राजनीति लेख भारतीय सशस्त्र बलों के बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की आवश्यकता November 18, 2022 / November 18, 2022 | Leave a Comment भारत के पास रक्षा उपकरणों के विनिर्माण के लिये एक उचित औद्योगिक आधार का अभाव है। हालाँकि तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में दो रक्षा क्षेत्र स्थापित किये गए हैं जो निजी क्षेत्र को परिचालन के लिये आधार प्रदान करेंगे। इन क्षेत्रों की स्थापना और विनिर्माण कार्य शुरू किये जाने के बाद पूरी रक्षा अर्थव्यवस्था को […] Read more » modernization of the Indian Armed Forces
राजनीति विधि-कानून न्यायपालिका के लिए छुट्टियों की संस्कृति को बंद किया जाना चाहिए? November 7, 2022 / November 7, 2022 | Leave a Comment अवकाश की अवधारणा औपनिवेशिक नियमों से उत्पन्न हुई है। उस समय न्यायाधीश इंग्लैंड से आए थे, भारत की तुलना में ठंडी जगह और भारत की गर्मी उनके लिए असहनीय थी। अदालतों और स्कूलों को छोड़कर देश में कोई भी सरकारी संगठन नहीं है जहाँ छुट्टी होती है। भारतीय अदालतों में 3.1 करोड़ से अधिक मामले […] Read more » न्यायपालिका के लिए छुट्टियों की संस्कृति
कला-संस्कृति भाई -बहन के प्यार, जुड़ाव और एकजुटता का त्यौहार भाई दूज October 25, 2022 / November 28, 2022 | Leave a Comment हमारे देश में हर महिला भाई दूज को अपने भाई के लिए अपना समर्थन और करुणा प्रदर्शित करने के लिए मनाती है। इस दिन सभी बहनें भगवान से अपने भाई के जीवन की खुशियों की कामना करती हैं। यह व्यापक रूप से माना जाता है क्योंकि यमुना को अपने भाई यमराज से यह वादा मिला […] Read more » bhai dooj भाई दूज
राजनीति शख्सियत समाज एपीजे अब्दुल कलाम: नए भारत के युवाओं के लिए एक प्रेरणा October 15, 2022 / October 15, 2022 | Leave a Comment कलाम ने हमेशा अपने दमदार भाषणों के माध्यम से युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का प्रयास किया था। दरअसल, उनके कुछ फैसले भी उनके अपने युवा जुनून का ही नतीजा रहे हैं। उदाहरण के लिए, भारत के राष्ट्रपति के रूप में एक आरामदायक जीवन नहीं जीने और छात्रों, युवा पीढ़ी को पढ़ाने और अपना ज्ञान […] Read more » apj abdul kalam
राजनीति चुनाव के समय खंडित न हो भाईचारे का भाव October 13, 2022 / October 13, 2022 | Leave a Comment चुनाव में कुछ लोगों द्वारा इसे आपसी साख का प्रश्न बना लिया जाता है जो धीरे-धीरे जहर का रूप ले लेता है। बढ़ती प्रतिद्धंद्विता रिश्तों का क़त्ल करने लगती है। अगर कोई ऐसे समय साथ न दे तो मित्र भी दुश्मन लगने लग जाते है। मगर यह हमारी भूल है। कोई भी चुनाव आखरी नहीं होता है। और रिश्तों से बढ़कर तो कतई नहीं। हम पद पाने की होड़ में ये भूल जाते है कि हमसे पहले भी चुनाव हुए है और आगे भी होंगे। इसलिए कुछ वोटों के लिए परिवार के लोगों, मित्रों, सगे-सम्बन्धियों, पड़ोसियों और अन्य से दुश्मनी के भाव से पेश आना सही नहीं है। क्योंकि चुनाव की रात ढलते ही हमें अपने आगे के दिन इन्ही लोगों के साथ व्यतीत करने है। Read more » चुनाव के समय खंडित भाईचारे
कला-संस्कृति लेख मन की थोथ भरने आता हर साल करवाचौथ October 12, 2022 / October 12, 2022 | Leave a Comment मगर सबसे लोकप्रिय सावित्री और सत्यवान से संबंधित है जिसमें सावित्री ने अपने पति को अपनी प्रार्थना और दृढ़ संकल्प के साथ मृत्यु के चंगुल से वापस लाया। जब भगवान यम सत्यवान की आत्मा को प्राप्त करने आए, तो सावित्री ने उन्हें जीवन प्रदान करने की भीख मांगी। जब उन्होंने मना कर दिया, तो उसने खाना-पीना बंद कर दिया और यम का पीछा किया जो उसके मृत पति को ले गया। यम ने कहा कि वह अपने पति के जीवन के अलावा कोई अन्य वरदान मांग सकती है। सावित्री ने उससे कहा कि उसे संतान की प्राप्ति हो। Read more » Karvachauth करवाचौथ
मनोरंजन लेख सिनेमा क्रिएटिव लिबर्टी के बहाने, आस्था पर निशाने October 10, 2022 / October 10, 2022 | Leave a Comment बुद्धिजीवियों और बॉलीवुड को इस बात पर मंथन करना चाहिए। भगवान् श्री राम और रामायण से हमारी आस्था जुडी हुई इसलिए उनसे जुडी हुई किसी भी चीज़ का लोकतान्त्रिक तरीके से विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। सबसे बड़ा सवाल है की अगर आने वाली पीढ़ी रामायण को इस तरह देखेंगी तो वो उसके महत्त्व […] Read more » adipurush saif ali khan as ravan
राजनीति लोकतंत्र की पवित्रता और आदर्श आचार संहिता October 7, 2022 / October 7, 2022 | Leave a Comment सैद्धांतिक रूप से यह जितना आदर्श से युक्त है, व्यवहार में इसका अनुपालन कम ही होता दिखाई देता है। जातिवाद, क्षेत्रवाद, बाहुबल और धनबल के रसूख से भरे चुनावी अभियान में राजनीतिक दल अपनी छवि को लेकर कितने चिंतित रहते हैं इसकी बानगी आए दिन देखने को मिलती रहती है। हमारे देश में बार-बार होने […] Read more » आदर्श आचार संहिता लोकतंत्र की पवित्रता
लेख जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान। गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान।। September 5, 2022 / September 5, 2022 | Leave a Comment जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान।गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान।। बच्चों के विकास में, शिक्षकों की आदर्श भूमिका सही मूल्यों और गुणों के प्रवर्तक और प्रेरक की होनी चाहिए। इस प्रकार, छात्रों को ज्ञान सीधे चम्मच खिलाने के बजाय, उन्हें बच्चों में पूछताछ, तर्कसंगतता की भावना विकसित करने का प्रयास करना चाहिए, […] Read more »
कविता गुरुवर जलते दीप से September 5, 2022 / September 5, 2022 | Leave a Comment दूर तिमिर को जो करें, बांटे सच्चा ज्ञान।मिट्टी को जीवित करें, गुरुवर वो भगवान।।जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान।गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान।।नानक, गौतम, द्रोण सँग, कौटिल्या, संदीप।अपने- अपने दौर के, मानवता के दीप।।चाहत को पर दे यही, स्वप्न करे साकार।शिक्षक अपने ज्ञान से, जीवन देत निखार।।शिक्षक तो अनमोल है, इसको कम […] Read more »
लेख बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाने की जरूरत। September 5, 2022 / September 5, 2022 | Leave a Comment दुनिया में बोली जाने वाली प्रत्येक भाषा एक विशेष संस्कृति, माधुर्य, रंग का प्रतिनिधित्व करती है और एक संपत्ति है। कई मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शैक्षिक प्रयोगों ने साबित किया कि मातृभाषा के माध्यम से सीखना गहरा, तेज और अधिक प्रभावी है। एक बच्चे का भविष्य का अधिकांश सामाजिक और बौद्धिक विकास मातृभाषा के मील के […] Read more » Children need to be taught in their mother tongue. बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाने की जरूरत।
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते के क्या है मायने ? August 8, 2022 / August 8, 2022 | Leave a Comment राखी के त्योहार का मतलब केवल बहन की दूसरों से रक्षा करना ही नहीं होता है बल्कि उसके अधिकारो और सपनों की रक्षा करना भी भाई का कर्तव्य होता है, लेकिन क्या सही मायनों में बहन की रक्षा हो पाती है। आज के समय में राखी के दायित्वों की रक्षा करना बेहद आवश्यक हो गया […] Read more » rakshabandhan What is the meaning of unbroken brother-sister relationship?