लेख समाज बढ़ता तनाव: हर शख्स परेशां सा क्यों है? February 6, 2025 / February 6, 2025 | Leave a Comment अमरपाल सिंह वर्मा रोजमर्रा की भागमभाग और आपाधापी में लोगों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। बढ़ता मानसिक तनाव एवं अवसाद लोगों के जीवन में ऐसा खलल डाल रहा है, जिससे वह बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। टेंशन एवं डिप्रेशन से जूझने वाले लोग ऐसे निराशाजनक दौर से गुजर रहे हैं जो न उन्हें दिन में चैन लेने दे रहा है और न रात को आराम। यह समस्या न केवल युवाओं बल्कि हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही है। अब तो बच्चे भी तनाव से अछूते नहीं रहे हैं। यह ऐसी विश्वव्यापी समस्या है, जिसके शिकार लोग रहते भले ही अलग-अलग देशों में हों पर उनका दर्द एक जैसा है। हमारे देश में तनाव ने लोगों की जीवनचर्या को अस्त व्यस्त कर दिया है। एक ओर जहां बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का दबाव तनाव की वजह है, वहीं परिस्थितियों के साथ सामंजस्य न बैठाने से भी मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता भी तनाव का कारण बन रही है। आर्थिक संकट का सामना करने वाले व्यक्तियों को बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में आ रही कठिनाई भी तनाव और अवसाद की वजह है। किसान, मजदूर, अधिकारी, कर्मचारी, इंजीनियर, अभिनेता, नेता, व्यापारी, दुकानदार, स्त्री, पुरुष सब इससे पीडि़त हैं। शायद ही कोई ऐसा वर्ग है जिसे तनाव ने छोड़ा हो। स्कूल-कॉलेज के बच्चों को शिक्षा और कॅरियर को लेकर बढ़ता दबाव परेशान किए हुए है। परीक्षा जनित तनाव, अच्छे अंक प्राप्त करने का प्रेशर और अच्छी नौकरी पाने का दबाव युवाओं को मौत को गले लगाने पर मजबूर कर रहा है। समाज में कुछ बनकर दिखाने की चाहत भी तनाव का प्रमुख कारण बन गई है। जब महत्वाकांक्षाएं पूरी नहीं होतीं तो दिमाग में केमिकल लोचा पैदा होने लगता है। बढ़ती नशावृत्ति और बिखरते परिवार भी टेंशन का सबब बन रहे हैं। परिवारों में संघर्ष और रिश्तों में खटास मानसिक बीमारियों को बढ़ावा रहा है। हाल के सालों में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग भी मानसिक अवसाद की नई वजह बनकर उभरा है। वर्चुअल दुनिया में व्यस्त लोग हकीकत में अकेले पड़ते जा रहे हैं। देश में मानसिक स्वास्थ्य पर मंडराता संकट गंभीर स्थिति बन चुका है। इसका खतरनाक परिणाम बढ़ती आत्महत्याओं के रूप में सामने आ रहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार देश में वर्ष 2021 में 1,64,033 लोगों ने आत्महत्या की जबकि 2022 में 1.70 लाख से ज्यादा लोगों ने मौत को गले लगा लिया। यह भयावह आंकड़े समाज के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश लोग अवसाद, चिंता, मानसिक विकारों और अकेलेपन की वजह से आत्महत्या करते हैं। रिश्तों में तनाव, विवाह संबंधी समस्याएं और फेमिली स्पोर्ट का अभाव भी बड़ी वजह है। कर्ज का बोझ और वित्तीय समस्याएं भी इसके प्रमुख कारणों में हैं। कई बार शारीरिक- मानसिक उत्पीडऩ, विशेष रूप से यौन उत्पीडऩ के कारण भी लोग आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। देश में महिलाओं से ज्यादा शादीशुदा पुरुष आत्महत्या कर रहे हैं। छात्रों द्वारा सुसाइड की बढ़ती घटनाएं भी चिंता की वजह बन रही हैं।यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में मानसिक स्वास्थ्य की हालत खराब है। 15 से 24 साल के प्रत्येक 7 लोगों में से एक व्यक्ति खराब मेंटल हेल्थ से गुजर रहा है। एक सर्वे से पता चलता है कि खराब मेंटल हेल्थ से पीडि़त लोगों में से 41 फीसदी ही किसी काउंसलर या मनोचिकित्सक के पास जाना उचित समझते हैं। गांवों में तो मानसिक बीमारी को कोई बीमारी ही नहीं समझा जाता है। गांवों में मनो चिकित्सकों का अभाव भी एक समस्या है। लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ानी जरूरी है। लोगों को बताया जाना चाहिए कि मानसिक समस्याएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी शारीरिक बीमारियां होती हैं। गांवों में मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को ‘पागल’ करार देकर उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है। जगह-जगह जंजीरों में बंधे मनोरोगी समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता का ज्वलंत उदारण हैं। मौजूदा दौर में यह समझना जरूरी है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं कोई कमजोरी नहीं हैं बल्कि यह एक चुनौती है जिसका सामना परस्पर सहयोग, समझ और संवेदनशीलता से किया जाना चाहिए। अमरपाल सिंह वर्मा Read more » बढ़ता तनाव
कला-संस्कृति महा कुंभ से सामाजिक समरसता को मिलेगी “संजीवनी” February 3, 2025 / February 3, 2025 | Leave a Comment प्रदीप कुमार वर्मा नीले आसमान में भगवा रंगों की लहराती ध्वज पताकाएँ। लगातार बजते घड़ी-घंटाल और संत ओर महात्माओं द्वारा गूंजते मंत्रोच्चार। चौबीस घंटे पवित्र गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम में स्नान करते असंख्य लोग। यज्ञशालाओं से निकलती हवन कुंड की अग्नि। भजन-कीर्तन के साथ प्रवचनों और हेलीकॉप्टरों द्वारा की जा रही पुष्प वर्षा। गंगा,यमुना और सरस्वती […] Read more » Maha Kumbh Maha Kumbh will provide "sanjeevani" to social harmon
कला-संस्कृति शांति, संस्कृति एवं शिक्षा का महापर्व है बसंत पंचमी January 31, 2025 / January 31, 2025 | Leave a Comment बसंत पंचमी – 2 फरवरी, 2025-ः ललित गर्ग:-बसंत पंचमी या श्री पंचमी हिन्दुओं का प्रमुख सांस्कृतिक एवं धार्मिक त्यौहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती, कामदेव और विष्णु की पूजा की जाती है। यह प्रकृति के सौंदर्य, नई शुरुआत, और सकारात्मकता का उत्सव भी है। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा से मन में […] Read more » Basant Panchami is a great festival of peace culture and education. बसंत पंचमी
लेख विज्ञान वैज्ञानिकों पर भरोसे के मामले में भारत दूसरे नंबर पर January 31, 2025 / January 31, 2025 | Leave a Comment पुनीत उपाध्याय विश्व की तीसरी सबसे बड़ी वैज्ञानिक और तकनीकी जनशक्ति भी हमारे यहां यह भारतवासियों के लिए खुशी की खबर है, साथ ही विश्व पटल पर सम्मान की बात भी है। तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत में वैज्ञानिकों एवं उनके रिसर्च वर्क के प्रति आम आदमी का विश्वास और सम्मान कायम है। अंतराष्ट्रीय जर्नल […] Read more » India ranks second in terms of trust in scientists वैज्ञानिकों पर भरोसे के मामले में भारत दूसरे नंबर पर
मनोरंजन लेख विज्ञान एआई की दुनिया में डीपसीक की धूम January 31, 2025 / January 31, 2025 | Leave a Comment राजेश जैन पूरी दुनिया में एक नाम इन दिनों खूब चल रहा है- डीपसीक। यह एक चाइनीज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी है जिसने चैट जीपीटी जैसा ही पावर्ड चैटबॉट बनाया है। चीनी एआई डीपसीक ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। डीपसीक की वजह से अमेरिका के पसीने छूट रहे हैं। जनवरी में रिलीज़ होने […] Read more » DeepSeek DeepSeek in the world of AI DeepSeek's fame in the world of AI डीपसीक
कला-संस्कृति गुप्त नवरात्रि आज 30 जनवरी से, 8 दिन तक चलेगी विशेष साधना, देवी उपासना का मिलेगा पांच गुना फल January 30, 2025 / January 30, 2025 | Leave a Comment पं. शैलेन्द्र उपाध्याय आध्यात्मिक उन्नति और धार्मिक प्रगति का प्रभाव पूरे भारतवर्ष में देखने को मिलेगा – पं. शैलेन्द्र उपाध्याय माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक माघी गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। इस वर्ष गुप्त नवरात्रि 30 जनवरी से 6 फरवरी तक रहेगी। यह नवरात्रि देवी उपासकों और साधकों के […] Read more »
आर्थिकी राजनीति क्या बजट आम आदमी की उम्मीदों पर खरा उतरेगा? January 30, 2025 / January 30, 2025 | Leave a Comment ललित गर्ग केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार अपना आठवां बजट पेश करेंगी। यह केंद्रीय बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार का अपने तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण वित्तीय बजट होगा। इस बार के बजट से हर सेक्टर की बड़ी उम्मीदें टिकी हुई हैं, इस बजट की घोषणाओं से भविष्य […] Read more » Will the budget live up to the expectations of the common man? बजट
व्यंग्य फ्री फण्ड जनसेवा पार्टी January 30, 2025 / January 30, 2025 | Leave a Comment कस्तूरी दिनेश जैसे ही मुझे पता चला कि सुप्रसिद्ध राजनीतिज्ञ और समाजसेवी दामोदर भाई ने ठीक चुनाव के समय अपनी पुरानी पार्टी छोड़कर एक नई ‘फ्री फण्ड जनसेवा पार्टी’ का गठन किया है,वैसे ही पत्रकार होने के नाते मैं सबसे पहले उनका इंटरव्यू लेने उनके पार्टी ऑफिस पहुँच गया | अभी नई पार्टी […] Read more » फ्री फण्ड जनसेवा पार्टी
पर्यावरण लेख लॉस एंजेलेस में भीषण जंगल की आग: जलवायु परिवर्तन बना खलनायक January 29, 2025 / January 29, 2025 | Leave a Comment लॉस एंजेलेस में जनवरी 2025 की शुरुआत में लगी जंगल की आग ने इतिहास में सबसे विनाशकारी आग के रूप में अपनी छाप छोड़ी है। 28 लोगों की मौत, 10,000 से अधिक घरों का नष्ट होना, और लाखों लोगों का जहरीले धुएं से प्रभावित होना इस त्रासदी की भयावहता को दर्शाता है। वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन […] Read more » Climate change becomes the villain Massive wildfire in Los Angeles लॉस एंजेलेस में भीषण जंगल की आग
व्यंग्य दिल्ली-देवी से मुलाक़ात January 29, 2025 / January 29, 2025 | Leave a Comment कस्तूरी दिनेश कल शाम दिल्ली-देवी से मुलाक़ात हो गई |तुम हंस रहे हो …? अरे मजाक नहीं कर रहा हूँ भाई…!हमारे यहाँ वन-देवी,ग्राम देवी,कुल-देवी होती हैं कि नहीं…?गावों में चले जाओ,अक्सर वे घोड़े पर चढ़कर,बैल या शेर पर सवारी करके रात-बेरात लोगों को दिखाई पड़ती हैं कि नहीं ? तो दिल्ली-देवी से मुलाक़ात […] Read more » दिल्ली-देवी से मुलाक़ात
लेख डिजिटल अरेस्ट के अलावा भी ठगी के हो सकते हैं शिकार January 21, 2025 / January 21, 2025 | Leave a Comment विनय कुमार मिश्र आज हर कोई समझदार होशियार और जागरूक भी है लेकिन ठगा जा रहा है।जब हम ठग लिए जाते हैं तो हम भी लोग अंगुली उठाते हैं और सवाल करते हैं कि कैसे आप ठगा गए । साइबर अपराधी और ठगी करने वाले इतने होशियार चालाक होते हैं कि कोई भी उनके झांसे में आ सकता है. इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। साइबर क्राइम , ठगी धीरे-धीरे बढ़कर आज लोगों के लिए मुसीबत साबित हो रहा है। प्रत्येक जगह हर रोज सुनने, पढ़ने, देखने को मिल रहा है कि कोई डिजिटल अरेस्ट होकर इतनी हजार , लाख , करोड़ गंवा दिया तो किसी ने ऐप डाउनलोड करके इतने गवा दिया तो किसी ने लिंक खोलकर और किसी ने फाइल डाउनलोड कर इतने गंवा दिया । आजकल कई माध्यमों से लोगों को बहला , फुसलाकर, लालच, प्रलोभन देकर उनके साथ ठगी की जा रही है। लोग अभी एक मामले प्रकार की ठगी के विषय में जान समझ पाते हैं, तब तक एक नई प्रकार की ठगी के शिकार हो जाते हैं । सबसे आश्चर्य की बात यह है कि डिजिटल अरेस्ट के अलावा अन्य माध्यमों से ठगी का शिकार ज्यादा पढ़े लिखे लोगों के अलावा हाई प्रोफाइल लोग जैसे डॉक्टर , इंजीनियर , प्रोफेसर आदि जैसे लोग हो रहे हैं। अब तो लोगों को इससे जागरूक करने और होने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. फिर भी लोग हर दिन ठगी का शिकार हो रहे हैं । ठगी का शिकार होकर लोग जीवन भर की कमाई एक क्लिक और पल भर में गंवा दे रहे हैं । यह सब ऐसे सुनियोजित तरीके और माध्यम से किया जा रहा है जिसमें आप अपनी गवा चुकी रकम पुनः नहीं पा सकते हैं, एक दो मामले को छोड़कर। साइबर पुलिस आपके आवेदन पर मुकदमा दर्ज कर लेगी लेकिन रकम वापस नहीं हो पाएगी क्योंकि उस रकम का पता ही नहीं चलता है कि वह रकम कहां गई है । ऐसे मामले सभी के लिए सरदर्द बनते जा रहे हैं । इसलिए साइबर पुलिस लोगों को साइबर क्राइम , साइबर ठगी के विषय पर जागरूक कर रही है लेकिन फिर भी लोग अपनी नादानी की वजह से हर रोज ठगे जा रहे हैं । इसकी रोकथाम के लिए जरूरी है कि सावधानी बरतें , जागरूक रहें और जागरूकता फैलाएं भी । विभिन्न लोगों से जो इस मामले के जानकार हैं उनसे बातचीत करें, उनके विचार जाने , अखबार तथा जागरूकता के अन्य विभिन्न साधनों, बैठकों पर लोगों के विचार पड़े सुने देखें , किसी अनजान लिंक ऐप को ना खोले , ना किसी फाइल को डाउनलोड करें , सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय भी सावधानी रखें , सस्ते खरीदारी के चक्कर में जाकर कहीं पर अपनी गोपनीय जानकारी साझा ना करें , साइबर ठग विभिन्न माध्यमों से जैसे एप , फर्जी कॉल , फर्जी मेल , फर्जी लिंक आदि के साथ विभिन्न तरीके के लालच प्रलोभन आदि देते हैं कि आप उनके जाल में फंसे। हमारे यहां एक कहावत है कि लालच के बाप का नाम है चौपट। तो किसी भी प्रकार के लालच आदि में न पड़ें। कोई डराता धमकाता है तो उसकी काल पर मैसेज पर ध्यान न दें . उसे ब्लाक कर दें। अगर कोई बैंक का प्रतिनिधि होकर बात कर रहा है तो उससे कहें कि मैं बैंक आकर आपसे बात करुंगा , फोन पर मैं कोई भी जानकारी साझा नहीं करुंगा । याद रखें हमारी जागरूकता और होशियारी ही हमें बचाने के साथ साथ औरों को बचा पाएंगी तो होशियार जागरूक बनिए और जिम्मेदारी निभाईए। विनय कुमार मिश्र Read more » डिजिटल अरेस्ट
पर्यावरण लेख ट्रंप का दूसरा कार्यकाल और जलवायु परिवर्तन: क्या अब भी उम्मीद है? January 21, 2025 / January 21, 2025 | Leave a Comment 20 जनवरी, 2025 को ट्रंप फिर से राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं। ट्रंप के पहले कार्यकाल में जलवायु नीति पर जो रुख था, उससे यह साफ है कि उनके आने से अमेरिका में जलवायु परिवर्तन की दिशा में और मुश्किलें आ सकती हैं। उन्होंने पेरिस समझौते से बाहर निकलने का फैसला लिया था, […] Read more » Trump's second term and climate change: Is there still hope जलवायु परिवर्तन