जगदीश्‍वर चतुर्वेदी

वामपंथी चिंतक। कलकत्‍ता वि‍श्‍ववि‍द्यालय के हि‍न्‍दी वि‍भाग में प्रोफेसर। मीडि‍या और साहि‍त्‍यालोचना का वि‍शेष अध्‍ययन।

‘नामवर सिंह आलोचक कम और साहित्य के प्रौपेगैण्डिस्ट ज्यादा नजर आते हैं’

जगदीश्वर चतुर्वेदी  हाल ही में राजकमल प्रकाशन के द्वारा नामवर सिंह के विचारों,आलोचना निबंधों ,व्याख्यानों

अमेरिकी पूंजी, अशोक वाजपेयी और आलोचना का अवमूल्यन

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी भारत में जब से फोर्ड फाउंडेशन जैसी अमेरिकी संस्थाओं का कला,साहित्य,संस्कृति,सिक्षा आदि में

अशोक वाजपेयी का मार्क्सवाद पर हमला, मार्क्सवादी चुप्‍प !

जगदीश्वर चतुर्वेदी हिन्दी आलोचना में नव्यउदार पूंजीवादी चारणों के बारे में जब भी सोचता हूँ

पूंजीवादी अंधविश्वास और प्रौपेगैण्डा का संगम हैं निर्मल बाबा : जगदीश्वकर चतुर्वेदी

निर्मल बाबा के टीवी विज्ञापनों और बेशुमार सालाना आमदनी को लेकर हठात मीडिया ने ध्यान