लेखक परिचय

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी

वामपंथी चिंतक। कलकत्‍ता वि‍श्‍ववि‍द्यालय के हि‍न्‍दी वि‍भाग में प्रोफेसर। मीडि‍या और साहि‍त्‍यालोचना का वि‍शेष अध्‍ययन।

भारतीय मुसलमानों के पक्ष में

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आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों ने मुसलमानों के खिलाफ जिस तरह प्रचार आरंभ किया है उसे देखते हुए सामयिक तौर पर मुसलमानों की इमेज की रक्षा के लिए सभी भारतवासियों को सामने आना चाहिए। मुसलमानों को देशद्रोही और आतंकी करार देने में इन दिनों मीडिया का एक वर्ग भी सक्रिय हो उठा है,ऐसे में मुसलमानों… Read more »

अस्मिता,आम्बेडकर और रामविलास शर्मा

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जगदीश्‍वर चतुर्वेदी रामविलास शर्मा के लेखन में अस्मिता विमर्श को मार्क्सवादी नजरिए से देखा गया है। वे वर्गीय नजरिए से जातिप्रथा पर विचार करते हैं। आमतौर पर अस्मिता साहित्य पर जब भी बात होती है तो उस पर हमें बार-बार बाबासाहेब के विचारों का स्मरण आता है। दलित लेखक अपने तरीके से दलित अस्मिता की… Read more »



ज्ञानक्रांति का फैसला कब लेंगी ममता

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जगदीश्‍वर चतुर्वेदी सपने देखना अच्छी बात है। सपनों में आनंद लेना भी अच्छी बात है लेकिन सपनों को साकार करना उससे भी अच्छी बात है। जो राजनेता सपने देखता है और सपने साकार करता है वह विज़नरी कहलाता है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को यदि पश्चिम बंगाल का सही अर्थ में आइकॉन बनना है तो राजनेता… Read more »

मीडिया कौंसिल से ही थमेगी मीडिया ब्लैकमेलिंग

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 जगदीश्‍वर चतुर्वेदी फिरौती लेना गुंडों और माफिया गिरोहों का काम रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में जबसे पेडन्यूज की संस्कृति मीडिया में आई है तब से फिरौती वसूली और ब्लैकमेलिंग की प्रवृत्ति मीडिया में भी आ गई है। पहले कभी-कभार छुटभैय्ये पत्रकार लोकल खबरों को छापने को लेकर ब्लैकमेलिंग करते थे,लेकिन जब से टीवी… Read more »

ममता के हस्तक्षेप के इंतजार में 35 बंगाली मजदूर

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जगदीश्‍वर चतुर्वेदी  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कल तक उनको किसी भी बंगाली पर हमला होने,उसकी अवैध गिरफ्तारी पर गुस्सा आता था लेकिन इनदिनों वे बदली हुई सी लग रही हैं। ममता का बंगाली जाति के प्रति प्रेम निर्विवाद है। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी बंगाली जाति के प्रति बेरुखी बढ़ी है। उनकी बेरुखी की… Read more »

मैत्रेयी पुष्पा के बहाने स्त्री आत्मकथा के पद्धतिशास्त्र की तलाश

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जगदीश्‍वर चतुर्वेदी आत्मकथा में सब कुछ सत्य नहीं होता बल्कि इसमें कल्पना की भी भूमिका होती है। आत्मकथा या साहित्य में लेखक का ‘मैं’ बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। यह ‘बहुआयामी होता है। उसी तरह लेखिका की आत्मकथा में ‘मैं’ का एक ही रूप नहीं होता। बल्कि बहुआयामी ‘मैं’ होता है। मैत्रेयी पुष्पा के… Read more »

मुस्लिम वोटबैंक की घेराबंदी में जुटी माकपा और ममता

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जगदीश्‍वर चतुर्वेदी पश्चिम बंगाल की राजनीति में मुस्लिम मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए माकपा और ममता दोनों ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। धार्मिक नेताओं को बहला-फुसलाकर मतदाताओं को राजनीतिक समर्थन में तब्दील करने की कोशिशें तेज हो गयी हैं। सन् 2014 के लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल के मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका… Read more »

फेसबुक और विचार

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जगदीश्‍वर चतुर्वेदी फेसबुक लेखन को कचड़ा लेखन मानने वालों की संख्या काफी है। ऐसे भी सुधीजन हैं जो यह मानते हैं कि केजुअल लेखन के लिए फेसबुक ठीक है गंभीर विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए यह माध्यम उपयुक्त नहीं है। यह धारणा बुनियादी तौर पर गलत है। फेसबुक पर आप चाहें तो विचारों का गंभीरता… Read more »

सिंगूरग्रंथि और ममता की चौदह घंटे की चुप्पी

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जगदीश्‍वर चतुर्वेदी सिंगूर–माकपा-मीडिया-पूंजीपतिग्रंथि ने पश्चिम बंगाल को पंगु बना दिया है। कमोबेश सब इसकी गिरफ्त में हैं। राज्य के विकास और सांस्कृतिक उन्नयन के लिए जरूरी है कि इन चारों ग्रंथियों से राज्य को निकाला जाय। दुर्भाग्य की बात यह है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इनमें कैद हैं। ममता के मार्ग में पग-पग पर ये… Read more »

अरविन्द केजरीवाल एंड कंपनी का न्यूज रियलिटी शो और फेसबुक सवाल

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जगदीश्‍वर चतुर्वेदी मजेदार मीडियागेम चल रहा है अरविन्द केजरीवाल एंड कंपनी के आरोपों पर खुर्शीद जांच को तैयार हैं,आज गडकरी भी तैयार हैं। असल में परंपरागत दलों में इतनी समझदारी विकसित हो गयी है कि जांच से उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा। केजरीवाल भी जानते हैं आरोपों से इन नेताओं का कुछ नहीं बिगड़ेगा। क्योंकि मीडिया-मीडियागेम… Read more »