कहानी कहानी/वह मुझे अच्छी लगने लगी January 3, 2011 / December 18, 2011 | 11 Comments on कहानी/वह मुझे अच्छी लगने लगी प्रिय सुरेश, ये क्षेत्र छत्तीसगढ़ कहलाता है। छत्तीसगढ़ का मतलब बहुत से लोग कहते हैं कि इधर 36 वर्ष रहने के बाद ही आदमी इधर के लोगों को जानता है, कुछ लोग कहते हैं यहां के लोग जब तक छत्तीस गाँव न बदलें उन्हें चैन नहीं मिलता। लेकिन मैंने अनुभव किया कि छत्तीसगढ़ का मतलब […] Read more » Story
कविता स्वरचित दोहे January 3, 2011 / December 18, 2011 | 1 Comment on स्वरचित दोहे मरा मरा का जाप कर, डाकू बना महान। राम राम मैँ नित जपूँ , कब होगा कल्यान। रक्षक ही भक्षक बने, खीँच रहे हैँ खाल। हे प्रभु! मेरे देश का, बाँका हो ना बाल। आरक्षण के दैत्य ने, प्रतिभा निगली हाय। देश रसातल जा रहा, अब तो दैव बचाय। बेरोजगारी बढ. रही, जनसंख्या के साथ। […] Read more » Couplets दोहे
विविधा अंग्रेजी नववर्ष पर निवेदन December 31, 2010 / December 18, 2011 | 8 Comments on अंग्रेजी नववर्ष पर निवेदन विजय सोनी प्रवक्ता डॉट कॉम के माध्यम से मैं हिन्दुस्तान के उन सभी देशप्रेमियों को निवेदन करना चाहता हूँ, आज ३१ दिसम्बर २०१० है, सारे भारतवर्ष के सभी चौक-चौराहों पर आधी रात तक शोर शराबा या उत्साह मना कर अपनी बेशकीमती ताकत और ऊर्जा का नाश ना करें। ये याद रखिये कि यदि अंग्रेजी वर्ष […] Read more » New Year अंग्रेजी नववर्ष
राजनीति लोकतंत्र की मरम्मत भीतर से ही हो सकती है, उसे बुलडोजर से ढहाकर नहीं December 30, 2010 / December 18, 2011 | 1 Comment on लोकतंत्र की मरम्मत भीतर से ही हो सकती है, उसे बुलडोजर से ढहाकर नहीं सुनील कुमार डॉ. विनायक सेन को मिली उम्र क़ैद ने देश और दुनिया के बहुत से सामाजिक आंदोलनकारियों को हिला कर रख दिया है और छत्तीसगढ़ के एक जिले की अदालत के इस फ़ैसले को बहुत से क़ानूनी जानकार ख़ारिज़ ही कर दे रहे हैं कि यह एक कमज़ोर फ़ैसला है। क़रीब सौ पेज के […] Read more » Vinayak Sen डॉ. विनायक सेन माओवाद लोकतंत्र
राजनीति बीच बहस में डॉ. विनायक सेन December 30, 2010 / December 18, 2011 | 1 Comment on बीच बहस में डॉ. विनायक सेन प्रदीप चन्द्र पाण्डेय यह एक ऐसा समय है जब विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ ही खबरपालिका पर भी उंगलियां उठ रही है। देश में न्यायालय के फैसलों का सम्मान होता रहा है, निर्णय किसी के पक्ष और किसी के विपक्ष में होता ही है। सौभाग्य यह कि न्यायपालिका स्वयं अवसर प्रदान करती है कि […] Read more » Vinayak Sen डॉ. विनायक सेन नक्सलवाद माओवाद
परिचर्चा परिचर्चा : क्या डॉ. विनायक सेन देशद्रोही हैं? December 28, 2010 / December 18, 2011 | 44 Comments on परिचर्चा : क्या डॉ. विनायक सेन देशद्रोही हैं? डॉ. विनायक सेन पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गए हैं। गौरतलब है कि पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. सेन को रायपुर जिला एवं सेशन न्यायालय के न्यायाधीश बीपी वर्मा ने 24 दिसंबर को देशद्रोह और साजिश रचने का दोषी करार दिया। न्यायालय ने डा. सेन के साथ […] Read more » Vinayak Sen डॉ. विनायक सेन
खेल जगत कबड्डी में स्वर्ण पदक December 27, 2010 / December 18, 2011 | Leave a Comment नरेन्द्र देवांगन जब से एशियाई खेलों में कबड्डी खेल को शामिल किया गया है, हम कबड्डी का स्वर्ण पदक जीतते आ रहे हैं। पुरूष कबड्डी टीम ने एशियाड 2010 में छठवीं बार स्वर्ण पदक जीता। इस तरह एशियाई खेलों में कबड्डी में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार स्वर्ण पदक जीतने का रिकार्ड बनाकर अपनी बादशाहत कायम […] Read more » Kabbadi कबड्डी
धर्म-अध्यात्म ”वर्णसंकर हिन्दु ही नकार सकता है राम का अस्तित्व” December 26, 2010 / December 18, 2011 | 1 Comment on ”वर्णसंकर हिन्दु ही नकार सकता है राम का अस्तित्व” सनातन धर्म हिन्दु समाज के रग-रग में बसे भगवान राम के बारे में शायद ही कोई अभागा व्यक्ति होगा जो नही जानता होगा कि भगवान राम कौन थे? उनकी जन्मस्थली किस जगह पर हैं? जो व्यक्ति सनातन धर्म हिन्दु समाज से नहीं हैं अर्थात जो अन्य देश या धर्मों से जुड़े हैं वही व्यक्ति श्रीराम […] Read more » Shri Ram श्री राम
राजनीति 29 नवंबर भाजपा कार्यकर्ता गौरव दिवस की कल्पना जीवंत हुई December 24, 2010 / December 18, 2011 | Leave a Comment अढाई लाख कार्यकर्ता साक्षी बनें भरतचंद्र नायक मध्यप्रदेश में कांग्रेस के अनवरत सत्ता में रहने के साथ प्रदेश में जब-तब कांग्रेस से जनता का मोह भंग हुआ और मतदाताओं ने कांग्रेस को सबक सिखाया। भारतीय जनसंघ को मिली जुली संविदा सरकार गठित करने का मौका मिला। नब्बे के दशक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार […] Read more » bjp कार्यकर्ता गौरव दिवस प्रभात झा भाजपा
विविधा स्वभाव में शामिल होता भ्रष्टाचार December 24, 2010 / December 18, 2011 | 2 Comments on स्वभाव में शामिल होता भ्रष्टाचार प्रदीप चन्द्र पाण्डेय यथा राजा तथा प्रजा के देश में आजकल भ्रष्टाचार के एक-एक कर कई मामले सामने आ रहें हैं। लोकतंत्र के ‘महाजन’ अपने-अपने ढंग से घोटालों की व्याख्या कर रहे हैं। विपक्ष जेपीसी की मांग पर अडा है तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पीएसी के समक्ष प्रस्तुत होने को तैयार। ऐसे विकट समय में […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार
विविधा भारत में प्रकाश स्तंभ December 24, 2010 / December 18, 2011 | Leave a Comment मौसमी चक्रवर्ती भारत की तटीय सीमा की लंबाई 7517 कि.मी. है और इसका 95 प्रतिशत व्यापार समुद्र के रास्ते होता है। जहाजों और पोतों के नौवहन में मार्गदर्शन के लिये प्रकाशस्तंभों का महानिदेशालय महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है और इस अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि को सुविधाजनक बनाता है। आज के सदंर्भ में नौचालन एक सामान्य […] Read more » India प्रकाश स्तंभ
कहानी कहानी/ पशु-सम्मेलन December 24, 2010 / December 18, 2011 | Leave a Comment साधक उम्मेदसिंह बैद एक गाँव के पास के जंगल की कहानी है। जंगल बहुत घना तो नहीं, बस ठीक-ठाक सा है। ॠतु-चक्र क्या गङबङाया, जानवरों की समस्यायें बङी होने लगीं। अब सारे जानवर समस्याओं का सही कारण क्या जानते, परस्पर ही एक-दूसरे पर दोषारोपण करने लगे, लङने-झगङने भी लगे। तनाव रहने लगा। सियार और कुत्ता […] Read more » Story कहानी