भ्रष्टाचार मिटाने को संकल्पित नरेन्द्र मोदी

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सुरेश हिन्दुस्थानी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार के बारे में एक बार फिर से कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा है कि भ्रष्टाचार करने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा, मेरी कोई रिश्तेदार नहीं है। प्रधानमंत्री इस बात को भली भांति जानते हैं कि भ्रष्टाचार करने वाले रिश्तेदारों को राजनेताओं द्वारा हमेशा बचाने… Read more »

जिम्मेदार चेहरों पर कालिख का लगना

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केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार के और भी गंभीर आरोप हैं। उनपर निजी घूसखोरी का चश्मदीद गवाह भले ही पहली बार सामने आया हो, लेकिन दिल्ली में उनकी सरकार के भ्रष्टाचारों की लिस्ट तैयार की जाय तो वह बहुत ही लंबी हो सकती है। जैसे दिल्ली के विवादास्पद मुख्यमंत्री और उनके साले सुरेंद्र कुमार बंसल पर जाली कागजातों के आधार पर पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेके लेने और फर्जी बिल बनाने के आरोप हैं।

क्यों नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार

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शैलेन्द्र चौहान राजनीति भारत जैसे देश में कामयाबी और रातोंरात अमीर बनने की कुंजी बन गई है। यही वजह है कि हींग लगे न फिटकरी रंग चोखा की तर्ज पर राजनीतिज्ञों की जमात लगातार लंबी होती जा रही है। राजनीतिक पार्टियों का मूल उद्देश्य सत्ता पर काबिज रहना है। जाहिरा तौर पर राजनैतिक क्षेत्र में… Read more »

अफसरों की भ्रष्ट प्रवृत्ति रोकना जरुरी

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रमेश पाण्डेय देश और दुनिया में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए जाने को लेकर कशमकश जारी है। सामाजिक संगठन से लेकर राजनैतिक संगठनों द्वारा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जा रहा है। समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे आए दिन भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर आन्दोलन करते रहते हैं। योग गुरु बाबा रामदेव भी भ्रष्टाचार के मुद्दे… Read more »

कहां से कहां आ गए हम!

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-फखरे आलम- 7 अप्रैल से पूर्व और 16 मई के मध्य! हम कहां से चले थे और आज कहां पहुंच गए। हमने प्रण लिया था कि हम चुनाव लड़ेंगे। एक बेहतर भविष्य के लिए! साफ सुथरी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए! एक मजबूत और सशक्त भारत के लिए! वर्तमान शिक्षा और स्वास्थ्य का व्यवस्था… Read more »

कस्तूरी और विकास दोनो भ्रम

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अब्दुल रशीद जादुई आँकड़े से न ही हकीक़त बदल सकता है,और न ही समाज का विकास हो सकता है। क्योंकि भ्रम चाहे हिरण को कस्तूरी का हो और आम जनता को विकास का लेकिन सच तो यह है की अंत दोनों का दुःखद ही होता है। न जाने कितनी ही योजनाएं बनी और उन योजनाओं… Read more »

भ्रष्टतंत्र सुधरे तो कुछ काम बने

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डॉ. आशीष वशिष्ठ गुडगांव की माही बोरवेल के गडढे में गिरकर मर जाती है और एहतियाती कदम उठाने की बजाए प्रशासन लीक पीटने का काम करता है। ऐसा भी नहीं है कि माही पहली ऐसी बदकिस्मत बच्ची थी जो बोरवेल में गिरकर अपनी अनमोल जिंदगी गंवा बैठी। इससे पूर्व भी कई नौनिहाल अव्यवस्था के चलते… Read more »

‘अध्यात्मवाद’ की आंधी और बेकाबू भ्रष्टाचार

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निर्मल रानी वैज्ञानिकों ने वैसे तो विज्ञान, तकनीक तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इसी उद्देश्य को लेकर तमाम उपलब्धियां हासिल की हैं ताकि मानव जाति का विकास हो तथा उसका ज्ञानवर्धन हो सके। टेलीविज़न भी इन्हीं अविष्कारों में से एक है जिसका मकसद विश्वस्तर पर सूचना का आदान-प्रदान करना,ज्ञानवर्धक कार्यक्र म प्रसारित करना,लोगों को… Read more »

भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का अंधकारमय भविष्य

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तनवीर जाफरी स्वतंत्र भारत के इतिहास में बीता वर्ष भ्रष्टाचार के विरुद्ध छेड़ी गई आंदोलन रूपी सबसे बड़ी मुहिम के रूप में याद किया जाएगा। देश में भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था कायम करने हेतु जनलोकपाल विधेयक संसद में पारित कराए जाने की मांग को लेकर अन्ना हज़ारे व उनके कुछ सहयोगियों द्वारा छेड़े गए इस आंदोलन… Read more »

घातक है कर्तव्यनिष्ठता पर भ्रष्टतंत्र का हावी होना?

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तनवीर जाफरी पिछले दिनों हमारा देश जश्र व गम के संयुक्त वातावरण के दौर से गुज़रा। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में जहां विजयश्री प्राप्त करने वाले दल व नेता तथा सत्ता हासिल करने वाले लोग खुशी के मारे आपे से बाहर होते दिखाई दिए। सत्ता परिवर्तन होने वाले इन राज्यों की जनता में भी… Read more »