समाज बालिकाओं की घटती संख्या की त्रासदी February 10, 2019 / February 10, 2019 | Leave a Comment -ललित गर्ग देश में हुई 2016 की जनगणना में लड़कों की तुलना में लड़कियों की घटती संख्या के आंकडे़ चैंकाते ही नहीं बल्कि दुखी भी करते हैं। जिस तरह से लड़के-लड़कियों का अनुपात असंतुलित हो रहा है, उससे ऐसी चिन्ता भी जतायी जाने लगी है कि यही स्थिति बनी रही तो लड़कियां कहां से लाएंगे? […] Read more »
समाज लोकतंत्र के महाकुंभ पर धुंधलके क्यों? January 28, 2019 / January 28, 2019 | Leave a Comment ललित गर्गअप्रैल-मई 2019 में संभावित लोकसभा चुनाव को देखते हुए अनेक प्रश्न खडे़ हैं, ये प्रश्न इसलिये खड़े हुए हैं क्योंकि महंगाई, बेरोजगारी, बेतहाशा बढ़ते डीजल-पेट्रोल के दाम, आदिवासी-दलित समाज की समस्याएं, भ्रष्टाचार आदि समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये। आज भी आम आदमी न सुखी बना, न समृद्ध। […] Read more » महाकुंभ लोकतंत्र
राजनीति कठिन है राजनीतिक उजालों की तलाश January 15, 2019 / January 15, 2019 | Leave a Comment ललित गर्ग आगामी लोकसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में गठबंधनों की राजनीति के नित-नये रंग उभर रहे हैं। सभी राजनीतिक दल चुनाव परिणामों की संभावनाओं की समीक्षा के पश्चात गलतियों को सुधारते हुए जीत को तलाशने में जुट गये हैं। अनेक विरोधाभासों एवं विसंगतियों के बीच राजनीतिक उजालों को तलाशा जा रहा है। सभी दलों के […] Read more »
आर्थिकी आर्थिक मोर्चे पर भारत की सुदृढ़ता January 11, 2019 / January 11, 2019 | Leave a Comment -ललित गर्ग एक बार फिर विश्व बैंक ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था घोषित किया है। जबकि उसने वर्ष 2021 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट का पुर्वानुमान जारी किया है। हमारी अर्थव्यवस्था का दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्था एवं मंदी से अप्रभावित अर्थव्यवस्था होना, देश के लिये एक सुखद अहसास […] Read more »
आर्थिकी आर्थिक आरक्षण की सुबह का होना January 11, 2019 / January 11, 2019 | Leave a Comment नरेन्द्र मोदी सरकार ने आर्थिक निर्बलता के आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण देने का जो फैसला किया है वह निश्चित रूप से साहिसक कदम है, एक बड़ी राजनीतिक पहल है। इस फैसले से आर्थिक असमानता के साथ ही जातीय वैमनस्य को दूर करने की दिशा में नयी फिजाएं उद्घाटित होंगी। निश्चित ही मोदी सरकार ने […] Read more » economical reservation आर्थिक आरक्षण
राजनीति भाजपा को नये रास्ते बनाने होंगे January 1, 2019 / January 1, 2019 | 1 Comment on भाजपा को नये रास्ते बनाने होंगे -ललित गर्ग-जबसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की कमजोर स्थिति सामने आयी है, एक शीर्ष वर्ग पार्टी के भीतर थोड़ा ठहरकर अपने बीते दिनों के आकलन और आने वाले दिनों के लिये नये धरातल को तैयार करने की वकालत करने लगा है। इन पांच राज्यों के चुनाव के परिणाम एवं लोकसभा चुनाव की […] Read more » bjp BJP to make new ways भाजपा
राजनीति विपक्षी एकता के नये परिदृश्य December 11, 2018 / December 11, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग- पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव परिणामों ने कांग्रेस को एक नयी ऊर्जा दे दी है। अब कांग्रेस और देशभर की विभिन्न क्षेत्रीय पार्टियों के गठबन्धन को संगठित होने का एक सकारात्मक परिवेश इन चुनावों ने दिया है। सोमवार को राजधानी में आयोजित अपनी बैठक में कांग्रेस एवं विपक्षी दलों ने संदेश दिया है […] Read more » अराजकता डा. राम मनोहर लोहिया बेरोजगारी विपक्षी एकता के नये परिदृश्य व्यापारिक
समाज हिंसा से जख्मी होती राष्ट्रीय अस्मिता November 28, 2018 / November 28, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग- दिल्ली के द्वारका में नरभक्षी होने की अफवाह के चलते लोगों ने अफ्रीकी नागरिकों पर हमला कर दिया था। एक अन्य घटना में बेकाबू भीड़ ने पीट-पीटकर आटो ड्राइवर अविनाश कुमार की हत्या कर दी और दो अन्य को भी इतना पीटा कि वे अस्पताल में जिन्दगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। […] Read more » अफ्रीकी नागरिकों पुलिस भारतीय समाज भीड़तंत्र भेड़तंत्र हिंसा से जख्मी होती राष्ट्रीय अस्मिता
राजनीति समाज प्रकृति एवं पर्यावरण की उपेक्षा क्यों? November 26, 2018 / November 26, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग- विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस प्रति वर्ष पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने एवं लोगों को जागरूक करने के सन्दर्भ में सकारात्मक कदम उठाने के लिए २६ नवम्बर को मनाया जाता है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के द्वारा आयोजित किया जाता है। पिछले करीब तीन दशकों से ऐसा महसूस किया जा रहा […] Read more » कन्द-मूल पशु-पक्षी पेड़़ पौधे प्रकृति एवं पर्यावरण की उपेक्षा क्यों? प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी लताएं
महिला-जगत समाज महिलाओं की हिंसा और उत्पीड़न से जुड़े प्रश्न November 24, 2018 / November 24, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग – दुुनियाभर में महिलाओं के प्रति हिंसा, शोषण एवं उत्पीड़न की बढ़ती घटनाएं संयुक्त राष्ट्र संघ के लिए गंभीर चिन्ता का विषय बना है, इस तरह की जाने वाली हिंसा के उन्मूलन के लिए 25 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में विश्वभर में मनाया जाता। इस दिन महिलाओं के विरुद्ध हिंसा […] Read more » आदतों गैंगरेप जाति धर्म नारी उत्पीड़न नारी-हिंसा निबंध प्रतियोगिता पोस्टर प्रतियोगिता बलात्कार महत्वाकांक्षाओं महिलाओं की हिंसा और उत्पीड़न से जुड़े प्रश्न रैली वृत्तियों सामूहिक भोज सेमिनार
समाज गुरुनानक देव ईश्वर के सच्चे प्रतिनिधि थेे November 22, 2018 / November 22, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग – भारत भूमि विभिन्न धर्म-संप्रदायों की भूमि रही है। इस उदारभूमि ने सभी धर्म के लोगों को अपनी उपासना-पद्धति और स्वतंत्र रूप से अनुष्ठान करने का अधिकार दिया है। शायद ही विश्व का कोई देश हो, जहां भारत जैसी धार्मिक विभिन्नताएं और उनका पालन करने की पूर्ण स्वतंत्रता हो। इसी भारतभूमि ने मानव […] Read more » ‘गुरुग्रंथ साहब’ अन्याय अलगाव कबीर कवि गुरुनानक देव ईश्वर के सच्चे प्रतिनिधि थेे गृहस्थ दार्शनिक देशभक्त एवं विश्वबंधु धर्म-सुधारक योगी रैदास शोषण समाज सुधारक साधु-संतों
समाज सफल जीवन के लिये नई राहें बनाएं November 22, 2018 / November 22, 2018 | Leave a Comment ललित गर्ग- धूप और छांव की तरह जीवन में कभी दुःख ज्यादा तो कभी सुख ज्यादा होते हैं। जिन्दगी की सोच का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि जिन्दगी में जितनी अधिक समस्याएं होती हैं, सफलताएं भी उतनी ही तेजी से कदमों को चुमती हैं। बिना समस्याओं के जीवन के कोई मायने नहीं हैं। समस्याएं […] Read more » ईष्र्या क्रोध घृणा भय मन मनुष्य वाणी शरीर सफल जीवन के लिये नई राहें बनाएं