हिमांशु शेखर

हिमांशु शेखर आईआईएमसी से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन वे सिर्फ पढ़ाई ही नहीं कर रहे बल्कि एक सक्रिय पत्रकार की तरह कई अखबारों और पत्रिकाओं में लेखन भी कर रहे हैं. इतना ही नहीं पढ़ाई और लिखाई के साथ-साथ मीडिया में सार्थक हस्तक्षेप के लिए मीडिया स्कैन नामक मासिक का संपादन भी कर रहे हैं.

भूख का नया चेहरा

जो भी यह सोच रहे थे कि 2008 के गुजरने के साथ ही खाद्यान्न संकट और भुखमरी की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी, वे गलत साबित हुए हैं। उन्हें गलत साबित किया है एफएओ की एक रपट ने। बीते दिनों इस संस्था ने अनाज संकट और इससे उपजी भुखमरी पर अपनी रपट जारी की।

पुलिस सुधार है बेहद जरूरी- हिमांशु शेखर

बीते दिनों गाजियाबाद निवासी रणवीर सिंह की हत्या देहरादून पुलिस ने कर दी। यह मामला अभी भी गरमाया हुआ है। रणवीर के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसके शरीर पर चोट के 28 निशान थे।

बिगड़ी हालत सेहत की-हिमांशु शेखर

देश में जन स्वास्थ्य की हालत सुधारने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। हर साल इन योजनाओं पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। पर जन स्वास्थ्य के मौजूदा हाल को देखते हुए यह अंदाजा लगा पाना मुश्किल है कि आखिर यह पैसा जा कहां रहा है।

ये लोकसभा तो अपराधियों और करोड़पतियों की है – हिमांशु शेखर

लोकसभा चुनाव 2009 के नतीजों की व्याख्या अलग-अलग तरह से की जा रही है। हर तरफ यह बात कही जा रही है कि यह चुनाव राष्ट्रिय दलों के दौर की वापसी वाला रहा।

अमीरों का लोकतंत्र – हिमांशु शेखर

इस बार के आम चुनाव में कई करोड़पति लोग जनता की नुमाइंदगी करने के मकसद से मैदान में उतर रहे हैं। करोड़पति उम्मीदवारों के मामले कोई भी दल और कोई भी राज्य पीछे नहीं है…