जयराम 'विप्लव'

स्वतंत्र उड़ने की चाह, परिवर्तन जीवन का सार, आत्मविश्वास से जीत.... पत्रकारिता पेशा नहीं धर्म है जिनका. यहाँ आने का मकसद केवल सच को कहना, सच चाहे कितना कड़वा क्यूँ न हो ? फिलवक्त, अध्ययन, लेखन और आन्दोलन का कार्य कर रहे हैं ......... http://www.janokti.com/

अ स्टुपिड कॉमन मैन और जूता – जयराम ‘विप्लव’

बिहार के बक्सर संसदीय क्षेत्र का एक गाँव जहाँ मनमोहन और सुशासन बाबु के दावों की कलई खुलती नज़र आती है। बिजली -पानी-सड़क -शिक्षा-रोजगार जैसी आधारभूत जरूरते अधूरी है…

जूते खाने वालों में गृहमंत्री चिदंबरम दूसरे भारतीय – जयराम ‘विप्लव’

जूते खाने वालों में गृहमंत्री पी चिदंबरम दूसरे भारतीय हस्ती बन गए हैं। कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कोंफ्रेंस के दौरान दैनिक जागरण के पत्रकार करनैल सिंह ने गृह मंत्री के ऊपर जूता चला दिया…

शोषितों के लिए प्रेरणा है लक्ष्मी – जयराम ‘विप्लव’

लगभग डेढ़ साल पहले गुवाहाटी में आदिवासियों की एक रैली के दौरान मीडिया की सुर्खियों में रहने वाली लक्ष्मी ओरांव आजकल फ़िर चर्चा में है। इस बार वजह है कि वो तेजपुर संसदीय…

वर्तमान आर्थिक संकट अथवा सांस्कृतिक घुसपैठ

शीर्षक पढ़कर अजीब लग रहा हैं न!आप सोच रहे होंगे कि आर्थिक जगत की बातों का संस्कृति से क्या सम्बन्ध ? सच तो यही हैं कि भारतीय बाजार की आर्थिक मंदी वास्तव में…

इतिहास का सच — जयराम ‘विप्लव’

इतिहास को जानने की जरुरत है या नही ,ये मुद्दा हम अखबारी लोगों के बीचअक्सर बहस का विषय होता है। आए दिन किसी न किसी से तो इतिहास पढने और अतीत को जानने-समझने…

सभ्यता का संघर्ष कब तक …..

संसार के समस्त जीवधारियों का जीवन परस्पर संघर्ष की कहानी है। अपने आप को मौत से बचाते हुए अच्छी जिन्दगी की तलाश मेंपूरा जीवजगत आपसी टकरावों में उलझा रहा है।…

प्रजातांत्रिक भारत का राजवंश

लोकतंत्र मूर्खों का शासन होता है पर, यहाँ तो मूर्खों ने लोकतंत्र को हीं राजशाही की ओर ठेल दिया है। राजतन्त्र नहीं तो और क्या है? गाँधी, सिंधिया, पायलट, ओबेदुल्लाह जैसे खानदान ही शासन में बचे हैं।

भविष्य की कृषि खतरे में – जयराम ‘विप्लव’

सभ्यता के आरभ से ही ” कृषि ” मानव की तीन जीवनदायनी आधारभूत आवश्यकताओं में से एक -भोजन की आपूर्ति के लिए अपरिहार्य बना हुआ है । कृषि के अलावा ज्ञान-विज्ञान…

बांगलादेशी घुसपैठ – जयराम ‘विप्लव’

घुसपैठ को आम तौर पर बड़ी समस्या नहीं माना जाता और न ही इसके बारें में गंभीरता से सोचा जाता है। असम समेत पूर्वोत्तर भारत में सारी फसाद की जड़ हैं – बांग्लादेशी घुसपैठ।

सेक्स चर्चा – जयराम ‘विप्लव’

इतनी आपा-धापी और उथल-पुथल भरे राजनितिक व आर्थिक परिदृश्य में बांकी चिन्ताओ से परे ‘सेक्स चर्चा’ -स्त्री विमर्श की आड़ में खूब फल- फूल रहा है। क्या आउटलुक और क्या ब्लॉग!

मुशर्रफ़ को मदनी का दो टुक जबाब — जयराम ‘विप्लव’

राष्ट्रपति पद गंवाने के बाद पहली बार भारत पधारे मियां मुशर्रफ़ की एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान खूब फजीहत हुई। मुशर्रफ़ ने कहा कि मुंबई आतंकी घटना की वजह है कश्मीर समस्या