहली बार दलितों और मुसलमानों को क्षेत्रीय दलों की तरह लुभा रही है. हर राजनीतिक दल की देश-समाज में एक पहचान होती है. कोई जाति विशेष की राजनीति के लिए जाना जाता है तो… Read more »

बोल बड़े, बिल अटके पड़े

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हिमांशु शेखर कांग्रेस दावा करती है कि उसका हाथ आम आदमी के साथ है. लेकिन उसकी अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने कई ऐसे विधेयक लटका रखे हैं जिनका सीधा संबंध उसी आम आदमी की भलाई से है. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की मुख्य पार्टी कांग्रेस के नेता यह दावा करते हुए नहीं अघाते कि उनकी सरकार… Read more »

सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के पेंच

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हिमांशु शेखर   न्याय व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने के मकसद से न्यायिक सुधार की बात चल रही है. न्यायधीशों की जवाबदेही तय करने के लिए न्यायिक जवाबदेही विधेयक लाने की बात भी हो रही है. लेकिन देश की सर्वोच्च अदालत की स्थितियों को देखते हुए यह लगता है कि सुधार की जरूरत सिर्फ जजों के… Read more »

राजनीति के कालिदास

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हिमांशु शेखर   ‘सीएजी सरकार के प्रति जवाबदेह नहीं है. उसे अपनी रिपोर्ट में सरकार की आलोचना करने का अधिकार मिला हुआ है. संसद में अगर कोई सीएजी की आलोचना करता है तो इसका अर्थ यह माना जाएगा कि वह बगैर किसी भय और पक्षपात के साथ उसके कार्य करने के संवैधानिक अधिकार को चुनौती… Read more »