मनोज ज्वाला

* लेखन- वर्ष १९८७ से पत्रकारिता व साहित्य में सक्रिय, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं से सम्बद्ध । समाचार-विश्लेषण , हास्य-व्यंग्य , कविता-कहानी , एकांकी-नाटक , उपन्यास-धारावाहिक , समीक्षा-समालोचना , सम्पादन-निर्देशन आदि विविध विधाओं में सक्रिय । * सम्बन्ध-सरोकार- अखिल भारतीय साहित्य परिषद और भारत-तिब्बत सहयोग मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य ।

सेक्युलर्टाइटिस के एक विषाणु के पंख झडे 

किन्तु नरेन्द्र मोदी और भाजपाध्यक्ष अमित शाह की राजनीति को क्या कहा जाए ; ‘कूटनीति’ या ‘टूटनीति’ ? सच तो यह है कि राजनीति और कूटनीति के इन दोनों धुरन्धरों की युगलबन्दी से उत्त्पन्न भाजपाई ‘टूटनीति’ ने ही ‘सेक्युलर्टाइटिस’ के ‘विषाणुओं’ के आसमानी घरौंदे में भी जलती लुआठी घुसा कर उन्हें बिखरा देने में उल्लेखनीय सफलता पायी है । किन्तु सच यह भी है कि नरेन्द्र मोदी के विरूद्ध लगातार पैंतराबाजी करते रहने वाले इस विषाणु के अभी केवल पंख ही झडे हैं , नख-दन्त जडे ही हैं यथावत ।