मृत्युंजय दीक्षित

स्वतंत्र लेखक व् टिप्पणीकार लखनऊ,उप्र

शांति और प्रेम का संदेश देती है बुद्ध पूर्णिमा

यह लाल बलुई मिटटी की बनी है। यह मूर्ति भी इसी स्थान से निकाली गयी थी। मंदिर के पूर्वी हिस्से में एक स्तूप कहा जाता है कि यहां पर भगवानबुद्ध का अंतिम संस्कार किया गया था। श्रीलंका व अन्य दक्षिण पूर्व एशियाइ देशों में इस दिन को बेसाक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।पूर्णिमा के दिन बौद्ध अनुयायी अपने घरों में दीपक जलाते हैं। फूलों से घरों को सजाते है। सभी बौद्ध बौद्ध ग्रंथ का पाठ करते हैं। बोधगया सहित भगवान बुद्ध सें सम्बंधित सभी तीर्थस्थलों व स्तूपों व महत्व के स्थानों को सजाया जाता है। कई जगह मेले भी लगते हैें।

योगी सरकार बनने से विरोधी दलों में भय का वातारवण

समाजवादी व बसपा के बाहुबली जो लोग जेल में बंद है। अब वे लोग जेल में भी कांप रहे है। बाहुबलियों का जेल मे मुस्कराना व दरबार लगाना बंद हो गया है। अतीक अहमद जेसे लोगों की जमानत अब मुश्किल काम हो गया है। अतीक के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि मनपसंद जेल में रहना उसका मौलिक अधिकार है तब कोर्ट ने फटकार लगा दी। वहीं जब गायत्री प्रसाद प्रजापति ने धोखे से जमानत लेने का प्रयास किया तब सरकार ने जिस प्रकार से एक्शन लिया वह काबिलेतारीफ है तथा आम जनता के बीच सरकार के कदमों की प्रशंसा हो रही है। जिस जज ने रेप के आरोपी गायत्री को जमानत दी हाईकोर्ट ने उसी की ही नौकरी ले ली। रेप के आरोपी गायत्री की जमानत रदद हो गयी। पेट्रोल पंपों में चिप लगाकर की जा रही सनसनीखेज चोरी का ऐतिहासिक खुलासा कर दिया जिसमें भी करोड़ों रूपये के घोटाले का पर्दाफाश कर दिया है। सरकार ने 15 महापुरूषों की छुटिटयों को रदद करने का ऐतिहासिक कदम उठाया लेकिन विपक्ष है कि सुधर नही रहा ।

गरीबों को मिल सकेगे सस्ते घर

एंटी भू माफिया अभियान के बाद एक के बाद सफेदपोश नेताओं व बाबुओं के चेहरे से नकाब उतर सकता हैं । यही कारण है कि अपने आप को बचाने के लिए अब सभी लोग महागठबंधन की बात करने लग गये हैं। ईवीएम की आलोचना होने लग गयी हे लोग अपनी गलतियों को सुधारने का प्रयास नहीं कर रहे हैं अपितु ओर अधिक गलतियां लगातार कर रहे है। यदि कहीं प्रदेशभर के विपक्ष ने नोटबंदी की तरह एंटी भू- माफिया अभियान का भी विरोध करना शुरू कर दिया तो यह दल अगले चुनावों में एक – एक सीट ही नहीं वोट के लिए भी तरस जायेंगे।

गाँव, गरीब और किसानों के लिए संकल्पबद्ध योगी सरकार

प्रदेश सरकार बनने के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह दिखलायी पड़ रहा है कि अब प्रदेश के अफसरों को सुबह साढ़े नौ बजे तक कार्यालय में आ ही जाना होगा। मंत्रियों के अचानक निरीक्षणों के दौरान प्रदेश के कई सरकारी कार्यालयों में अनपुस्थित व देर से आने वाले अफसरों व कर्मचारियों के वेतन काटे जाने व नोटिस जारी करने का अभियान चल रहा हैं जिसकी गूंज दूर तक सूनायी पड़ रही है। सरकार ने एक बड़ा बदलाव करते हुूए बायोमैट्रिक हाजिरी व्यस्था भी लागू कर दी है। सरकार ने सबसे बड़ा कदम यह उठाया है कि किसी भी योजना का नाम समाजवादी नहीं रहेगा।

फारूख अब्दुल्ला की यह विजय वास्तविक नहीं

श्रीनगर लोकसभा सीट का सर्वाधिक महतवपूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि श्रीनगर लोकसभा उपचुनाव में महज 7.13 प्रतशत मत ही पड़े जिसमें पुर्नमतदान के दौरान तो केवल मात्र 2 प्रतिशत ही मतदान हुआ। पहले दिन वहां पर जबर्दस्त हिंसा हुई और कम से कम 85 लोेग मारे गये तथा 20 से अधिक लोग घायल तक हो गये। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुला ने कहा कि अपने 20 साल के राजनैतिक कैरियर में ऐसा कभी नहीं देखा। साथ ही राज्य सरकार व चुनाव आयोग को पूरी तरह से नाकाम बताया गया। जबकि वास्तविकता यह है कि श्रीनगर लोकसभा उपचुनाव को पूरी तरह से पटरी से उतारने के लिए अलगाववादी ताकतों और पत्थरबाजों ने पूरी ताकत लगा दी थी।

उपचुनाव परिणामों से भाजपा को मिला नया बल

भाजपा के लिए सबसे उत्साहजनक परिणाम दिल्ली की राजौरी गार्डैन विधानसभा सीट से आया हैं । यहां पर भाजपाको शनदार सफलता हासिल हुई है और कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही हैं जबकि आप की तो जमानत तक जब्त हो गयी है। दिल्ली विधानसभ उपचुनाव को एमसीडी चुनावों के पहले का सेमीफाइनल माना जा रहा था। जिसको जीतने मंे भाजपा कामयाब रही है जबकि कांग्रेस दूसरे नंबरपर आने में सफल हो गयी।

भारत में सामाजिक क्रांति के संवाहक :- डा. अंबेडकर

1941 से 1945 के बीच उन्होंने अत्यधिक संख्या में विवादास्पद पुस्तकें लिखीं और पर्चे प्रकाशित किये। जिसमें थाट आफ पाकिस्तान भी शामिल है। यह डा. अम्बेडकर ही थे जिन्होनें मुस्लिम लीग द्वारा की जा रही अलग पाकिस्तान की मांग की कड़ी आलोचना व विरोध किया। उन्होनें मुस्लिम महिला समाज में व्याप्त दमनकारी पर्दा प्रथा की भी निंदा की। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद वे रक्षा सलाहकार समिति और वाइसराय की कार्यकारी परिषद के लिए श्रममंत्री के रूप में भी कार्यरत रहे। भीमराव को विधिमंत्री भी बनाया गया।

युवाओं के लिए प्रेरक भगवान श्रीराम

समाजिक समरसता की स्थापना के लिए भगवान श्रीराम ने सदा न्याय का साथ दिया और अन्याय के विरूद्ध खड़े हुये। इसका संुदर उदारहण बालिवध का प्रसंग है। बालि ने जब धर्म की दुहाई देते हुए श्रीरामजी के कार्य को अन्याय बताया तो उन्होनें उसकी बात का खण्डन करते हुए कहा कि -”बालि तुम्हें तुम्हारे पाप का ही दण्ड मिला है। तुमने अपने छोटे भाई की स्त्री को जो तुम्हारी पुत्रवधू के समान है बलपर्वूक रख लिया है। अतः तुम्हें दण्ड देकर मैनें राजधर्म, मित्रधर्म एवं प्रतिज्ञा का पालन किया है।“

भ्रष्टाचार , अपराध ,अवैध कारनामों के खिलाफ योगी सरकार का हल्ला बोल

आज प्रदेश का कोई विभाग ऐसा नहीं बचा है जहां पर बदलाव साफ नजर न आ रहा हो। समाजवादी आवास योजना बंद होने जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग में प्रदेश के सभी नागरिकों के राशन कार्डो को रदद कर दिया हैं । अब सभी को स्मार्ट राशनकार्ड देने की योजना है। प्रदेश के विद्यालयों में हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं में जमकर नकल हो रही थी जिससे निपटने के लिए कड़े कदम सरकार की तरफ से उठाये जा रहे हैं।नकल करने वाले तथा नकलचियों के खिलाफ हल्ला बोल दिया गया है। अभी तक 57 कालेजों की मानयता रदद की जा चुकी है तथा 54 से अधिक को डिबार किया जा चुका है।

एक्शन में योगी, जनमानस में खुशी की लहर

एम योगी आदित्यनाथ अब हर रोज कोई न कोई दिशानिर्देश अपने मंत्रियों को दे रहे हैं तथा पुरानी सरकारों की योजनाओं की समीक्षा बैठकें कर हैं। उन्होनें गोरखपुर दौरे में साफ ऐलान कर दिया है कि जिन लोगों को 18-20 घंटे काम करना हो वहीं लोग उनके साथ रहें तथा उन्होनें यह भी ऐलान कर दिया है कि गुंडे व असामाजिक तत्व या तो सुधर जायें या फिर प्रदेश छोड़कर चले जायें। सीएम इस बात के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है कि वह प्रदेश का भेदभाव रहित विकास करेंगे और सभी वर्गो को न्याय मिलेगा। जिस पर अमल भी प्रारम्भ हो गया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि किसी का भी किसी भी प्रकार से तुष्टीकरण नहीं किया जायेगा।

उत्तर प्रदेश में योगी की ताजपोशी के साथ महाबदलाव के क्षण

उप्र के युवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ लेने के साथ ही दो उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य व लखनऊ के महापौर डा. दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंमत्रंी पद की शपथ दिलायी गयी। उनके साथ 22 कैबिनेट मंत्रियांे सहित 13 राज्यमंत्रियों व नौ स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को भी पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी । प्रदेश के राजनैतिक इतिहास में योगी मंत्रिपरिषद ऐसी पहली मंत्रिपरिषद है जो पूरी तरह से बेदाग है। यह मंत्रिपरिषद नये और पुराने चेहरों का सम्मिश्रण है। मंत्रिपरिषद के गठन में जातीय व क्षेत्रीय संतुलन का शानदार तरीके से प्रयोग किया गया है